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चंडीगढ़/ पराली जलाने से मुक्ति की दिशा में ट्राइडेंट ग्रुप की बड़ी पहल, पंजाब में 2,000 एकड़ तक पहुंचेगा अभियान

550 एकड़ भूमि चिह्नित, 202 एकड़ में पराली प्रबंधन का काम पूरा; किसानों को मशीनरी और सेवाएं मिल रहीं निशुल्क

चंडीगढ़, 29 अक्टूबर : धान की पराली जलाने से होने वाले वायु प्रदूषण पर अंकुश लगाने और किसानों को फसल अवशेषों के बेहतर प्रबंधन का विकल्प देने के उद्देश्य से ट्राइडेंट ग्रुप ने पंजाब में व्यापक अभियान शुरू किया है। समूह ने अपने ‘पराली समाधान कार्यक्रम 2026’ के तहत इस वर्ष 2,000 एकड़ कृषि भूमि में पराली प्रबंधन का लक्ष्य निर्धारित किया है। खास बात यह है कि इस पहल के तहत किसानों को पराली एकत्र करने और उसकी गांठें बनाने की सुविधा पूरी तरह निशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है।

ट्राइडेंट ग्रुप की सीएसआर इकाई ट्राइडेंट ह्यूमैनिटी फाउंडेशन के माध्यम से संचालित इस कार्यक्रम में बरनाला और आसपास के क्षेत्रों में अब तक लगभग 550 एकड़ कृषि भूमि को चिह्नित किया जा चुका है। इनमें से 202 एकड़ में पराली प्रबंधन का काम पूरा हो गया है, जबकि शेष 348 एकड़ में कार्य जारी है।

धान की कटाई के बाद अगली फसल की बिजाई के लिए किसानों के पास सीमित समय होता है। ऐसे में पराली का निपटान उनके लिए बड़ी चुनौती बन जाता है। इस समस्या को ध्यान में रखते हुए ट्राइडेंट ग्रुप ने किसानों को आधुनिक कृषि मशीनरी और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था की है। अभियान में रीपर और मल्चर से फसल अवशेषों को काटने तथा रेकर और बेलर की मदद से पराली को एकत्र कर उसकी गांठें बनाने का काम किया जा रहा है।

मशीनरी के साथ जागरूकता पर भी जोर

कार्यक्रम का उद्देश्य केवल खेतों से पराली हटाना नहीं, बल्कि किसानों की सोच और कृषि पद्धतियों में भी सकारात्मक बदलाव लाना है। इसके लिए वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान नुक्कड़ नाटकों, किसान संपर्क अभियानों और जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से किसानों को पराली जलाने से होने वाले नुकसान तथा इसके पर्यावरण अनुकूल विकल्पों की जानकारी दी जा रही है।

ट्राइडेंट ह्यूमैनिटी फाउंडेशन इससे पहले भी पंजाब में किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन के लिए कृषि मशीनरी और जरूरी संसाधन उपलब्ध कराता रहा है। कंपनी का मानना है कि पराली को बेकार अवशेष समझकर जलाने के बजाय उपयोगी संसाधन के रूप में इस्तेमाल करने की दिशा में प्रयास किए जाने चाहिए।

पर्यावरण संरक्षण के साथ जिम्मेदार खेती को बढ़ावा

ट्राइडेंट ग्रुप की यह पहल कंपनी अधिनियम, 2013 की अनुसूची VII के तहत संचालित सीएसआर कार्यक्रमों का हिस्सा है। यह संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों के अनुरूप जलवायु संरक्षण, बेहतर स्वास्थ्य, जिम्मेदार उत्पादन और भूमि पर जीवन के संरक्षण जैसे उद्देश्यों को भी आगे बढ़ाती है।

समूह का लक्ष्य किसानों को आर्थिक बोझ से बचाते हुए पराली प्रबंधन का व्यावहारिक विकल्प उपलब्ध कराना और सामूहिक प्रयासों से पंजाब को पराली जलाने की समस्या से मुक्त बनाने में योगदान देना है।

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