Image

बेटी दिवस विशेष कविता/ बेटियां

हरेन्द्र सिन्हा, पटना / चंडीगढ़

बेटियां, बेटियां, बेटियां, बेटियां,
घर की आन,बान ,शान होती हैं बेटियां ।
जब भी मां बाप पर कभी मुसीबत पड़े,
सबसे पहले पहुंच जाती हैं बेटियां ।

चाहे शहर, देश, दुनिया की बातें करें,
चारों ओर परचम लहराती बेटियां ।
गीत, संगीत चाहे नौकरी की बात हो,
सबसे पहले पहुंच जाती हैं बेटियां ।

साहित्य, संस्कृति या कि राजनीति हो,
हर जगह छा गईं हैं, घर घर की बेटियां ।
खेलकूद, विश्व के ओलिम्पियाड में,
देश का नाम रौशन करती हैं बेटियां ।

उनके जीवन में कभी भी अंधेरा न हो,
हर समय झिलमिलाती रहें बेटियां ।
मां, बाप के घर से जब भी ससुराल जावें,
वहां भी सदा खिलखिलाती रहें बेटियां ।

घर, परिवार या देश की बात हो,
हर क्षेत्र में उड़ान भरती रहें बेटियां ।
फुलों की खुशबू से हो भरा उनका जीवन,
हर पल मुस्कुराती रहें बेटियां ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *