✍🏽 राकेश कुमार, जोगबनी (अररिया)
फारबिसगंज (अररिया), 25 अगस्त : जोगबनी स्थित इंडियन कस्टम में कस्टम हाउस एजेंट (सीएचए) की पिछले दो दिनों से जारी हड़ताल का असर अब भारत-नेपाल सीमा से जुड़े मालवाहक परिवहन पर दिखाई देने लगा है। कस्टम क्लियरेंस का काम प्रभावित होने के कारण बाथनाहा-जोगबनी आईसीपी मार्ग पर बड़ी संख्या में मालवाहक वाहन कतार में खड़े हैं।
कस्टम संबंधी औपचारिकताएं पूरी नहीं होने के कारण ट्रकों की आवाजाही धीमी पड़ गई है। कई वाहन चालक घंटों से सड़क पर इंतजार करने को मजबूर हैं। इससे आईसीपी मार्ग पर वाहनों का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है और जाम जैसी स्थिति बनने की आशंका है।
सीएचए की हड़ताल का सीधा असर भारत-नेपाल के बीच होने वाले माल के आवागमन पर पड़ रहा है। यदि कस्टम क्लियरेंस की व्यवस्था जल्द सामान्य नहीं हुई तो आने वाले दिनों में ट्रकों की कतार और लंबी होने के साथ ही परिवहन कारोबारियों की परेशानी भी बढ़ सकती है।
वाहन चालकों और परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों का कहना है कि सीमा क्षेत्र में मालवाहक वाहनों की आवाजाही पहले से ही कस्टम प्रक्रिया पर निर्भर रहती है। ऐसे में क्लियरेंस का काम बाधित होने से वाहनों के संचालन का पूरा चक्र प्रभावित हो रहा है।
इधर, स्थानीय स्तर पर लोगों और परिवहन कारोबारियों ने प्रशासन से मामले में हस्तक्षेप कर स्थिति को जल्द सामान्य कराने की मांग की है। उनका कहना है कि भारत-नेपाल व्यापार की दृष्टि से महत्वपूर्ण जोगबनी सीमा पर लंबे समय तक ऐसी स्थिति बनी रही तो इसका प्रतिकूल असर व्यापार एवं परिवहन व्यवस्था पर पड़ सकता है।
फिलहाल आईसीपी मार्ग पर मालवाहक वाहनों की बढ़ती कतार को देखते हुए प्रशासन की सक्रियता और कस्टम क्लियरेंस व्यवस्था को जल्द सामान्य करना जरूरी माना जा रहा है।

















