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चंडीगढ़/ 51 वर्षों से अटूट आस्था की परंपरा बरकरार रखते हुए कायस्थ सभा ने मनाया भगवान श्री चित्रगुप्त जी की मूर्ति स्थापना दिवस

चंडीगढ़, 24 जुलाई : आस्था, परंपरा और सामाजिक एकजुटता का अनूठा संगम बुधवार को उस समय देखने को मिला जब कायस्थ सभा चंडीगढ़ ने इंडस्ट्रियल एरिया फेज-2 स्थित शिव मानस मंदिर में भगवान श्री चित्रगुप्त जी का मूर्ति स्थापना दिवस श्रद्धा एवं उत्साह के साथ मनाया। इस वर्ष मूर्ति स्थापना पूजा के 51वें वर्ष के उपलक्ष्य में विशेष धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।

कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चारण, हवन एवं भजन-कीर्तन से हुई। श्रद्धालुओं ने भगवान श्री चित्रगुप्त जी की विधिवत पूजा-अर्चना कर परिवार, समाज और राष्ट्र की खुशहाली की कामना की। पूरे मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया था, जिससे आयोजन का आध्यात्मिक वातावरण और भी मनोहारी बन गया।

कायस्थ सभा चंडीगढ़ के अध्यक्ष टी. पी. श्रीवास्तव ने बताया कि भगवान श्री चित्रगुप्त जी की प्रतिमा स्थापना के बाद से पिछले 50 वर्षों से यह परंपरा निरंतर निभाई जा रही है। 51वें वर्ष में प्रवेश के अवसर पर विशेष पूजा, धार्मिक अनुष्ठान और समाज के लोगों के मिलन का आयोजन किया गया, जिससे नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत से जोड़ने का भी प्रयास किया गया।

धार्मिक अनुष्ठानों के बाद श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरित किया गया तथा विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। लगभग 500 श्रद्धालुओं एवं आम नागरिकों ने प्रसाद ग्रहण किया। सभा की ओर से यह संदेश भी दिया गया कि धार्मिक आयोजन केवल पूजा तक सीमित नहीं हैं, बल्कि समाज में सेवा, सहयोग और सद्भाव की भावना को मजबूत करने का भी माध्यम हैं।

इस अवसर पर बी. के. श्रीवास्तव, मृदुला श्रीवास्तव, विजेश सिन्हा, एस. पी. श्रीवास्तव, सेवानिवृत्त वरिष्ठ आईएएस बी. के. श्रीवास्तव, सेवानिवृत्त वरिष्ठ आईपीएस पी. लाल, आलोक श्रीवास्तव, अंजलि श्रीवास्तव, चंद्रशेखर श्रीवास्तव, संजीव कुमार, मनीष निगम, आर. के. शिकोरिया सहित कायस्थ समाज के अनेक गणमान्य सदस्य एवं चित्रांश परिवार उपस्थित रहे।

समारोह का समापन भगवान श्री चित्रगुप्त जी की आरती के साथ हुआ। उपस्थित श्रद्धालुओं ने समाज में एकता, भाईचारे, संस्कारों और सामाजिक समरसता को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।

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