फारबिसगंज (अररिया) : फारबिसगंज व्यवहार न्यायालय परिसर में क्रिमिनल कोर्ट के शीघ्र संचालन की मांग को लेकर अधिवक्ताओं का आंदोलन सोमवार को लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा। बार एसोसिएशन एवं एडवोकेट एसोसिएशन के संयुक्त नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने न्यायालय परिसर एवं मुख्य प्रवेश द्वार पर शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन कर अपनी मांगों को बुलंद किया।
अधिवक्ताओं ने कहा कि फारबिसगंज अनुमंडल क्षेत्र की बड़ी आबादी वर्षों से स्थानीय स्तर पर क्रिमिनल कोर्ट के संचालन की प्रतीक्षा कर रही है, लेकिन अब तक इसका कार्यारंभ नहीं हो सका है। इसका सीधा असर आम लोगों पर पड़ रहा है, जिन्हें न्याय प्राप्त करने के लिए अतिरिक्त समय, धन और श्रम खर्च करना पड़ रहा है।
धरना के दौरान अधिवक्ताओं ने सरकार और न्यायिक प्रशासन से नव-निर्मित 10 कोर्ट कक्ष वाले भवन का अविलंब उद्घाटन करने तथा फारबिसगंज में क्रिमिनल कोर्ट के नियमित संचालन की मांग की। साथ ही न्यायालय परिसर में आवश्यक आधारभूत सुविधाओं के विस्तार, सिविल कोर्ट में फ्रैंकिंग मशीन लगाने तथा अधिवक्ताओं के लिए वकालतखाना निर्माण हेतु भूमि उपलब्ध कराने की भी मांग उठाई गई।
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेशचंद्र वर्मा ने कहा कि यह आंदोलन किसी व्यक्तिगत हित से जुड़ा नहीं है, बल्कि क्षेत्र के लाखों न्यायार्थियों को सस्ता, सुलभ एवं त्वरित न्याय उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि न्यायिक सुविधाओं के विस्तार से न्याय व्यवस्था अधिक प्रभावी और जनसुलभ बन सकेगी।
युवा अधिवक्ता राहुल रंजन ने कहा कि वर्तमान में आपराधिक मामलों के लिए क्षेत्र के लोगों को अररिया न्यायालय पर निर्भर रहना पड़ता है, जिससे वादकारियों को आर्थिक और मानसिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। लंबे समय से उठाई जा रही इस मांग पर अब तक ठोस कार्रवाई नहीं होना चिंता का विषय है।
धरना के दौरान अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्यों का भी निर्वहन किया और एकजुटता के साथ अपनी मांगों को दोहराया। आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही क्रिमिनल कोर्ट का संचालन शुरू नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक स्वरूप दिया जाएगा।
इस मौके पर बार एसोसिएशन एवं एडवोकेट एसोसिएशन के कई पदाधिकारी और बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में मांगों के समाधान तक आंदोलन जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया।

















