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मोहाली/ चितकारा विश्वविद्यालय द्वारा एस.टी.ई.एम प्रोजेक्ट्स प्रदर्शनी का किया गया आयोजन

स्कूली छात्रों को विज्ञान और प्रौद्योगिकी की ओर आकर्षित करने के लिए किया गया आयोजन

मोहाली : चितकारा यूनिवर्सिटी स्थित, चितकारा यूनिवर्सिटी रिसर्च एंड इनोवेशन नेटवर्क (सी.यु.आर.आई.एन ), द्वारा “एस.टी.ई.एम (साइंस टेक्नोलोजी इंजीनियरिंग मैथ्स ) प्रोजेक्ट्स प्रदर्शनी” का स्कूली छात्रों को विज्ञान और प्रौद्योगिकी की ओर आकर्षित करने के लिए एक विशेष प्रदर्शनी का आयोजन किया गया । प्रदर्शनी में क्षेत्र के 9 विभिन्न स्कूलों से 200 से अधिक छात्र और 30 शिक्षकों ने भाग लिया और दिलचस्प साइंस प्रोजेक्टों का प्रदर्शन किया। कक्षा 7 से 12 कक्षा के बच्चों ने प्रदर्शनी में हिस्सा लिया जिसमें लड़के और लड़कियों की भागीदारी को लेकर बहुत ही अच्छा संतुलन भी देखने को मिला।

एसटीईएम डिमांस्ट्रेशन एंड पापुलेराइजेशन पर सरकार द्वारा वित्त पोषित इस परियोजना के दो साल पूरे होने के अवसर पर चितकारा यूनिवर्सिटी ने इस ‘एसटीईएम प्रोजेक्ट्स प्रदर्शनी’ का आयोजन किया। डिपार्टमेंट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी के विभाग नेशनल काउंसिल फार साइंस एंड टेक्नोलॉजी कम्युनिकेशन (एनसीएसटीसी) द्वारा इस परियोजना को चितकारा यूनिवर्सिटी, पंजाब की वीसी डॉ. अर्चना मंत्री और सी.यु.आर.आई.एन , चितकारा यूनिवर्सिटी, की असिस्टेंट डीन डॉ. सागर जुनेजा को 2021 में मंजूर किया गया था। इस परियोजना का उद्देश्य प्रचार छात्रों के बीच विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (एसटीईएम) शिक्षा को लोकप्रिय बनाना और युवा स्कूली छात्रों को एसटीईएम क्षेत्रों को उत्साहपूर्वक अपनाने के लिए प्रोत्साहित और प्रेरित करना है।

इस परियोजना के तहत, चितकारा यूनिवर्सिटी की एक टीम ने क्षेत्र के 9 स्कूलों के साथ काम किया और सेमिनार, ट्यूटोरियल, व्यावहारिक कार्यशालाएं आदि सहित विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गईं। चितकारा यूनिवर्सिटी और बाहर से, कम से कम 19 अनुभवी पेशेवर और तकनीकी विशेषज्ञों ने स्कूलों में इन गतिविधियों का संचालन किया और इन गतिविधियों के माध्यम से 750 से अधिक छात्रों को साइंस टेक्नोलोजी इंजीनियरिंग मैथ्स (एसटीईएम) फील्ड में आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया गया।

चितकारा यूनिवर्सिटी की प्रो चांसलर डॉ. मधु चितकारा ने कहा, ”हमें इस बात का गर्व है कि हमें इस तेजी से विकसित हो रही दुनिया में छात्रों को एसटीईएम क्षेत्रों को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित करने का अवसर मिला। यहां पर यह उल्लेख करना प्रासंगिक है कि छात्रों को इन कौशलों के महत्व से अवगत कराया जाता है जो उन्हें भविष्य में जीवन में आगे बढ़ने में मदद करेगा और सशक्त बनाएगा।
प्रदर्शनी के बाद एक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया जिसमें भाग लेने वाले स्कूल और रिर्सोस पर्सन्स को सम्मानित किया गया । आज आयोजित इस समारोह में विशेष तौर पर आमंत्रित अतिथियों में एसपीएसटीआई, की गवर्निंग काउंसिल, के एक्जीक्यूटिव मेंबर और एक अनुभवी भौतिक विज्ञानी प्रोफेसर (डॉ.) सुमन बेरी और इंडिया एसटीईएम फाउंडेशन के डायरेक्टर आफ एकेडमिक्स एंड कॉम्पीटीशन डॉ. सर्वजीत हेराल्ड शामिल थे ।

इस अवसर पर, प्रोफेसर सुमन ने सी.ई.आर.एन. में अपने पार्टीकल एक्सीलेटर प्रोजेक्ट्स के बारे में बात की और विद्यार्थियों को विज्ञान के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। डॉ. हेराल्ड ने बताया कि एस.टी.ई.एम (साइंस टेक्नोलोजी इंजीनियरिंग मैथ्स ) शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में कैसे इंडिया एसटीईएम फाउंडेशन सक्रिय रूप से काम कर रहा है।

चितकारा यूनिवर्सिटी, पंजाब की वीसी डॉ. अर्चना मंत्री और इस वित्त पोषित-परियोजना की प्रधान अन्वेषक (पीआई) ने इस बात पर प्रकाश डाला कि कैसे एनईपी 2020 में स्कूली शिक्षा को समर्थन करने में उच्च शिक्षा संस्थानों की अहम भूमिका है और और कैसे चितकारा यूनिवर्सिटी इस दिशा में पहले से ही काम कर रही है। चितकारा यूनिवर्सिटी रिसर्च एंड इनोवेशन नेटवर्क (सी.यु.आर.आई.एन ), चितकारा यूनिवर्सिटी के असिस्टेंट डीन डॉ. सागर जुनेजा जो इस वित्त पोषित परियोजना के सह-पीआई हैं, ने किए गए कार्यों का पूरे सारांश और परिणामों के बारे जानकारी दी। उन्होंने इस परियोजना को सफल बनाने के लिए सभी स्कूलों के साथ-साथ संसाधन व्यक्तियों को भी धन्यवाद दिया। उन्होंने इस अवसर के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) के राष्ट्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी संचार परिषद (एनसीएसटीसी) प्रभाग को भी धन्यवाद दिया।

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