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सुपौल को मिली मिडवाइफरी लेड केयर यूनिट, मातृ एवं नवजात स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा नया संबल

सदर अस्पताल में MLCU का जिलाधिकारी सावन कुमार ने किया उद्घाटन, 9 नवनियुक्त ममता कर्मियों को बांटे नियुक्ति पत्र

सुपौल, 11 सितंबर 2026 : मातृ एवं नवजात स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में सुपौल जिले को महत्वपूर्ण सौगात मिली है। सदर अस्पताल, सुपौल में मिडवाइफरी लेड केयर यूनिट (MLCU) का उद्घाटन जिला पदाधिकारी सुपौल सावन कुमार ने किया। इस अवसर पर सिविल सर्जन डॉ. बाबू साहब झा, उपाधीक्षक डॉ. नूतन वर्मा, जिला कार्यक्रम प्रबंधक बालकृष्ण चौधरी, अस्पताल प्रबंधक अभिनव आनंद सहित स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारी, कर्मी तथा Jhpiego, UNICEF और UNFPA के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

मिडवाइफरी लेड केयर यूनिट ऐसी विशेष स्वास्थ्य इकाई है, जहां कम जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं को गर्भावस्था, प्रसव और प्रसवोत्तर अवधि के दौरान प्रशिक्षित नर्स प्रैक्टिशनर इन मिडवाइफरी (NPM) की देखरेख में सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण, समग्र और सम्मानजनक देखभाल उपलब्ध कराई जाती है। इस मॉडल में महिलाओं की जरूरतों, पसंद और निर्णय को केंद्र में रखते हुए बेहतर प्रसव अनुभव उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाता है।

सामान्य प्रसव को मिलेगा बढ़ावा

उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए जिला पदाधिकारी सावन कुमार ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं जिले के समग्र विकास की आधारशिला हैं। सदर अस्पताल में मिडवाइफरी लेड केयर यूनिट की स्थापना से गर्भवती महिलाओं को बेहतर और सम्मानजनक प्रसव सेवाएं उपलब्ध होंगी। साथ ही सामान्य प्रसव को बढ़ावा मिलेगा और मातृ एवं नवजात स्वास्थ्य संकेतकों में सकारात्मक सुधार आने की उम्मीद है।

सिविल सर्जन डॉ. बाबू साहब झा ने कहा कि मिडवाइफरी लेड केयर यूनिट महिलाओं को सुरक्षित, सम्मानजनक और गुणवत्तापूर्ण प्रसव सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। यह इकाई जिले में मातृ एवं नवजात स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगी।

जिला कार्यक्रम प्रबंधक बालकृष्ण चौधरी ने कहा कि यह यूनिट गर्भावस्था और प्रसव के दौरान महिलाओं को अधिक व्यक्तिगत, सम्मानजनक और गुणवत्तापूर्ण देखभाल उपलब्ध कराने में सहायक होगी। इससे सामान्य प्रसव को बढ़ावा देने के साथ मातृ एवं नवजात स्वास्थ्य परिणामों में भी सुधार की उम्मीद है।

बिहार में तेजी से बढ़ रहा मिडवाइफरी कार्यक्रम

कार्यक्रम के दौरान बिहार में मिडवाइफरी सेवाओं की प्रगति और मातृ स्वास्थ्य सेवाओं में इसके योगदान की जानकारी दी गई। बताया गया कि भारत सरकार ने वर्ष 2018 में मिडवाइफरी पहल की शुरुआत की थी, जबकि बिहार में यह कार्यक्रम 2019 से संचालित है।

राज्य में वर्तमान में 4 स्टेट मिडवाइफरी ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट कार्यरत हैं। स्वास्थ्य संस्थानों में 57 नर्स प्रैक्टिशनर इन मिडवाइफरी सेवाएं दे रही हैं, जबकि 98 प्रशिक्षु वर्तमान में मिडवाइफरी का प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं। राज्य के विभिन्न जिलों में 12 मिडवाइफरी लेड केयर यूनिट संचालित हैं।

नर्स प्रैक्टिशनर इन मिडवाइफरी का प्रशिक्षण 18 माह का होता है। स्वास्थ्य विभाग के तकनीकी सहयोगी के रूप में Jhpiego राज्य सरकार के साथ मिलकर NPM के प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण, MLCU की स्थापना और सुदृढ़ीकरण तथा गुणवत्तापूर्ण मातृ स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देने में सहयोग कर रहा है।

कार्यक्रम में एक नर्स प्रैक्टिशनर इन मिडवाइफरी ने अपने प्रशिक्षण और सेवा अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि मिडवाइफरी प्रशिक्षण के बाद गर्भावस्था, प्रसव और प्रसवोत्तर अवधि में महिलाओं की देखभाल करने में आत्मविश्वास और दक्षता बढ़ी है। यह मॉडल महिलाओं की गरिमा, निर्णय और जरूरतों को प्राथमिकता देते हुए बेहतर प्रसव अनुभव सुनिश्चित करने में मदद करता है।

9 नवनियुक्त ममता कर्मियों को मिला नियुक्ति पत्र

कार्यक्रम के दौरान जिला पदाधिकारी सावन कुमार, सिविल सर्जन डॉ. बाबू साहब झा, उपाधीक्षक डॉ. नूतन वर्मा और जिला कार्यक्रम प्रबंधक बालकृष्ण चौधरी ने 9 नवनियुक्त ममता कर्मियों को नियुक्ति पत्र वितरित किया।

स्पोक-हब मॉडल से 83 प्रकार की जांच की सुविधा

इसी क्रम में राज्य स्वास्थ्य समिति की ओर से शुरू किए गए स्पोक एवं हब मॉडल के तहत संचालित लैब सेवा का भी शुभारंभ किया गया। इस व्यवस्था के माध्यम से जिले के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में आने वाले मरीजों के लिए कुल 83 प्रकार की जांच उपलब्ध कराई जाएगी।

स्वास्थ्य विभाग की यह पहल जांच सुविधाओं को मजबूत करने और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इससे स्वास्थ्य संस्थानों में जांच की सुविधा अधिक व्यवस्थित और सुलभ होगी तथा मरीजों को आवश्यक जांच के लिए अनावश्यक रूप से दूर जाने की जरूरत कम होगी।

कार्यक्रम के अंत में अस्पताल प्रबंधक अभिनव आनंद ने धन्यवाद ज्ञापन किया। इसके साथ ही कार्यक्रम का समापन हुआ।

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