ROTTO नॉर्थ, PGIMER ने ‘जुग जुग जियो अभियान’ के तहत किया आयोजन
चंडीगढ़, 2 सितंबर : रीजनल ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट ऑर्गनाइजेशन (ROTTO) नॉर्थ, PGIMER चंडीगढ़ की ओर से नियंत्रक संचार लेखा कार्यालय (CCA), दूरसंचार विभाग, संचार मंत्रालय, भारत सरकार, चंडीगढ़ में अंगदान जागरूकता सत्र आयोजित किया गया। कार्यक्रम भारत सरकार के राष्ट्रव्यापी ‘जुग जुग जियो अभियान’ के तहत हुआ।
कार्यक्रम में कुल 50 कर्मचारियों ने भाग लिया, जिनमें से 30 यानी 60 प्रतिशत प्रतिभागियों ने अंगदान का संकल्प लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को अंग एवं ऊतक दान के महत्व के बारे में जानकारी देना, इससे जुड़े भ्रम दूर करना और अंगदान को लेकर परिवारों में संवाद को बढ़ावा देना था।
कार्यक्रम में नियंत्रक संचार लेखा, पंजाब, दूरसंचार विभाग, संचार मंत्रालय, भारत सरकार, विजेंद्र नारायण टंडन ने सबसे पहले अंगदान का संकल्प लेकर उदाहरण पेश किया। उन्होंने कहा कि अंगदान मानवता की सेवा का महत्वपूर्ण माध्यम है। कार्यस्थल पर इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम कर्मचारियों को अंगदान के महत्व को समझने और इस नेक कार्य से जुड़ने के लिए प्रेरित करते हैं।
ROTTO नॉर्थ, PGIMER की कंसल्टेंट, IEC मीडिया सरयू डी. मदरा ने कहा कि सही जानकारी और सार्थक संवाद के जरिए लोगों को अंगदान के संबंध में सूचित एवं स्वैच्छिक निर्णय लेने के लिए प्रेरित किया जा सकता है। अंगदान का प्रभाव केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इससे अंग प्रत्यारोपण की प्रतीक्षा कर रहे व्यक्ति और उसके परिवार को नई उम्मीद मिलती है।
ROTTO नॉर्थ, PGIMER के नोडल अधिकारी डॉ. विजय टाडिया ने CCA कार्यालय के कर्मचारियों की भागीदारी की सराहना की। उन्होंने कहा कि 50 में से 30 लोगों का अंगदान का संकल्प लेना उत्साहजनक है। ये संकल्प किसी जरूरतमंद को जीवन का एक और अवसर देने की मानवीय सोच को दर्शाते हैं।
सत्र के दौरान अंगदान से जुड़े भ्रम, मिथकों और झिझक को दूर करने पर भी चर्चा हुई। प्रतिभागियों को अपने परिवार के सदस्यों से अंगदान की इच्छा के बारे में बातचीत करने के लिए प्रेरित किया गया, ताकि जरूरत पड़ने पर उनकी इच्छा को समझा और सम्मान दिया जा सके।
कार्यक्रम के अंत में प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने अंग एवं ऊतक दान से जुड़े विभिन्न सवाल पूछे। ROTTO नॉर्थ की टीम ने प्रतिभागियों की शंकाओं का समाधान करते हुए अंगदान की प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी दी।
कार्यक्रम में प्रतिभागियों से अपील की गई कि वे अंगदान का संदेश अपने परिवार, सहकर्मियों और समाज तक पहुंचाएं तथा स्वयं भी सूचित निर्णय लेकर इस जीवनदायी अभियान का हिस्सा बनें।

















