केंद्र सरकार की 1,856.67 करोड़ रुपये की योजना का स्वागत, घरेलू उत्पादन, निर्यात और रोजगार को मिलेगा प्रोत्साहन
चंडीगढ़, 29 अक्टूबर 2026: केंद्र सरकार की खेल सामग्री निर्माण योजना को मंजूरी मिलने से पंजाब के खेल उद्योग के लिए विकास के नए रास्ते खुलने की उम्मीद है। विशेष रूप से जालंधर और लुधियाना के खेल सामग्री निर्माताओं को इस पहल से बड़ा लाभ मिल सकता है। जालंधर के खेल सामग्री निर्माता कुलवंत गुलाटी ने केंद्र सरकार के इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे देश के घरेलू खेल उपकरण उद्योग को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
कुलवंत गुलाटी ने कहा कि भारत में खेल सामग्री निर्माण की अपार संभावनाएं हैं और पंजाब लंबे समय से इस क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बनाए हुए है। केंद्र सरकार की नई योजना से स्थानीय निर्माताओं को आधुनिक तकनीक, बेहतर उत्पादन सुविधाओं और अंतरराष्ट्रीय स्तर की गुणवत्ता अपनाने का अवसर मिलेगा। इससे छोटे और मध्यम उद्योगों को भी अपने कारोबार का विस्तार करने में मदद मिल सकती है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में 28 अक्टूबर को मंजूर इस योजना पर वित्त वर्ष 2026-27 से 2033-34 तक 1,856.67 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसका लक्ष्य खेल उपकरणों के घरेलू निर्माण को बढ़ावा देना, विदेशी आयात पर निर्भरता घटाना और भारतीय उत्पादों की वैश्विक बाजार में हिस्सेदारी बढ़ाना है। योजना के तहत लगभग 6,800 करोड़ रुपये का निजी निवेश आकर्षित करने का भी लक्ष्य रखा गया है।
गुलाटी के अनुसार, योजना में पूंजी निवेश और कारोबार के आधार पर प्रोत्साहन देने के साथ-साथ अनुसंधान एवं विकास, कौशल प्रशिक्षण, अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाणन तथा औद्योगिक ढांचे के आधुनिकीकरण पर विशेष ध्यान दिया गया है। इससे खेल सामग्री निर्माताओं को उत्पादन लागत और गुणवत्ता के मोर्चे पर वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे बढ़ने में सहायता मिल सकती है।
उन्होंने कहा कि जालंधर और लुधियाना के उद्योगों के पास अनुभव, कुशल श्रमिक और स्थापित विनिर्माण नेटवर्क जैसी महत्वपूर्ण ताकतें हैं। यदि सरकारी प्रोत्साहनों का लाभ स्थानीय उद्यमियों तक प्रभावी ढंग से पहुंचता है तो पंजाब खेल सामग्री निर्माण और निर्यात के क्षेत्र में अपनी स्थिति और मजबूत कर सकता है। साथ ही नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना से युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
कुलवंत गुलाटी ने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार की यह पहल ‘मेक इन इंडिया’, ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘खेलो भारत नीति 2025’ के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि उद्योग जगत को इस योजना से जुड़कर आधुनिक उत्पादन तकनीक अपनाने और भारतीय खेल उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के प्रयास करने चाहिए।

















