वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. मुनेश्वर शाह बने मेडिकल डायरेक्टर
गरीब मरीजों एवं पत्रकारों के लिए मुफ्त इलाज की घोषणा
बिराटनगर (नेपाल), 17 जुलाई : भारत-नेपाल सीमा के निकट स्थित पारस हॉस्पिटल, बिराटनगर में शुक्रवार को एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य दिल्ली के प्रतिष्ठित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) से प्रशिक्षित वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. बिमलेश यादव का अस्पताल परिवार में स्वागत करना था। इस अवसर पर अस्पताल के चिकित्सकों, प्रबंधन एवं कर्मचारियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
डॉ. बिमलेश यादव ने बीपी कोइराला इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ साइंसेज (बीपीकेआईएचएस), धरान से एमबीबीएस तथा एम्स, नई दिल्ली से इंटरनल मेडिसिन में एमडी की उपाधि प्राप्त की है। उनके पारस हॉस्पिटल से जुड़ने के बाद अब बिराटनगर के साथ-साथ भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र के मरीजों को एम्स से प्रशिक्षित विशेषज्ञ चिकित्सक की सेवाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होंगी। इससे गंभीर एवं जटिल बीमारियों के उपचार के लिए दूर-दराज के बड़े शहरों पर निर्भरता कम होने की उम्मीद है।
कार्यक्रम के दौरान अस्पताल प्रबंधन ने एक अन्य महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. मुनेश्वर शाह को मेडिकल डायरेक्टर नियुक्त किए जाने की जानकारी दी। प्रबंधन ने विश्वास जताया कि उनके नेतृत्व और अनुभव से अस्पताल की चिकित्सा सेवाएं और अधिक प्रभावी तथा सुदृढ़ होंगी।
अस्पताल के चेयरमैन डॉ. सफीउर रहमान ने कहा कि पारस हॉस्पिटल का उद्देश्य केवल उपचार उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों तक गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक एवं सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है। उन्होंने बताया कि अस्पताल भारत-नेपाल सीमा के समीप स्थित होने के कारण यहां आने वाले लगभग 80 प्रतिशत मरीज बिहार के विभिन्न जिलों से आते हैं।
उन्होंने कहा कि अस्पताल में आर्थिक रूप से कमजोर एवं वंचित मरीजों को उपचार में विशेष रियायतें दी जाती हैं तथा कई जरूरतमंद मरीजों का निःशुल्क इलाज भी किया जाता है। इसी क्रम में उन्होंने पत्रकारों एवं अत्यंत गरीब मरीजों के लिए मुफ्त इलाज की विशेष घोषणा की। उन्होंने कहा कि समाज के हर वर्ग तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना पारस हॉस्पिटल की प्राथमिकता है।
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, पारस हॉस्पिटल पिछले लगभग तीन वर्ष सात महीने से लगातार आमजन की सेवा में समर्पित है। आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं, अनुभवी विशेषज्ञ चिकित्सकों और मरीज-केंद्रित सेवाओं के कारण अस्पताल ने सीमावर्ती क्षेत्रों में अपनी अलग पहचान बनाई है।
डॉ. बिमलेश यादव के जुड़ने के साथ अस्पताल की टीम का विस्तार हुआ है और अब अस्पताल में चिकित्सकों एवं कर्मचारियों की कुल संख्या 135 से बढ़कर 136 हो गई है।
कार्यक्रम में उपस्थित चिकित्सकों एवं अस्पताल कर्मियों ने विश्वास व्यक्त किया कि डॉ. बिमलेश यादव के अनुभव से अस्पताल की चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता और मजबूत होगी तथा सीमावर्ती क्षेत्रों के हजारों मरीजों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। अस्पताल प्रबंधन ने कहा कि भविष्य में भी विशेषज्ञ चिकित्सकों को जोड़कर स्वास्थ्य सेवाओं का लगातार विस्तार किया जाएगा।

















