चंडीगढ़ : महर्षि दयानंद पब्लिक स्कूल (एमडीएवी भवन), दरिया द्वारा जल संसाधन दिवस के अवसर पर पर्यावरण विभाग, चंडीगढ़ प्रशासन के सहयोग से एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर दरिया गांव की डिस्पेंसरी के समीप विद्यार्थियों द्वारा एक प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया गया, जिसने उपस्थित लोगों का ध्यान जल संरक्षण के महत्व की ओर आकर्षित किया।
विद्यार्थियों ने अपने सशक्त अभिनय के माध्यम से संदेश दिया कि जल पृथ्वी पर सभी जीवों के जीवन के लिए अनिवार्य है, लेकिन स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता लगातार घटती जा रही है। उन्होंने सूखा प्रभावित क्षेत्रों में जल संकट की गंभीर स्थिति को भी दर्शाया।
नाटक के जरिए छात्रों ने पानी के अनावश्यक बहाव को रोकने, जलाशयों में कूड़ा-कचरा न डालने तथा जल प्रदूषण पर नियंत्रण की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि जल की कमी के कारण हर वर्ष अनेक लोग और जीव-जंतु प्रभावित होते हैं।
कार्यक्रम में वन संरक्षण और पौधारोपण के महत्व को भी रेखांकित किया गया। विद्यार्थियों ने बताया कि पेड़-पौधे जल को शुद्ध रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और बढ़ती जनसंख्या के कारण जल संकट और भी गंभीर होता जा रहा है। साथ ही, छात्रों ने वेस्ट वाटर के पुनः उपयोग के व्यावहारिक उपाय भी प्रस्तुत किए, जिससे जल संरक्षण को दैनिक जीवन में अपनाया जा सके।
स्कूल की वाइस प्रिंसिपल अंजू मोदगिल ने विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज में जागरूकता फैलाने का प्रभावी माध्यम हैं। वहीं, प्रिंसिपल डॉ. विनोद कुमार ने बताया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य जल संसाधनों के संरक्षण और स्वच्छता के प्रति लोगों को जागरूक करना था।

















