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पंचकूला/ संस्कार भारती ने आयोजित किया हास्य रस एवं वीर रस कवि सम्मेलन

✍️ सोहन रावत, चंडीगढ़

कवियों ने हिन्दुस्तान की महान गाथा का वीर रस में किया गुणगान

हास्य कवियों ने हंसने की आदत को किया उजागर

पंचकूला : संस्कार भारती द्वारा पीडब्ल्यूडी अतिथि गृह के सभागार में हास्य रस एवं वीर रस कवि सम्मेलन का आयोजन का किया गया जिसमें कवियों ने वीर रस व हास्य रस एयर श्रृंगार रस मिश्रित एक से एक बढ़ कर कविताओं को सुना कर श्रोताओं के समां बंधा और श्रोताओं से खूब वाह वाही बटौरी। कवियों ने हिन्दुस्तान की महान गाथा का वीर रस में किया गुणगान जबकि हास्य कवि ने हंसने की आदत को उजागर किया।

कार्यक्रम की शुरुआत जिसमें मुख्यातिथि के रूप में उपस्थित हुए पूर्व आर्मी सेना जनरल वीपी मलिक, विधान सभा हरियाणा के अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता व हरियाणा कला परिषद के डायरेक्टर संजय भसीन द्वारा दीप प्रज्वलित कर की गई। इस अवसर पर उनके साथ संस्कार भारती के उत्तर क्षेत्र प्रमुख श्री नवीन शर्मा, पंचकूला इकाई के अध्यक्ष सुरेश गोयल मंत्री सतीश अवस्थी व शहर के जाने-माने व प्रतिष्ठित कलासाधक जैसे पंजाब की लोक गायिका और संस्कार भारती पंजाब प्रांत की अध्यक्ष सुखमिंदर कौर बराड़, शास्त्रीय गायक पंडित अरविंद शर्मा, चित्रकार श्री राम कुमार शर्मा तथा श्री रवीन्द्र शर्मा, गज़ल व भजन गायक श्री कुंवर जगमोहन प्रसिद्ध रंगकर्मी श्री सुदेश शर्मा व अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे। यह कवि सम्मेलन भारत माता पूजनोत्सव को समर्पित था तथा कार्यक्रम में कोई भी कविता प्रेमी नि:शुल्क प्रवेश कर सकता था।

कार्यक्रम की शुरुआत मोनिका गहलावत तथा उनके साथी कलाकारों द्वारा संस्कार भारती के ध्येय गीत के साथ हुआ।

इस सम्मेलन में कलाकारों में हास्य रस कवि राजेश चेतन, दीपक सैनी, अनिल अग्रवंशी, वीर रस कवि अर्जुन सिसोदिया, वीर रस व वीर रस मुकेश कबीर, श्रृंगार रस कवियत्री डॉ प्रतिभा माही, कवियत्री संतोष गर्ग ने भाग लिया और अपनी अपनी सुंदर कविताओं को श्रोताओं व दर्शकों के समक्ष प्रस्तुत कर खूब प्रशंसा बटौरी।

वीर रस के कवि डॉ मुकेश कबीर ने अपनी कविता की शुरुआत हिंदुस्तान की महिमा को कविता में निबद्ध कर सुनाई गई। उन्होंने भारत के रहने वाले हैं, भारत की महिमा गाएंगे।,चाहे जितने कष्ट मिले, हर जन्म यहीं पर चाहेंगे।,खुद मिट कर भी करते रहेंगे, इसको हम आबाद, हिंदुस्तान जिंदाबाद, हिंदुस्तान जिंदाबाद, सुनाई। इसके पश्चात उन्होंने ऐसी कड़ी में एक अन्य कविता को बखूबी प्रस्तुत कर श्रोताओं के समां बांधा।

हास्य रस कवि अनिल अग्रवंशी ने मनमोहक हंसना हंसाना आदत है मेरी, अपना बनाना आदत है मेरी, लोग मुंह फेर के चल देते हैं, खुद ही बुलाना आदत है मेरी, को सुनाया। इस अलावा उन्होंने एक के बाद एक कविताओं को श्रोताओं के समक्ष प्रस्तुत कर खुश प्रशंसा बटौरी।


इनके बाद वीर रस कवि डॉ0 अर्जुन सिसौदिया हम फिर भारत का बल विक्रम पौरुष बतलाने निकल पड़े, हम अश्वमेघ वाले घोड़े फिर से दौड़ाने निकल पड़े; श्रृंगार रस कवित्रयी डॉ प्रतिभा माही ने नजर मत चुराओ गज़ल कह रही है, जरा पास आओ गजल कह रही है तथा बज़्म में आइये नाच गा लीजिए,आप मिलकर जरा मुस्कुरा लीजिए, जबकि वीर रस कवि राजेश चेतन ने तीन सौ सत्तर धारा लाकर आग लगाई घाटी मेंमोमिन ने पंडित को मारा, अब ये भारत जोड़ेंगे श्रोताओं के समक्ष बखूबी प्रस्तुत किया।

वहीं वीर रस कवि गौरव चौहान व कवि दीपक सैनी ने भरतवंशी हृदय में शेर से अभिमान बोलेगा, क्रमश: देश तो आजाद हुआ और जिंदाबाद हुआ, को वीर रस में प्रस्तुत कर श्रोताओं से वाहवाही बटौरी।

इस अवसर मुख्यातिथि के रूप में उपस्थित हुए पूर्व आर्मी सेना जनरल वीपी मलिक, विधान सभा हरियाणा के अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता व हरियाणा कला परिषद के डायरेक्टर संजय भसीन ने कवि सम्मेलन की भूरि भूरि प्रशंसा की। जबकि संस्कार भारती, पंचकूला के अध्यक्ष सुरेश गोयल व मंत्री सतीश अवस्थी ने कवि सम्मेलन में आये सभी कलाकारों का आभार प्रकट किया।


इस कार्यक्रम में पंचकूला शहर के निवासी चार स्वतंत्रता सेनानी परिवारों को देश की आजादी के लिए उनके योगदान को, श्री डी पी सोनी तथा आशियाना चिल्ड्रेंस होम को उनकी सामाजिक सेवाओं तथा विविध भारती, चंडीगढ़ के भूतपूर्व उद्घोषक श्री सर्वप्रिय निर्मोही को सार्वजनिक कार्यक्रमों में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम का संचालन सर्वप्रिय निर्मोही द्वारा किया गया। कार्यक्रम में संस्कार भारती के अन्य पदाधिकारी श्री वेद प्रकाश गोयल, सतीश अवस्थी, मयंक बिंदल, अनिल गुप्ता, दीपक गोयल, सुरेश सिरसवाल, नरेश चौधरी, जोगिंदर अग्रवाल, भारती शर्मा, पूनम गोयल, अनुपम गोयल, मीनाक्षी जैन, मीनू अलावदी, दीप्ति बिंदल तथा अनन्या भट्ट भी उपस्थित रहे।

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