देहरादून, 23 जुलाई 2026 : उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को मुख्यमंत्री आवास में पूर्व अपर सचिव आर.सी. लोहनी द्वारा लिखित पुस्तक ‘सेवा विधि’ का विमोचन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पुस्तक को सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए अत्यंत उपयोगी बताते हुए लेखक के प्रयासों की सराहना की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी सेवा में कार्यरत प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी का दायित्व है कि वह सत्यनिष्ठा, पारदर्शिता और पूर्ण समर्पण के साथ राज्य के विकास में योगदान दे। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रशासनिक व्यवस्था को प्रभावी, सरल और त्वरित बनाने के लिए नियमों एवं प्रक्रियाओं की सही जानकारी होना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड राज्य गठन के बाद अब तक ऐसी कोई पुस्तक उपलब्ध नहीं थी, जिसमें सरकारी सेवा से जुड़े नियम, संवैधानिक प्रावधान, शासनादेश तथा न्यायालयों के महत्वपूर्ण निर्णय एक ही स्थान पर सरल और व्यवस्थित रूप में संकलित हों। यह पुस्तक उस कमी को दूर करने का महत्वपूर्ण प्रयास है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘सेवा विधि’ केवल एक पुस्तक नहीं, बल्कि प्रदेश के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए एक व्यवहारिक मार्गदर्शिका है, जो उन्हें सेवाकाल के दौरान आवश्यक दिशा और मार्गदर्शन प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरी को सेवा इसलिए कहा जाता है क्योंकि सरकार के प्रतिनिधि के रूप में लिया गया प्रत्येक निर्णय समाज के अंतिम व्यक्ति तक प्रभाव डालता है।
उन्होंने कहा कि जब कोई अधिकारी या कर्मचारी किसी नागरिक की समस्या का समाधान करता है, किसी गरीब को उसका अधिकार दिलाता है या किसान, महिला, युवा और बुजुर्ग तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाता है, तब वह वास्तविक अर्थों में राष्ट्रसेवा करता है। इसलिए लोकसेवकों के लिए ईमानदारी के साथ-साथ नियमों, कानूनों और प्रक्रियाओं की गहरी समझ भी आवश्यक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने स्वयं ऐसे अधिकारियों को देखा है जो नियमों की भावना को समझते हुए जनहित के अनुरूप समाधान खोजते हैं। शासन का उद्देश्य केवल नियमों का पालन कराना नहीं, बल्कि जनता का जीवन सरल बनाना है। नियम व्यवस्था बनाए रखने के लिए होते हैं, लेकिन उनका अंतिम उद्देश्य जनकल्याण होना चाहिए।
पुस्तक के लेखक आर.सी. लोहनी ने बताया कि पुस्तक में सरकारी सेवाओं से संबंधित संवैधानिक व्यवस्थाओं, अधिनियमों, नियमों, विनियमों, शासनादेशों तथा उच्चतम न्यायालय एवं उच्च न्यायालयों के महत्वपूर्ण निर्णयों और सिद्धांतों को समाहित किया गया है।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, पूर्व अपर सचिव भूपेश तिवारी, जी.बी. ओली, रमेशचन्द्र शर्मा, हन्सादत्त पाण्डेय, पूर्व संयुक्त सचिव नवीन सिंह तडानी, डॉ. डी.एस. रावत, कर्नल (सेवानिवृत्त) शिव सहरावत, वैज्ञानिक (सेवानिवृत्त) पी.सी. वर्मा, उपायुक्त परिवहन सुनील शर्मा, अनुभाग अधिकारी दीपक जोशी, रणधीर अरोड़ा, पूरन सिंह रावत, अश्विनी सिंह नेगी, आर.सी.एस. बिष्ट, विकास श्रीवास्तव सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

















