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बिराटनगर/ मानवता की मिसाल: शर्मिला और उनके शिशु की मदद को पुनः आगे आया पारस अस्पताल

पांच साल तक बच्चे के इलाज का उठाएगा खर्च

डॉ. सफीउर रहमान टीम के साथ घर पहुंचे, खाद्यान्न, कपड़े, दवाइयां और 11 हजार रुपये की नकद सहायता सौंपी

विराटनगर, 10 अक्टूबर : आर्थिक और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रही सुनसरी जिले के कोशी गाउँपालिका–4 निवासी शर्मिला सदा ऋषिदेव और उनके शिशु के लिए पारस अस्पताल ने पुनः मदद का हाथ बढ़ाया है। अस्पताल ने न केवल परिवार को खाद्यान्न, दवाइयां, कपड़े और 11 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी, बल्कि मां और बच्चे के निःशुल्क उपचार की जिम्मेदारी भी ली है। अस्पताल ने शिशु के पांच वर्ष की आयु तक उसके संपूर्ण उपचार का खर्च उठाने की घोषणा की है।

घर पहुंचकर सौंपी राहत सामग्री और नकद राशि

पारस अस्पताल के चिकित्सक डॉ. सफीउर रहमान शनिवार शाम करीब 7:30 बजे अपनी टीम के साथ शर्मिला सदा ऋषिदेव के घर पहुंचे। वहां उन्होंने परिवार को दो महीने तक के लिए पर्याप्त खाद्यान्न सामग्री, मां और बच्चे के लिए आवश्यक दवाइयां, कपड़े तथा 11 हजार रुपये नकद सौंपे। अस्पताल की टीम ने परिवार की स्थिति को देखते हुए तत्काल राहत पहुंचाने की पहल की।

मां-बच्चे का निःशुल्क उपचार, पांच साल तक बच्चे की जिम्मेदारी

डॉ. सफीउर रहमान ने बताया कि शर्मिला और उनके बच्चे का निःशुल्क उपचार अगले दिन से पारस अस्पताल में शुरू किया जाएगा। उन्होंने शिशु को पांच वर्ष की आयु तक आवश्यक सभी उपचार सुविधाएं निःशुल्क उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता भी जताई। अस्पताल की इस घोषणा से परिवार को भविष्य में इलाज के खर्च की चिंता से राहत मिलने की उम्मीद है।

आर्थिक संकट से जूझ रहे परिवार को मिलेगी राहत

आर्थिक कठिनाइयों के बीच खाद्यान्न, कपड़े, दवाइयां और नकद सहायता मिलने से शर्मिला के परिवार को तत्काल राहत मिलेगी। वहीं, मां और बच्चे के उपचार की जिम्मेदारी उठाने के अस्पताल के फैसले को मानवीय पहल के रूप में देखा जा रहा है।

जरूरतमंद परिवार की सहायता के लिए डॉ. सफीउर रहमान और पारस अस्पताल की टीम की इस पहल की सराहना की जा रही है। अस्पताल की ओर से की गई सहायता से यह संदेश भी सामने आया है कि कठिन परिस्थितियों में जरूरतमंदों के साथ खड़ा होना समाज के प्रति एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।

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