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सहरसा/ नियमित टीकाकरण की समीक्षात्मक बैठक में आच्छादन बढ़ाने पर दिया गया जोर

सहयोगी संस्थाओं एवं हितधारी संगठनों के प्रतिनिधि भी रहे मौजूद

सहरसा : जिले में आज नियमित टीकाकरण की त्रैमासिक समीक्षात्मक बैठक का आयोजन सदर अस्पताल के पारामेडिकल कालेज सभागार में किया गया । जिसमें नियमित टीकाकरण की उपलब्धियों एवं कमियों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक की अध्यक्षता सिविल सर्जन डॉ. किशोर कुमार मधुप ने की । बैठक में जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. कुमार विवेकानंद, सभी प्रखंडों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक, प्रखंड सामुदायिक उत्प्ररेक, सहयोगी संस्था यूनिसेफ के एसएमसी बंटेश नारायण मेहता, सैयद मजहरूल हसन, डब्ल्यूएचओ के आरआरटी डॉ पुनीत कुमार, यूएनडीपी के प्रोग्राम आफिसर प्रियरंजन झा, मो. मुमताज खालिद सहित अन्य चिकित्सा पदाधिकारी एवं स्वास्थ्य कर्मी मौजूद रहे।

समीक्षात्मक बैठक में सिविल सर्जन डॉ. किशोर कुमार मधुप ने बताया वर्त्तमान परिदृश्य में जिले में सभी बच्चों को सरकार द्वारा उपलब्ध करायी जा रही सभी आवश्यक टीके समय पर लगाया जाना जरूरी है। एक भी बच्चा नियमित टीकाकरण के आच्छादन से वंचित न रहने पाये इसकी पूरी कोशिश की जानी चाहिए। उन्होंने बताया ऐसी कई बीमारियाँ हैं जिनका चक्र तोड़ने के लिए जिले के सभी बच्चों का एक साथ आच्छादन सुनिश्चित किया जाना जरूरी है। इसलिए सरकार द्वारा जारी दिशा निर्देश के आलोक में नियमित टीकाकरण का शत् प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के लिए समय-समय पर समीक्षात्मक बैठकों का अयोजन किया जाना जरूरी है। ताकि नियमित टीकाकरण के शत् प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने में आ रही कठिनाइयों को समय रहते दूर किया जा सके।

जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. कुमार विवेकानंद ने बताया कि बैठक में नियमित टीकाकरण पर जोर देने के लिए कहा गया तथा टीकाकरण पर विस्तृत जानकारी दी गई। बैठक में मौजूद सभी प्रभारियों को आदेश दिया गया कि वह क्षेत्र में जाकर काम करें। वस्तुस्थिति को देखें और उसके अनुसार अपना काम करें। प्रशिक्षण यूनिसेफ के एसएमसी, यूएनडीपी के प्रोगाम आफिसर, डब्ल्यूएचओ के आरआरटी ने संयुक्त रूप से पीपीटी के माध्यम से दिया। उनके द्वारा नियमित टीकाकरण में टीकावार आच्छादन, शहरी एवं ग्रामीण आच्छादन के आंकड़े प्रस्तुत करते हुए इसे बढ़ाने पर जोर दिया गया। जिससे जिले का टीकाकरण आच्छादन शत् प्रतिशत हो।

जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी ने इस सफलता के लिए स्वास्थ्य विभाग के सहयोगी संस्थाओं खासकर डब्ल्यूएचओ, यूनिसेफ, केयर इंडिया, यूएनडीपी, जपाइगो आदि सहित हितधारी संगठनों आईसीडीएस, जीविका, पंचायती राज आदि के जिला एवं प्रखंड स्तर के पदाधिकारी सहित आशा, जीविका दीदी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता आदि से प्राप्त आपेक्षित सहयोग के लिए उनका आभार व्यक्त किया।