विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने लिया हिस्सा, देशभक्ति और सामाजिक सुधार का दिया संदेश
नगर परिषद एवं पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा व स्वच्छता के रहे पुख्ता इंतजाम
राकेश कुमार, जोगबनी
जोगबनी (अररिया), 2 अक्टूबर, 2026 : राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर गुरुवार को जोगबनी में नशा मुक्ति एवं जनजागरूकता अभियान के तहत एक भव्य झांकी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में स्थानीय विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और समाज को नशा त्यागकर स्वस्थ व संस्कारयुक्त जीवन शैली अपनाने का संदेश दिया।

झांकी की शुरुआत जोगबनी के नेता चौक से हुई। इसमें राधाकृष्ण सरस्वती विद्या मंदिर, मध्य विद्यालय जोगबनी, माला मेमोरियल, सेंट फ्रांसिस स्कूल, डीएनपी, यूपीएस, गर्ल्स स्कूल, डीएस मेमोरियल और आदर्श शिक्षा निकेतन सहित कई शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थी शामिल हुए। हाथों में जागरूकता संबंधी तख्तियां थामे बच्चों ने नशे के गंभीर दुष्परिणामों के प्रति आम लोगों को सचेत किया।
कार्यक्रम के दौरान पूरा क्षेत्र देशभक्ति के नारों और नशा विरोधी संदेशों से गूंज उठा। छात्र-छात्राओं ने महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के आदर्शों को याद करते हुए युवाओं से नशे की लत से दूर रहने तथा एक सकारात्मक सामाजिक वातावरण के निर्माण का आह्वान किया। विद्यार्थियों ने झांकियों के माध्यम से यह दर्शाया कि किस तरह नशा परिवार और समाज को नुकसान पहुंचाता है।
शांतिपूर्ण एवं सुचारु आयोजन के लिए जोगबनी नगर परिषद की ओर से स्वच्छता व्यवस्था की गई थी, जबकि जोगबनी थाना पुलिस ने सुरक्षा एवं यातायात के कड़े प्रबंध किए थे।
कार्यक्रम में जोगबनी नगर परिषद चेयरमैन रानी देवी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी राजकिशोर कुमार, रोहित यादव, शिक्षक प्रकाश चंद्र विश्वास, शिवाजी झा और गणेश साहा समेत बड़ी संख्या में शिक्षक, अभिभावक, समाजसेवी तथा गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
समारोह को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि गांधी जी के सत्य-अहिंसा और शास्त्री जी की सादगी व ईमानदारी के मूल्य आज भी प्रासंगिक हैं। महापुरुषों की जयंती पर ऐसा आयोजन नई पीढ़ी को सही दिशा देने की ओर एक प्रभावी कदम है। कार्यक्रम के समापन पर सभी उपस्थित लोगों ने नशा मुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लिया और युवाओं को शिक्षा, खेल एवं रचनात्मक कार्यों से जुड़ने की प्रेरणा दी।

















