चंडीगढ़, 15 मई 2026: Fortis Hospital Mohali ने अंग प्रत्यारोपण के क्षेत्र में एक नई मिसाल कायम करते हुए अत्यंत दुर्लभ और जटिल ट्रिपल स्वैप किडनी ट्रांसप्लांट को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। लगभग 11 घंटे तक चली इस चुनौतीपूर्ण सर्जरी के माध्यम से एंड-स्टेज किडनी रोग से जूझ रहे तीन मरीजों को नया जीवन मिला।
यह फोर्टिस मोहाली में अपनी तरह का पहला मामला है, जिसमें तीन अलग-अलग परिवारों के बीच आपसी समन्वय के जरिए किडनी प्रत्यारोपण संभव हो सका। इस प्रक्रिया में शामिल तीनों मरीज अपने पारिवारिक दानदाताओं से ब्लड ग्रुप या अन्य चिकित्सकीय कारणों से मेल नहीं खा रहे थे। ऐसे में विशेष ट्रिपल स्वैप व्यवस्था के तहत प्रत्येक दानदाता ने किसी अन्य परिवार के उपयुक्त मरीज को अपनी किडनी दान की।
इस ऐतिहासिक ऑपरेशन का नेतृत्व Dr. Sahil Relia और Dr. Anna Gupta ने किया। इस जटिल प्रक्रिया के दौरान तीन ऑपरेशन थिएटरों में एक साथ छह सर्जरी की गईं। 20 से अधिक विशेषज्ञ डॉक्टरों, एनेस्थीसिया विशेषज्ञों, नर्सों और ट्रांसप्लांट आईसीयू टीम ने समन्वित रूप से इस मिशन को सफल बनाया।
डॉ. साहिल रैली ने बताया कि ट्रिपल स्वैप किडनी ट्रांसप्लांट चिकित्सा विज्ञान, टीमवर्क और मानवीय संवेदनाओं का उत्कृष्ट उदाहरण है। उनके अनुसार, इस तकनीक से उन मरीजों को राहत मिलती है जिन्हें उपयुक्त डोनर न मिलने के कारण वर्षों तक डायलिसिस पर निर्भर रहना पड़ता है।
डॉ. एन्ना गुप्ता ने कहा कि किडनी पेयर्ड डोनेशन प्रणाली उन परिवारों के लिए वरदान साबित हो रही है, जिनमें इच्छुक डोनर होने के बावजूद जैविक असंगति के कारण प्रत्यारोपण संभव नहीं हो पाता। इस तकनीक से न केवल ग्राफ्ट रिजेक्शन का खतरा कम होता है, बल्कि महंगी और जोखिमपूर्ण डीसेंसिटाइजेशन थेरेपी की आवश्यकता भी समाप्त हो जाती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस सफलता ने यह सिद्ध कर दिया है कि अत्याधुनिक तकनीक, अनुभवी चिकित्सकों और समर्पित स्वास्थ्यकर्मियों के सहयोग से जटिल से जटिल प्रत्यारोपण भी सुरक्षित रूप से संभव है। फोर्टिस मोहाली की यह उपलब्धि देश में अंग प्रत्यारोपण सेवाओं के विस्तार और मरीजों के लिए नई उम्मीद का प्रतीक मानी जा रही है।

















