काठमांडू : नेपाल में हाल ही में संपन्न संसदीय चुनावों के परिणामों ने देश की राजनीति में बड़ा बदलाव ला दिया है। मतगणना के लगभग अंतिम परिणामों के अनुसार नई राजनीतिक शक्ति के रूप में उभरी Rastriya Swatantra Party (आरएसपी) ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। इस जीत के साथ ही पार्टी के प्रमुख नेता Balendra Shah नेपाल के अगले प्रधानमंत्री बनने की स्थिति में पहुंच गए हैं।
नेपाल की संघीय संसद House of Representatives of Nepal की कुल 275 सीटों के लिए हुए चुनाव में आरएसपी को भारी जनसमर्थन मिला है। ताजा उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार पार्टी को लगभग 182 सीटों का समर्थन मिलता दिखाई दे रहा है, जिससे वह स्पष्ट बहुमत के साथ सरकार बनाने की स्थिति में आ गई है।
इस चुनाव में लंबे समय से नेपाल की राजनीति पर प्रभाव रखने वाले दलों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। Nepali Congress लगभग 38 सीटों तक सिमट गई है, जबकि पूर्व प्रधानमंत्री K. P. Sharma Oli के नेतृत्व वाली Communist Party of Nepal (Unified Marxist–Leninist) को करीब 25 सीटों पर ही संतोष करना पड़ा है। अन्य छोटे दलों और निर्दलीय उम्मीदवारों को शेष सीटें प्राप्त हुई हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह परिणाम इस बात का संकेत है कि जनता अब पारंपरिक राजनीति से हटकर नए नेतृत्व और नई सोच को अवसर देना चाहती है।

बालेन शाह : नई पीढ़ी के नेता
35 वर्षीय Balendra Shah को नेपाल में नई पीढ़ी की राजनीति का प्रतीक माना जा रहा है। वे पहले काठमांडू महानगर के मेयर रह चुके हैं और युवाओं के बीच उनकी लोकप्रियता काफी अधिक है। पेशे से इंजीनियर रहे बालेन शाह एक समय रैपर और सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में भी चर्चित रहे हैं।
चुनाव अभियान के दौरान उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई, पारदर्शी प्रशासन, रोजगार सृजन और शहरी विकास जैसे मुद्दों को प्रमुखता दी। यही कारण रहा कि बड़ी संख्या में युवाओं और नए मतदाताओं ने उनका समर्थन किया।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस चुनाव में युवाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही। 2025 में हुए बड़े जनआंदोलनों के बाद पहली बार हुए इस आम चुनाव में युवा मतदाताओं ने परिवर्तन की राजनीति को समर्थन दिया।
यही वजह रही कि Rastriya Swatantra Party को शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ कई नए निर्वाचन क्षेत्रों में भी मजबूत समर्थन मिला और पार्टी ने अप्रत्याशित सफलता हासिल की।
सरकार गठन
नेपाल में सरकार बनाने के लिए संसद में कम से कम 138 सीटों की आवश्यकता होती है। वर्तमान परिणामों के अनुसार आरएसपी इस आंकड़े से काफी आगे निकल चुकी है।
अंतिम परिणामों की औपचारिक घोषणा के बाद संसद का गठन होगा और बहुमत दल का नेता प्रधानमंत्री चुना जाएगा। वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए Balendra Shah का प्रधानमंत्री बनना लगभग तय माना जा रहा है।
विश्लेषकों का मानना है कि 2026 का चुनाव नेपाल की राजनीति में “नई पीढ़ी के नेतृत्व” के उदय का प्रतीक है। यदि बालेन शाह प्रधानमंत्री बनते हैं तो यह देश की राजनीतिक संस्कृति, प्रशासनिक व्यवस्था और विकास नीतियों में बड़े बदलाव की शुरुआत हो सकती है।
















