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स्वास्थ्य/ हार्ट अटैक में हर मिनट अहम, लक्षण दिखते ही तुरंत अस्पताल पहुंचें : डॉ. आर.के. जसवाल

नीतीश कुमार सिंह, चंडीगढ़

चंडीगढ़, 29 सितंबर 2026 : विश्व हृदय दिवस के अवसर पर फोर्टिस हॉस्पिटल, मोहाली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. आर.के. जसवाल, सीनियर डायरेक्टर एवं हेड, कार्डियोलॉजी तथा डायरेक्टर, कैथलैब्स ने लोगों को हृदय रोगों से बचाव और हार्ट अटैक की स्थिति में समय पर इलाज के महत्व के बारे में जागरूक किया।

डॉ. जसवाल ने बताया कि एसटी-एलीवेशन मायोकार्डियल इन्फार्क्शन (STEMI) हार्ट अटैक का गंभीर रूप है। इसमें दिल तक खून पहुंचाने वाली किसी प्रमुख धमनी में अचानक ब्लॉकेज हो जाती है। यदि इस ब्लॉकेज को जल्द नहीं खोला जाए तो दिल की मांसपेशियों को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है।

उन्होंने कहा कि हार्ट अटैक शुरू होने के बाद शुरुआती एक से दो घंटे बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। इस दौरान मरीज को अचानक गंभीर स्थिति का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए हार्ट अटैक के लक्षणों को पहचानना और बिना समय गंवाए अस्पताल पहुंचना जरूरी है।

डॉ. जसवाल के अनुसार, सीने में दर्द या दबाव, एक या दोनों हाथों, कंधे, पीठ, गर्दन या जबड़े में दर्द, सांस फूलना, ठंडा पसीना आना, जी मिचलाना या उल्टी, चक्कर आना, बेहोशी, अचानक अत्यधिक कमजोरी या थकान और दिल की धड़कन तेज या अनियमित होना हार्ट अटैक के संभावित संकेत हो सकते हैं।

उन्होंने कहा कि कई बार मरीज और परिवार के लोग शुरुआती लक्षणों को सामान्य समझकर इलाज में देरी कर देते हैं। ऐसी स्थिति गंभीर हो सकती है। हार्ट अटैक का संदेह होने पर तुरंत चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए।

डॉ. जसवाल ने बताया कि हार्ट अटैक के इलाज में केवल मरीज का समय पर अस्पताल पहुंचना ही नहीं, बल्कि अस्पताल में तत्काल उपचार की व्यवस्था होना भी जरूरी है। इसके लिए फोर्टिस हॉस्पिटल मोहाली में STEMI प्रोटोकॉल तैयार किया गया है, जिसके तहत हार्ट अटैक के मरीज की जल्द पहचान कर उसे इमरजेंसी विभाग से सीधे कैथलैब तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई है।

उन्होंने बताया कि अस्पताल में अनुभवी कार्डियोलॉजी एवं पैरामेडिकल टीम के साथ कार्डियक एनेस्थीसिया बैकअप भी उपलब्ध है। जटिल कोरोनरी ब्लॉकेज के इलाज के लिए रोटेशनल एथेरेक्टॉमी, ऑर्बिटल एथेरेक्टॉमी, इंट्रावैस्कुलर लिथोट्रिप्सी (IVL), कटिंग/स्कोरिंग बैलून और एक्साइमर लेजर कोरोनरी एंजियोप्लास्टी (ELCA) जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाता है।

डॉ. जसवाल ने बताया कि फोर्टिस मोहाली में अस्पताल पहुंचने से लेकर इलाज शुरू होने तक का डोर-टू-बैलून टाइम 60 मिनट से कम रखने का दावा किया गया है, जबकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 90 मिनट से कम समय को मानक माना जाता है।

उन्होंने कहा कि हार्ट अटैक के मामले में जागरूकता सबसे महत्वपूर्ण है। लोगों को इसके शुरुआती लक्षणों की जानकारी होनी चाहिए ताकि मरीज को समय पर अस्पताल पहुंचाया जा सके। फोर्टिस मोहाली की ओर से मरीजों और आम लोगों के लिए हृदय रोगों से बचाव, हार्ट अटैक के लक्षणों की पहचान और आपात स्थिति में उठाए जाने वाले कदमों को लेकर जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं।

डॉ. जसवाल ने लोगों से अपील की कि वे हार्ट अटैक के चेतावनी संकेतों को नजरअंदाज न करें, आपात स्थिति में तुरंत चिकित्सा सहायता लें और हृदय को स्वस्थ रखने के लिए नियमित व्यायाम, संतुलित आहार तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं।

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