वसीम राणा, जोगबनी (अररिया)
जोगबनी (अररिया), 26 सितंबर : भारत-नेपाल सीमा से सटे जोगबनी नगर परिषद क्षेत्र में बच्चों की सुरक्षा और उनके अधिकारों को लेकर जागरूकता अभियान चलाया गया। जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रेन के तहत जागरण कल्याण भारती, फारबिसगंज की ओर से नगर क्षेत्र के विभिन्न मंदिरों एवं धार्मिक स्थलों पर धर्मगुरुओं और आम लोगों के बीच बाल विवाह, बाल तस्करी, बाल यौन शोषण, बाल नशा और बाल श्रम के खिलाफ जागरूकता संदेश दिया गया।
अभियान के दौरान लोगों को बताया गया कि बच्चों को नशे और अन्य सामाजिक बुराइयों से दूर रखने के साथ-साथ उनकी शिक्षा, सुरक्षा और अधिकारों को सुनिश्चित करना परिवार और समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। विशेष रूप से सीमावर्ती क्षेत्रों में बच्चों से जुड़ी समस्याओं को लेकर अभिभावकों को सतर्क रहने की अपील की गई।
जागरण कल्याण भारती के संगमलाल पासवान एवं विक्रम कुमार साह ने कहा कि धार्मिक स्थलों के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाने का उद्देश्य समाज में प्रभाव रखने वाले धर्मगुरुओं को बाल संरक्षण के मुद्दों से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि धर्मगुरु अपने धार्मिक प्रवचनों और सामाजिक संदेशों के माध्यम से बड़ी संख्या में लोगों तक पहुंच रखते हैं। ऐसे में उनके माध्यम से बाल विवाह, बाल तस्करी, बाल यौन शोषण, बाल श्रम और नशे के दुष्प्रभावों के बारे में लोगों को जागरूक किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि बच्चों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने में माता-पिता की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। यदि अभिभावक और समाज समय रहते बच्चों के व्यवहार, संगति और सुरक्षा को लेकर सजग रहें तो कई तरह की समस्याओं को रोका जा सकता है।
अभियान के दौरान धर्मगुरुओं और स्थानीय लोगों से अपील की गई कि वे बच्चों से जुड़े किसी भी संदिग्ध मामले की जानकारी मिलने पर संबंधित प्रशासन या बाल संरक्षण तंत्र को सूचना दें तथा बाल अधिकारों की रक्षा के लिए सक्रिय भूमिका निभाएं। अभियान का उद्देश्य समाज में यह संदेश पहुंचाना रहा कि बच्चों की सुरक्षा केवल किसी एक संस्था की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि परिवार, धार्मिक संस्थाओं और पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है।

















