चण्डीगढ़, 28 जुलाई : पंजाब सरकार द्वारा वाहन रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (आरसी) ट्रांसफर प्रक्रिया में लागू किए गए नए नियमों का विरोध तेज हो गया है। ऑल इंडिया कार डीलर्स एसोसिएशन, चण्डीगढ़ ने नई व्यवस्था को अव्यावहारिक बताते हुए इसे वापस लेकर पुरानी एक- चरणीय प्रणाली बहाल करने की मांग की है। इस संबंध में एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने मोहाली की डिप्टी कमिश्नर डॉ. अंकिता कांसल के माध्यम से राज्य सरकार को ज्ञापन सौंपा।
एसोसिएशन के प्रतिनिधि ज्ञानेश्वर जैन (शैंकी) ने कहा कि पंजाब में पिछले तीन दशकों से कार कारोबार से जुड़े व्यापारी सरकार के सभी नियमों का पालन करते हुए व्यवसाय कर रहे हैं और राज्य के राजस्व में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। बाहरी राज्यों से खरीदे गए वाहनों पर पंजाब में निर्धारित टैक्स और शुल्क जमा किए जाते हैं, जिससे सरकार को लगातार आय प्राप्त होती है।
उन्होंने कहा कि आरसी ट्रांसफर की नई प्रक्रिया में एक ही कार्य को तीन अलग-अलग चरणों में पूरा करना होगा, जिससे वाहन खरीदारों और विक्रेताओं दोनों को अतिरिक्त समय, खर्च और औपचारिकताओं का सामना करना पड़ेगा। पहले से लंबित मामलों के और अधिक लंबा खिंचने की आशंका भी जताई गई है।
एसोसिएशन का कहना है कि यदि किसी वाहन पर बैंक का ऋण है तो पहले लोन हटाना, फिर आरसी ट्रांसफर कराना और उसके बाद दोबारा हाइपोथिकेशन दर्ज कराना होगा। इस पूरी प्रक्रिया में कई महीने लग सकते हैं, जिससे बैंक और वित्तीय संस्थान पुरानी गाड़ियों पर ऋण देने से बच सकते हैं। इसका सीधा असर पंजाब के यूज़्ड कार बाजार पर पड़ेगा।
ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि राज्य में लगभग 80 प्रतिशत नई और पुरानी गाड़ियों की खरीद फाइनेंस के माध्यम से होती है। यदि वित्तीय प्रक्रिया प्रभावित होती है तो वाहन कारोबार के साथ-साथ इससे जुड़े हजारों व्यापारियों, कर्मचारियों और अन्य लोगों की आजीविका पर भी असर पड़ सकता है। इसके अलावा, बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने की मजबूरी से आम लोगों की परेशानी बढ़ने और अनावश्यक भ्रष्टाचार की संभावना भी बढ़ सकती है।
एसोसिएशन ने सरकार का ध्यान इस ओर भी आकर्षित किया कि नई व्यवस्था से प्रशासनिक खर्च बढ़ेगा। पहले जहां एक वाहन के लिए केवल एक आरसी और एक स्मार्ट कार्ड जारी होता था, वहीं अब एक ही वाहन के लिए तीन बार आरसी और स्मार्ट कार्ड जारी करने की आवश्यकता पड़ सकती है।
ऑल इंडिया कार डीलर्स एसोसिएशन ने पंजाब सरकार से अपील की है कि नई आरसी ट्रांसफर नीति की व्यवहारिक समीक्षा कर पुरानी, सरल और उपभोक्ता हितैषी व्यवस्था को दोबारा लागू किया जाए, ताकि वाहन कारोबार और आम नागरिकों दोनों को अनावश्यक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।

















