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दरभंगा/ डीएमसीएच में न्यूरो सर्जरी और आईसीयू सेवा शुरू, अब गंभीर हेड इंजुरी के मरीजों को नहीं जाना पड़ेगा बाहर

सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में अत्याधुनिक ओटी का शुभारंभ, उद्घाटन के दिन ही बाइक हादसे में घायल मरीज की सफल न्यूरो सर्जरी

दरभंगा, 07 सितंबर 2026 : दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल (डीएमसीएच) में गंभीर हेड इंजुरी के मरीजों के लिए बड़ी राहत की शुरुआत हुई है। सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के पांचवें तल पर आईसीयू और न्यूरो सर्जरी विभाग के अत्याधुनिक ऑपरेशन थिएटर (ओटी) का विधिवत शुभारंभ कर दिया गया। आयुक्त, दरभंगा प्रमंडल एवं रोगी कल्याण समिति के अध्यक्ष हिमांशु कुमार राय तथा जिलाधिकारी एवं रोगी कल्याण समिति के उपाध्यक्ष कौशल कुमार ने फीता काटकर सेवाओं की शुरुआत की।

न्यूरो सर्जरी और आईसीयू की सुविधा शुरू होने के साथ ही सड़क दुर्घटनाओं में गंभीर रूप से घायल मरीजों को अब बेहतर उपचार के लिए दरभंगा से बाहर रेफर करने की जरूरत काफी कम हो जाएगी। दरभंगा के साथ आसपास के जिलों के मरीजों को भी विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में स्थानीय स्तर पर न्यूरो सर्जरी और गंभीर मरीजों के लिए आईसीयू उपचार मिल सकेगा।

उद्घाटन के दिन ही सफल ऑपरेशन, आईसीयू में भर्ती हुआ मरीज

नई व्यवस्था की शुरुआत के साथ ही डीएमसीएच में इसकी उपयोगिता भी सामने आ गई। बाइक दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल लक्ष्मण शर्मा, निवासी नवटोल, घनश्यामपुर का न्यूरो सर्जरी विभाग में सफल ऑपरेशन किया गया। हेड इंजुरी से पीड़ित मरीज की सर्जरी न्यूरो सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. भूवनजी झा के नेतृत्व में डॉ. वहाज और डॉ. संजय कुमार की टीम ने की।

ऑपरेशन में निश्चेतना विभागाध्यक्ष डॉ. (प्रो.) हरिदामोदर सिंह, डॉ. मनोज कुमार और डॉ. रविन्द्र कुमार झा ने आवश्यक चिकित्सा सहयोग दिया। सफल सर्जरी के बाद मरीज को चिकित्सकीय निगरानी के लिए आईसीयू में शिफ्ट किया गया।

‘अनावश्यक रेफर नहीं करें’, आयुक्त ने दिए सख्त निर्देश

सेवाओं के शुभारंभ के बाद आयुक्त हिमांशु कुमार राय ने अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि डीएमसीएच पहुंचने वाले प्रत्येक मरीज को गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध इलाज उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए।

उन्होंने चिकित्सकों और अधिकारियों को निर्देश दिया कि मरीजों को अनावश्यक रूप से रेफर न किया जाए और अस्पताल में उपलब्ध विशेषज्ञ चिकित्सकों तथा संसाधनों का अधिकतम उपयोग करते हुए मरीजों का उपचार यथासंभव डीएमसीएच में ही किया जाए।

आयुक्त ने दवाओं की समय पर उपलब्धता, चिकित्सकों की रोस्टर के अनुसार ड्यूटी, ओपीडी के नियमित संचालन और मरीजों के अटेंडेंट की सुविधाओं पर भी विशेष ध्यान देने को कहा।

साफ-सफाई से लेकर भोजन और पेयजल तक पर जोर

अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर आयुक्त ने बेडशीट और तकिया कवर प्रतिदिन बदलने, स्वच्छ पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था, मरीजों को पौष्टिक एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने तथा अस्पताल परिसर में बेहतर साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

इसके साथ ही पर्याप्त सुरक्षा गार्ड की उपलब्धता और बारिश के दौरान जलजमाव की समस्या के स्थायी समाधान पर भी जोर दिया गया। बीएमएसआईसीएल के माध्यम से मिलने वाली दवाओं की आपूर्ति और उपलब्धता समय पर सुनिश्चित करने का निर्देश भी दिया गया।

अब कैथलैब की बारी, जल्द शुरू होगी सेवा

डीएमसीएच में सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं को और मजबूत करने की दिशा में अगला बड़ा कदम कार्डियोलॉजी कैथलैब है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार कैथलैब शुरू करने की तैयारियां अंतिम चरण में हैं और जल्द ही यहां भी कार्य शुरू कर दिया जाएगा।

कैथलैब के शुरू होने के बाद गंभीर हृदय रोग से जूझ रहे मरीजों को भी डीएमसीएच में ही आवश्यक विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा मिलने लगेगी।

आईसीयू, न्यूरो सर्जरी ओटी और प्रस्तावित कैथलैब की शुरुआत को डीएमसीएच की स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। इससे न केवल दरभंगा बल्कि आसपास के कई जिलों के गंभीर मरीजों को समय पर उपचार मिलने की उम्मीद बढ़ी है।

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