जय मधुसूदन जय श्रीकृष्ण फाउंडेशन ने शुरू किए ‘पर्यावरण दूत’, ‘पर्यावरण प्रेमी’ और ‘पर्यावरण मित्र’ सम्मान
चंडीगढ़, 18 अक्टूबर : पर्यावरण संरक्षण और संवर्धन के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से जय मधुसूदन जय श्रीकृष्ण फाउंडेशन की ओर से 100वीं पर्यावरण पाठशाला का सफल आयोजन आदर्श बाल विद्यापीठ, सेक्टर-47 सी, चंडीगढ़ में किया गया। इस विशेष आयोजन के माध्यम से विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण, नैतिक मूल्यों और सदाचारी जीवन के प्रति जागरूक करने का संदेश दिया गया।
विद्यालय की प्रधानाध्यापिका शुभलक्ष्मी पी. दुर्गा ने बताया कि कार्यक्रम के संयोजक पर्यावरण सेवक प्रभुनाथ शाही रहे। कार्यक्रम में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), कानपुर के सेवानिवृत्त प्रोफेसर डॉ. के.के. शर्मा और तृप्ता शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुए। विद्यालय परिवार की ओर से अतिथियों का पौधा भेंट कर स्वागत किया गया।
कार्यक्रम का संचालन विद्यार्थियों ने बेहद सुव्यवस्थित ढंग से किया। इस दौरान विद्यार्थियों ने फाउंडेशन की ओर से पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों और सदाचारी जीवन के महामंत्र पर अपने विचार प्रस्तुत किए। कार्यक्रम में विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी ने पर्यावरण के प्रति जागरूकता और सामाजिक जिम्मेदारी का प्रेरक संदेश दिया।
विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए डॉ. के.के. शर्मा और तृप्ता शर्मा ने उन्हें अच्छा इंसान बनने, सत्य के मार्ग पर चलने तथा जीवन में नैतिक मूल्यों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता और अच्छे संस्कारों के महत्व पर भी जोर दिया।
तीन श्रेणियों में शुरू होंगे पर्यावरण सम्मान
फाउंडेशन के संस्थापक एवं पर्यावरण पाठशाला के संयोजक पर्यावरण सेवक प्रभुनाथ शाही ने इस अवसर पर घोषणा की कि पर्यावरण संरक्षण के लिए समर्पित व्यक्तियों और विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से फाउंडेशन ने तीन सम्मान—‘पर्यावरण दूत’, ‘पर्यावरण प्रेमी’ और ‘पर्यावरण मित्र’—शुरू किए हैं। इस पहल का उद्देश्य पर्यावरण के प्रति समर्पित लोगों के योगदान को पहचान देना और अधिक से अधिक लोगों को प्रकृति संरक्षण के अभियान से जोड़ना है।
डॉ. के.के. शर्मा और प्रधानाध्यापिका शुभलक्ष्मी पी. दुर्गा ने 100वीं पर्यावरण पाठशाला के सफल आयोजन के लिए जय मधुसूदन जय श्रीकृष्ण फाउंडेशन की सराहना की। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय परिवार की ओर से सभी अतिथियों, सहयोगियों और आयोजन को सफल बनाने में योगदान देने वाले लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।
100वीं पर्यावरण पाठशाला का यह आयोजन पर्यावरण संरक्षण को जन-आंदोलन बनाने और नई पीढ़ी में प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी, सदाचार तथा सकारात्मक जीवन मूल्यों को विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल रहा।

















