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चंडीगढ़/ प्रधानमंत्री की यात्रा से पहले पीजीआईएमईआर ने दिखाई भविष्य के स्वास्थ्य व्यवस्था की झलक

17 जुलाई को प्रधानमंत्री करेंगे लोकार्पण व शिलान्यास

₹1200 करोड़ की परियोजनाओं से उत्तर भारत को मिलेंगी विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं

चंडीगढ़ : पोस्टग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (पीजीआईएमईआर), चंडीगढ़ ने सोमवार को आयोजित विशेष मीडिया संवाद में 17 जुलाई को प्रस्तावित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा के दौरान राष्ट्र को समर्पित होने वाली स्वास्थ्य अवसंरचना परियोजनाओं की विस्तृत जानकारी साझा की। संस्थान ने इसे पीजीआईएमईआर के इतिहास में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार का एक नया अध्याय बताया।

पीजीआईएमईआर के निदेशक प्रो. विवेक लाल ने कहा कि आगामी परियोजनाएं केवल भवन निर्माण तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उत्तर भारत के करोड़ों लोगों को अधिक आधुनिक, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में परिवर्तनकारी पहल हैं। उन्होंने कहा कि संस्थान का सर्वोच्च उद्देश्य हमेशा रोगी सेवा रहा है और भविष्य में भी यही इसकी प्राथमिकता बनी रहेगी।

प्रधानमंत्री 17 जुलाई को एडवांस्ड मदर एंड चाइल्ड सेंटर (AMCC) तथा एडवांस्ड न्यूरोसाइंसेज सेंटर (ANC) का उद्घाटन करेंगे। इसके साथ ही प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन के तहत 150 बिस्तरों वाले अत्याधुनिक क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल ब्लॉक की आधारशिला भी रखेंगे। लगभग ₹1200 करोड़ की इन परियोजनाओं से उपचार, चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान की क्षमताओं में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

प्रो. लाल ने बताया कि ₹505 करोड़ की लागत से निर्मित एडवांस्ड मदर एंड चाइल्ड सेंटर में 300 बिस्तरों की व्यवस्था, आधुनिक एनआईसीयू, मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर और मातृ एवं नवजात स्वास्थ्य सेवाएं एक ही परिसर में उपलब्ध होंगी। इससे उच्च जोखिम वाली गर्भावस्थाओं और नवजात शिशुओं के उपचार में संस्थान की क्षमता और मजबूत होगी।

उन्होंने बताया कि इन्फोसिस फाउंडेशन ने इस केंद्र के लिए अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरण उपलब्ध कराने हेतु ₹147 करोड़ का सहयोग दिया है। उनके अनुसार सार्वजनिक और निजी क्षेत्र की यह साझेदारी स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को नई ऊंचाई प्रदान करेगी।

मीडिया ब्रीफिंग में बताया गया कि 300 बिस्तरों वाला एडवांस्ड न्यूरोसाइंसेज सेंटर न्यूरोलॉजी, न्यूरोसर्जरी, न्यूरोरेडियोलॉजी, न्यूरोएनेस्थीसिया, न्यूरोक्रिटिकल केयर तथा पुनर्वास जैसी सभी प्रमुख सेवाओं को एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराएगा। 61 आईसीयू बेड, अत्याधुनिक ऑपरेशन थिएटर और आधुनिक जांच सुविधाओं से लैस यह केंद्र जटिल न्यूरोलॉजिकल रोगों के उपचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा जिस 150 बिस्तरों वाले क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल ब्लॉक की आधारशिला रखी जाएगी, उसका निर्माण लगभग ₹244 करोड़ की लागत से होगा। कोविड-19 महामारी से मिले अनुभवों को ध्यान में रखते हुए विकसित की जा रही यह सुविधा भविष्य की आपात स्वास्थ्य चुनौतियों से निपटने में महत्वपूर्ण साबित होगी।

प्रो. विवेक लाल ने कहा कि पीजीआईएमईआर में मरीजों की लगातार बढ़ती संख्या इस संस्थान के प्रति लोगों के विश्वास का प्रतीक है। इसी विश्वास को बनाए रखने के लिए संस्थान निरंतर अपनी स्वास्थ्य सुविधाओं और आधारभूत संरचना का विस्तार कर रहा है।

उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से अब आर्थिक रूप से कमजोर मरीज भी जटिल सर्जरी, कैंसर उपचार, अंग प्रत्यारोपण और अन्य उन्नत चिकित्सा सेवाओं का लाभ उठा रहे हैं। साथ ही पीजीआईएमईआर की अमृत फार्मेसियों के जरिए कई महंगी दवाएं बेहद कम कीमत पर उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे मरीजों का आर्थिक बोझ काफी कम हुआ है।

निदेशक ने भारत सरकार तथा केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के सहयोग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए विश्वास जताया कि ये नई परियोजनाएं पीजीआईएमईआर को रोगी सेवा, चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान और आपदा-तैयारी के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगी।

मीडिया संवाद में डीन (अकादमिक) प्रो. संजय जैन, उपनिदेशक (प्रशासन) पंकज राय, चिकित्सा अधीक्षक प्रो. अशोक कुमार सहित संस्थान के विभिन्न विभागों के वरिष्ठ चिकित्सक एवं अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में आयोजित संवाद सत्र में मीडिया प्रतिनिधियों के प्रश्नों का विस्तार से उत्तर दिया गया।

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