चंडीगढ़, 30 जुलाई : इंसानियत और सामाजिक सरोकार की एक मार्मिक मिसाल पेश करते हुए चंडीगढ़ तमिल संगम ने 23 वर्षों से अपने परिवार से बिछड़े प्रकाश का उनकी मां सुंदरि और अन्य परिजनों से पुनर्मिलन कराया। इस भावुक मिलन ने वर्षों पुराने दर्द को खुशी में बदल दिया और उपस्थित लोगों की आंखें नम कर दीं।
जानकारी के अनुसार, वर्ष 2003 में पारिवारिक मतभेद के बाद प्रकाश तमिलनाडु के कोयम्बटूर स्थित अपना घर छोड़कर चले गए थे। समय के साथ उनका परिवार से संपर्क पूरी तरह टूट गया। बाद में वे पंजाब पहुंचे, जहां कठिन परिस्थितियों में जीवन व्यतीत करने के बाद वर्ष 2022 में अपना फ़र्ज़ सेवा सोसाइटी, पटियाला ने उन्हें आश्रय, उपचार और पुनर्वास उपलब्ध कराया।
परिवार की तलाश का अभियान हरियाणा विधानसभा के पूर्व सचिव सुभाष चंद्र और पत्रकार मुथैया के सतत प्रयासों से आगे बढ़ा। उन्होंने तमिलनाडु में प्रकाश के परिवार का पता लगाया। पंजाब और तमिलनाडु के प्रशासनिक अधिकारियों तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों के सहयोग से आखिरकार यह बहुप्रतीक्षित पुनर्मिलन संभव हो सका।
इस अवसर पर पंजाब के उच्च शिक्षा विभाग के आईएएस निदेशक अरविंद कुमार सहित कई प्रशासनिक अधिकारी, समाजसेवी और स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे। सभी ने इस पहल को मानवता और सामाजिक संवेदनशीलता का प्रेरणादायक उदाहरण बताया।
चंडीगढ़ तमिल संगम के महासचिव एस. पी. राजशेखरन ने कहा कि यह केवल एक परिवार का मिलन नहीं, बल्कि मानवता, आशा और करुणा की जीत है। उन्होंने कहा कि जब समाज, प्रशासन और स्वयंसेवी संस्थाएं मिलकर काम करती हैं, तो दशकों पुराने बिछड़े रिश्ते भी फिर से जुड़ सकते हैं।

















