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पंचकूला/ एनईपी के तीन साल पूरे होने के अवसर पर सीबीएसई, क्षेत्रीय कार्यालय में हुआ प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन

हमें 21वीं सदी के छात्रों को महान योग्यता और विषय ज्ञान के साथ तैयार करने की आवश्यकता है : विजय यादव, क्षेत्रीय अधिकारी, सीबीएसई

पंचकुला के केन्द्रीय विद्यालयों के प्रमुखों ने एनईपी 2020 के तहत कार्यान्वित विभिन्न योजनाओं के अपने आकलन साझा किए

पंचकुला : एनईपी के तीन साल पूरे होने के अवसर पर सीबीएसई, क्षेत्रीय कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया । सम्मेलन की शुरुआत सीबीएसई के क्षेत्रीय अधिकारी विजय यादव द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के संक्षिप्त परिचय और अवलोकन के साथ हुई। अपने संबोधन में उन्होंने आवश्यकता-आधारित शिक्षा पर ध्यान केंद्रित करके शिक्षा में सुधार पर भारत सरकार के फोकस पर बल दिया, जहां छात्र भविष्य के लिए अपने विषय ज्ञान और अधिक योग्यता कौशल के साथ उभरते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि एनईपी का एक केंद्र बिंदु पीएम श्री (PM SHRI) स्कूल हैं जिन्हें उभरते भारत के स्कूल के रूप में प्रतिष्ठित किया गया है। 2022-23 से 2025-26 तक 28,000 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है, जिसमें 2026 तक 14,500 स्कूल खोले जाएंगे। पहले चरण के 4,448 स्कूल पहले से ही चालू हैं।

सुश्री सीमा खाखा, प्रमुख, उत्कृष्टता केंद्र, सीबीएसई, पंचकुला ने कहा कि हम शिक्षा विभाग के रूप में काम कर रहे हैं और एनईपी के दृष्टिकोण को साकार करने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास कर रहे हैं।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्रीय विद्यालयों और जवाहर नवोदय विद्यालय जैसे विभिन्न सरकारी स्कूलों का प्रतिनिधित्व करने वाले वक्ताओं के संबोधन भी हुए। वक्ताओं में श्रीमती कमलेश, उप जिला शिक्षा अधिकारी, पंचकुला, रूप चंद, प्रिंसिपल, जवाहर नवोदय विद्यालय मौली, पंचकुला, आरसी शर्मा, प्रिंसिपल, केंद्रीय विद्यालय नंबर 1, चंडीमंदिर, पंचकुला, केवल सिंह, प्रिंसिपल, केंद्रीय विद्यालय नंबर 2, चंडीमंदिर, पंचकुला, सुनील कुमार, प्रिंसिपल, केंद्रीय विद्यालय, भानु पंचकुला, ललित कुमार, प्रिंसिपल, केंद्रीय विद्यालय, सीआरपीएफ पिंजौर, और असिंदर कुमार, जिला मूलभूत साक्षरता और संख्यात्मक समन्वयक, पंचकुला शामिल थे।

इन संस्थानों के वक्ताओं के संबोधन में प्रमुख स्कूली शिक्षा पहलों पर जानकारी दी गई जिसमें पीएम श्री, समग्र प्रगति कार्ड, उल्लास, निपुण भारत, राष्ट्रीय मूल्यांकन केंद्र, परख, विद्या प्रवेश, एनसीएफ एफएस (फाउंडेशनल स्टेज के लिए राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा), एनडीईएआर, पीएम ई-विद्या, विद्यांजलि, एकीकृत शिक्षक शिक्षा कार्यक्रम और शिक्षकों के लिए राष्ट्रीय व्यावसायिक मानक (एनपीएसटी) शामिल हैं।

ज्ञात हो कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की तीसरी वर्षगांठ के जश्न के संयोजन में, प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी 29 जुलाई 2023 को आईटीपीओ, प्रगति मैदान, नई दिल्ली में दूसरे अखिल भारतीय शिक्षा समागम का उद्घाटन करेंगे। शिक्षा मंत्रालय और कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित दो दिवसीय कार्यक्रम, भारत के शिक्षा पारिस्थितिकी तंत्र को और मजबूत करने के उद्देश्य से विभिन्न नवीन पहल शुरू करने के लिए एक मंच बनने का वादा करता है।