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अररिया/ जनता दरबार में 125 मामलों की हुई सुनवाई : जिलाधिकारी ने समयबद्ध निष्पादन के दिए निर्देश

अररिया, 21 अगस्त 2026 : बिहार सरकार के सात निश्चय-3.0 के अंतर्गत संचालित “सबका सम्मान–जीवन आसान” कार्यक्रम के तहत शुक्रवार को समाहरणालय परिसर में जिला पदाधिकारी अररिया विनोद दूहन की अध्यक्षता में जनता दरबार का आयोजन किया गया। जनता दरबार में जिले के विभिन्न प्रखंडों से पहुंचे आमजनों ने अपनी व्यक्तिगत एवं सार्वजनिक समस्याओं से संबंधित आवेदन जिला पदाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किए। इस दौरान कुल 125 मामलों की सुनवाई की गई।

जनता दरबार में जिला पदाधिकारी ने आमजनों की समस्याओं को गंभीरतापूर्वक सुना तथा संबंधित पदाधिकारियों को प्राप्त शिकायतों एवं आवेदनों का समयबद्ध, निष्पक्ष एवं प्रभावी निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

जनता दरबार में स्वालदह, रैवाही, नरपतगंज निवासी आजरून खातून ने अवैध रूप से नामांकन वाद स्वीकृत करने के संबंध में आवेदन दिया। वहीं सोहागपुर, पलासी निवासी मुकेश कुमार ने बंदोबस्ती परवाना दिलाने की मांग की। बलुआ कलियागंज, पलासी निवासी उर्मिला देवी ने कर्मचारी द्वारा जमाबंदी खोलने एवं रसीद नहीं काटे जाने से संबंधित शिकायत प्रस्तुत की। अमोना, फारबिसगंज निवासी रेहानी आजमी ने आंगनवाड़ी चयन अपील के बाद गलत रिपोर्ट दिए जाने के संबंध में आवेदन दिया।

रघुनाथपुर उत्तर, भरगामा निवासी मिथिलेश कुमार ने अवैध रूप से जन वितरण प्रणाली की अनुज्ञप्ति प्राप्त करने के संबंध में शिकायत की। मधुलता, रानीगंज निवासी जितेंद्र कुमार गुप्ता ने इंडेक्स एवं ऑनलाइन वॉल्यूम उपलब्ध नहीं रहने से संबंधित समस्या रखी। इसी प्रकार फुलवारी जमुआ, अररिया निवासी आयुष आनंद ने श्री राधा कृष्ण ठाकुर की भूमि की बिक्री पर रोक लगाने एवं मामले की निष्पक्ष जांच कराने का अनुरोध किया।

बैरगाछी, अररिया निवासी मो. जूली उर्फ जुलेखा ने बासगीत पर्चा की भूमि पर दखल देने से संबंधित शिकायत की। नगर परिषद फारबिसगंज निवासी देवनारायण सिंह ने कर्मचारी द्वारा खेसरा में सुधार नहीं किए जाने की शिकायत की। वहीं किरकिचिया, फारबिसगंज निवासी फिरदौस खातून ने विपक्षियों द्वारा जबरन मकान बनाए जाने के संबंध में आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की।

जिला पदाधिकारी ने सभी मामलों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित प्रखंडों के वरीय पदाधिकारियों को नियमानुसार कार्रवाई करने तथा शिकायतों का समयबद्ध एवं प्रभावी निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

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