मंदिर के आसपास वाहनों के प्रवेश पर रहेगा प्रतिबंध : श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था
कुर्साकांटा (अररिया), 2 अगस्त : श्रावणी सोमवारी एवं श्रावण पूर्णिमा के अवसर पर सुंदरनाथ धाम में श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और विधि-व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। शनिवार को जिलाधिकारी विनोद दूहन और पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार ने सुंदरनाथ धाम पहुंचकर तैयारियों का विस्तृत जायजा लिया तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान सुंदरनाथ धाम स्थित पर्यटन विभाग द्वारा कराए जा रहे विकास कार्यों का भी अवलोकन किया गया। इस अवसर पर सुंदरी मठ न्यास समिति के अध्यक्ष सह विधायक विजय कुमार मंडल, जिला प्रशासन के अधिकारी, जनप्रतिनिधि तथा समिति के सदस्य मौजूद रहे।
इसके बाद मंदिर परिसर स्थित कार्यालय कक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में श्रावणी सोमवारी एवं श्रावण पूर्णिमा के दौरान श्रद्धालुओं की संभावित भीड़, जलाभिषेक व्यवस्था, सुरक्षा प्रबंध तथा अन्य आवश्यक तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने मंदिर समिति से सभी व्यवस्थाओं की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को बेहतर समन्वय के साथ कार्य करने का निर्देश दिया।
जिलाधिकारी ने अनुमंडल पदाधिकारी एवं अंचलाधिकारी को कुर्साकांटा हत्ता चौक से रजौला चौक तक अतिक्रमण हटाने तथा सड़क की आवश्यक मरम्मत शीघ्र कराने के निर्देश दिए, ताकि श्रद्धालुओं के आवागमन में किसी प्रकार की कठिनाई न हो। उन्होंने जलाभिषेक व्यवस्था की भी समीक्षा करते हुए श्रद्धालुओं की सुविधा के अनुरूप सभी आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित करने को कहा।
जिलाधिकारी ने कहा कि सुंदरनाथ धाम में मंदिर समिति द्वारा सराहनीय कार्य किया जा रहा है और प्रशासन श्रद्धालुओं को सुरक्षित एवं सुगम दर्शन की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
वहीं पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा कि सभी श्रावणी सोमवारी एवं श्रावण पूर्णिमा के दिन मंदिर के समीप किसी भी प्रकार के वाहन के प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। दुपहिया और तीनपहिया वाहनों पर भी प्रतिबंध रहेगा। मंदिर के पूर्वी छोर स्थित सुंदरी टावर चौक तथा पश्चिमी छोर पर रजौला चौक के समीप बैरियर लगाकर वाहनों को रोका जाएगा। दोनों स्थानों पर दंडाधिकारी एवं पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती रहेगी। श्रद्धालुओं को निर्धारित स्थान से पैदल मंदिर तक पहुंचकर पूजा-अर्चना एवं जलाभिषेक करना होगा।
निरीक्षण एवं समीक्षा बैठक में अनुमंडल पदाधिकारी अररिया, पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय), प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी, मंदिर समिति के सदस्य, संबंधित विभागों के अधिकारी, पुलिस पदाधिकारी तथा अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

















