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चंडीगढ़/ खट्टर सरकार ने शिक्षा विभाग का बनाया सर्कस : अनुराग ढांडा

हरियाणा की शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद करने पर तुली खट्टर सरकार : अनुराग ढांडा

रेशनलाइजेशन का फॉर्मूला अतार्किक, स्कूलों में नहीं हो पाएगी पढ़ाई

खट्टर सरकार स्कूलों को बंद कर निजीकरण को बढ़ावा देना चाहती है

शिक्षा व्यवस्था को चौपट करके किसको फायदा पहुंचाना चाहती है खट्टर सरकार : अनुराग ढांडा

 

चंडीगढ़ : हरियाणा के लोग शिक्षा के मुद्दे पर संघर्ष कर रहे हैं। खट्टर सरकार हरियाणा की शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद करने पर तुली हुई है। रोजाना प्रदेश में अलग अलग जगह पर प्रदर्शन चल रहे हैं। चाहे वो आदमपुर हो, चाहे यमुनानगर हो, चाहे रोहतक हो या खुद सीएम का विधानसभा क्षेत्र हो पूरे प्रदेश में धरने चल रहे है। सरकार की पॉलिसी ऐसी है कि न तो बेटियां पढ़ पाएं, न उनका कोई भविष्य बन पाए। हर जगह धरने प्रदर्शन में बच्चों में रोष है। ये बात आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता अनुराग ढांडा ने चंडीगढ़ प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कही। उनके साथ आम आदमी पार्टी के प्रदेश सह प्रभारी दिनेश प्रताप सिंह, संगठन मंत्री प्रवीण प्रभाकर गौड़, नॉर्थ जोन संयोजक चित्रा सरवारा, सचिव योगेश्वर शर्मा, पंचकूला के जिला अध्यक्ष सुरेंद्र राठी मौजूद रहे।

आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता अनुराग ढांडा ने कहा कि प्रदेश में लगभग 38,476 शिक्षकों के पद खाली हैं। वहीं सरकार ने ऐसा अजीबोगरीब रेशनलाइजेशन फॉर्मूला निकलने के बाद इनको घटा कर 15 हजार कर दिया है। अनुराग ढांडा ने कहा कि खट्टर सरकार स्पष्ट करे कि क्या सरकारी स्कूलों को प्राइवेट करना चाहती है। उन्होंने सवाल करते हुए कहा कि क्या इन सभी सरकारी स्कूलों को बंद करके कोई नई व्यवस्था लाना चाहती है? क्या 38476 शिक्षकों के पदों की जगह 15 हजार से काम चल जाएगा।

वरिष्ठ नेता अनुराग ढांडा ने कहा कि सरकार ने 3800 शिक्षकों के पद 2019 में निकाले थे, ये नियुक्ति नहीं हुई। फिर इतने ही पद 2022 में दोबारा निकाले गए। क्या तीन साल के अंदर कोई रिटायर नहीं हुआ? क्या 15000 की जगह 3800 से काम चल जाएगा।

वरिष्ठ नेता अनुराग ढांडा ने कहा कि खट्टर सरकार ने शिक्षा विभाग का सर्कस बन कर रख दिया है। रेशनलाइजेशन के तहत एक तरफ 30 बच्चों की कक्षा पर एक शिक्षक होगा। वहीं दूसरी तरफ पूरे स्कूल की बात करें तो 50 बच्चों पर एक शिक्षक होगा। अनुराग ढांडा ने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या विषयों के आधार पर शिक्षक नहीं होने चाहिए। क्या एक शिक्षक सभी विषयों को पढ़ा सकता है।

वरिष्ठ नेता अनुराग ढांडा ने कहा कि उन्होंने रेशनलाइजेशनल के तहत स्कूलों की बंद करने की ठान ली है। उन्होंने कहा कि हिंदी, इंग्लिश, पंजाबी, ज्योग्राफी, इकोनॉमिक्स और फिजिक्स के शिक्षकों के पदों को सरप्लस दिखा कर इनकी भर्ती ही बंद कर दी। इन विषयों में शिक्षक का कोर्स करने वाले अब क्या करें। क्या वो अब दूसरे विषयों के पदों के शिक्षक बनेंगे। वहीं एक दूसरे आदेश के तहत एक गांव के अंदर सभी स्कूलों को मर्ज करने का काम किया है। इससे बड़ी अव्यवस्था कुछ नहीं हो सकती। एक गांव के सभी स्कूलों को मर्ज करके रेशनाइजेशन लगा कर शिक्षा व्यवस्था का सर्कस बनाने का काम कर दिया है। इसके लिए खट्टर सरकार की क्या जवाबदेही है ?

वरिष्ठ नेता अनुराग ढांडा ने कहा कि एक तरफ तो कुलदीप बिश्नोई मुख्यमंत्री के दरबार के चक्कर लगा रहे हैं। वहीं आदमपुर के कई गांवों के स्कूलों को मर्ज करके बंद करने का काम कर दिया है। वहीं कुलदीप बिश्नोई बोल रहे हैं कि एक भी स्कूल को बंद नहीं होने देंगे। सभी स्कूलों को दोबारा शुरू करवाएंगे। उन्होंने कहा कि आखिर कुलदीप बिश्नोई की कौनसी फाइल बीजेपी के पास जो वो मजबूर हैं।

वरिष्ठ नेता अनुराग ढांडा ने कहा कि सरकार शिक्षक व्यवस्था को चौपट करके किसको फायदा पहुंचा रहे हैं। उन्होंने कहा करीब 25 लाख बच्चे सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे हैं। वहीं स्कूलों में पढ़ाई नहीं होने से इन बच्चों के परिवार के करीब 75 लाख सदस्य प्रभावित हैं। क्या सरकार की नजर में इनका कोई महत्व नहीं है ? क्या सरकार इन बच्चों को अनपढ़ रखने की साजिश कर रही है। इसका जवाब बीजेपी सरकार दे।

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