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चंडीगढ़/ आस्था, संस्कृति और सामाजिक एकता के रंग में रंगा माँ जानकी सेवा समिति द्वारा आयोजित विश्वकर्मा पूजा समारोह

चंडीगढ़ ट्राइसिटी में श्रद्धालुओं ने लिया हिस्सा, शोभायात्रा और लंगर के साथ हुआ दो दिवसीय आयोजन का समापन

चंडीगढ़, 18 सितंबर 2026 : माँ जानकी सेवा समिति चंडीगढ़ ट्राइसिटी की ओर से भगवान विश्वकर्मा पूजा के उपलक्ष्य में आयोजित दो दिवसीय धार्मिक एवं सांस्कृतिक समारोह शुक्रवार को प्रतिमा विसर्जन एवं शोभायात्रा के साथ संपन्न हुआ। सेक्टर-45, बुड़ैल स्थित जंजघर में आयोजित इस समारोह में ट्राइसिटी के विभिन्न क्षेत्रों से आए श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

समारोह के पहले दिन 17 सितंबर को विधि-विधान से भगवान विश्वकर्मा की पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद शाम को आयोजित सांस्कृतिक संध्या में गीत-संगीत की प्रस्तुतियों ने माहौल को उत्सवमय बना दिया। गायक मिन्दू आनंद झा और गायिका कंचन चौधरी ने अपनी प्रस्तुतियों से लोगों का मनोरंजन किया।

स्वास्थ्य को लेकर श्रमिकों को किया जागरूक

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि कर्नल (डॉ.) डी.एन. झा (सेवानिवृत्त) ने श्रमिक एवं कामगार वर्ग के स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि मेहनतकश लोग परिवार और काम की जिम्मेदारियों के बीच कई बार अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता नहीं दे पाते। ऐसे में नियमित स्वास्थ्य जांच, संतुलित खान-पान और पर्याप्त आराम जरूरी है।

उन्होंने कहा कि स्वस्थ शरीर के बिना व्यक्ति अपनी पारिवारिक, सामाजिक और व्यावसायिक जिम्मेदारियों को प्रभावी ढंग से पूरा नहीं कर सकता। उन्होंने युवाओं को शिक्षा, कौशल विकास और अनुशासन के साथ आगे बढ़ने तथा समाज में सहयोग और भाईचारे की भावना मजबूत करने का संदेश दिया।

श्रम और हुनर के सम्मान का पर्व है विश्वकर्मा पूजा’

समिति के प्रधान ललित कुमार ने कहा कि विश्वकर्मा पूजा श्रम, तकनीक, हुनर और कर्म के प्रति सम्मान की भावना को मजबूत करने वाला पर्व है। उन्होंने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले अतिथियों, कलाकारों, समिति सदस्यों, श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के प्रति आभार जताया।

उन्होंने कहा कि माँ जानकी सेवा समिति का प्रयास धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों के जरिए समाज के लोगों को एकजुट करना और युवा पीढ़ी को अपनी परंपराओं से जोड़ना है। उन्होंने भविष्य में भी सामाजिक, धार्मिक, सांस्कृतिक और जनकल्याणकारी गतिविधियों को जारी रखने की बात कही।

जयकारों के बीच निकली शोभायात्रा

आयोजन के दूसरे दिन 18 सितंबर को दोपहर दो बजे भगवान विश्वकर्मा की प्रतिमा के विसर्जन को लेकर शोभायात्रा निकाली गई। श्रद्धालु धार्मिक उत्साह के साथ इसमें शामिल हुए। भगवान विश्वकर्मा के जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा।

दोनों दिनों श्रद्धालुओं और आगंतुकों के लिए समिति की ओर से लंगर की व्यवस्था की गई। बड़ी संख्या में लोगों ने सामूहिक रूप से लंगर प्रसाद ग्रहण किया।

आयोजन को सफल बनाने में समिति के प्रमुख सदस्यों ललित कुमार, रामप्रसाद सिंह, सकल देव यादव, रमेश, शिवनारायण, राजेंद्र प्रसाद, शिवजी राम, जोगिन्द्र, रामानंद, अरुण ठाकुर सहित अन्य सदस्यों और सहयोगियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

समिति की ओर से कहा गया कि आयोजन का उद्देश्य धार्मिक आस्था के साथ सांस्कृतिक विरासत, सामाजिक भाईचारे और सामुदायिक एकता को मजबूत करना था। समारोह के समापन पर समिति ने सभी श्रद्धालुओं, अतिथियों, कलाकारों, सहयोगियों और क्षेत्रवासियों का आभार व्यक्त किया।

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