चंडीगढ़/ पंजाब :आज के दौर में साइबर सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन, आर्थिक अस्थिरता और वैश्विक जोखिमों के बढ़ते प्रभाव के बीच जोखिम प्रबंधन (रिस्क मैनेजमेंट) की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण होती जा रही है। इसी दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए इंस्टीट्यूट ऑफ रिस्क मैनेजमेंट (आई.आर.एम.) इंडिया एफिलिएट ने चितकारा यूनिवर्सिटी, पंजाब में एंटरप्राइज रिस्क मैनेजमेंट (ई.आर.एम.) का नया ग्लोबल सेंटर स्थापित किया है।
उत्तर भारत में अपनी तरह के इस महत्वपूर्ण केंद्र का उद्देश्य छात्रों और पेशेवरों को वैश्विक स्तर की शिक्षा, शोध और व्यावहारिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराना है। यह केंद्र युवाओं को आधुनिक व्यापारिक और तकनीकी चुनौतियों को समझने तथा जोखिमों का प्रभावी प्रबंधन करने में सक्षम बनाएगा।
केंद्र का उद्घाटन आई.आर.एम. इंडिया रीजनल ग्रुप के चेयरमैन राजीव तन्ना ने किया। इस अवसर पर उद्योग और शिक्षा जगत की कई प्रतिष्ठित हस्तियां उपस्थित रहीं। कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने बदलते वैश्विक परिदृश्य में रिस्क मैनेजमेंट की आवश्यकता और उसके बढ़ते महत्व पर अपने विचार साझा किए।
चितकारा यूनिवर्सिटी के चांसलर डॉ. अशोक के. चितकारा ने कहा कि केवल शैक्षणिक ज्ञान पर्याप्त नहीं है, बल्कि बदलते हालात में सही निर्णय लेने की क्षमता विकसित करना भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यह केंद्र भविष्य के ऐसे नेतृत्वकर्ताओं को तैयार करेगा, जो जटिल परिस्थितियों का प्रभावी समाधान निकाल सकें।
आई.आर.एम. इंडिया एफिलिएट के सीईओ हर्ष शाह ने कहा कि वर्तमान समय में रिस्क इंटेलिजेंस किसी भी संस्थान या नेतृत्व क्षमता की मूल आवश्यकता बन गई है। उन्होंने कहा कि यह पहल छात्रों को भविष्य की चुनौतियों के लिए बेहतर ढंग से तैयार करेगी।
विशेषज्ञों के अनुसार यह पहल पंजाब को एंटरप्राइज रिस्क मैनेजमेंट शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में नई पहचान देने के साथ-साथ भारतीय उच्च शिक्षा को वैश्विक मानकों से जोड़ने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

















