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अररिया/ 15 हजार कंठों से गूंजा ‘वन्दे मातरम्’, जोगबनी में दिखा राष्ट्रभक्ति का विराट स्वरूप

150 वर्ष पूरे होने पर 15 केंद्रों पर एक साथ हुआ सामूहिक गायन, तिरंगे के रंग में नजर आया सीमावर्ती शहर

वसीम राणा, जोगबनी (अररिया)

जोगबनी (अररिया), 25 सितंबर : राष्ट्रीय गीत ‘वन्दे मातरम्’ की रचना के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर गुरुवार को जोगबनी में बड़े पैमाने पर सामूहिक गायन का आयोजन किया गया। सुबह ठीक 11 बजे नगर और आसपास के विभिन्न क्षेत्रों में हजारों विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं स्थानीय नागरिकों ने एक साथ ‘वन्दे मातरम्’ का गायन किया। आयोजकों के अनुसार, इस कार्यक्रम में 15 हजार से अधिक लोगों ने भाग लिया।

विद्या भारती के अखिल भारतीय अभियान ‘नमामि भारतम्’ के तहत आयोजित कार्यक्रम का मुख्य केंद्र पटेलनगर स्थित राधा कृष्ण सरस्वती विद्या मंदिर रहा। इसके अलावा जोगबनी और आसपास के 15 प्रमुख केंद्रों पर भी सामूहिक गायन कराया गया। निर्धारित समय पर एक साथ राष्ट्रगीत के गायन से पूरा क्षेत्र देशभक्ति के नारों और तिरंगे से सराबोर नजर आया।

कार्यक्रम में विद्यार्थियों के साथ शिक्षक, सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक भी शामिल हुए। विभिन्न केंद्रों पर प्रतिभागियों ने अनुशासित ढंग से कतारबद्ध होकर राष्ट्रगीत का सामूहिक गायन किया। आयोजकों ने इसे जोगबनी में अब तक के बड़े सामूहिक आयोजनों में से एक बताया।

15 केंद्रों पर एक साथ आयोजन

सामूहिक गायन के लिए राधा कृष्ण सरस्वती विद्या मंदिर, माला मेमोरियल स्कूल, आदर्श मध्य विद्यालय, अपना पाठशाला पब्लिक स्कूल, डीएनपी स्कूल, डीएस मेमोरियल स्कूल, एमडीएस स्कूल, एमडीएमएस स्कूल, यूपीएस स्कूल, सेंट फ्रांसिस स्कूल, सनराइज चिल्ड्रेन एकेडमी मीरगंज, पुरानी जोगबनी स्थित संस्कार केंद्र, स्वास्तिक नगर स्थित संस्कार केंद्र, कुसमाहा हाट सहित अन्य सह-केंद्रों को शामिल किया गया।

पंडित दीनदयाल उपाध्याय को भी किया याद

इसी अवसर पर पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 110वीं जयंती भी मनाई गई। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने उनके चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित किए और उनके विचारों एवं एकात्म मानववाद के दर्शन को याद किया। शिक्षाविदों और नागरिकों ने कहा कि राष्ट्र की सांस्कृतिक चेतना, सामाजिक एकता और जनभागीदारी को मजबूत करने में ऐसे आयोजनों की महत्वपूर्ण भूमिका है।

रिकॉर्ड के लिए प्रक्रिया शुरू

आयोजकों के अनुसार, देश के विभिन्न स्थानों पर एक साथ आयोजित इस सामूहिक गायन अभियान को एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू की गई है। रिकॉर्ड से संबंधित अंतिम स्थिति संबंधित संस्थाओं की प्रक्रिया पूरी होने के बाद स्पष्ट होगी।

कार्यक्रम के समापन पर राधा कृष्ण सरस्वती विद्या मंदिर के प्रधानाचार्य विद्या नंद मंडल ने आयोजन में सहयोग देने वाले शिक्षकों, विद्यार्थियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं स्थानीय नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ‘नमामि भारतम्’ अभियान के माध्यम से राष्ट्रीय गीत के प्रति सम्मान और भारतीय सांस्कृतिक चेतना को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

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