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दरभंगा/ बाल श्रम उन्मूलन को लेकर जिला टास्क फोर्स की हुई बैठक

दरभंगा : समाहरणालय अवस्थित बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेदकर सभागार में जिलाधिकारी राजीव रौशन की अध्यक्षता में बाल श्रम उन्मूलन तथा किशोर श्रम निषेध एवं विनियमन हेतु जिला टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गयी । बैठक में 12 जून को मनाये जाने वाले विश्व बाल श्रम निषेध दिवस पर चर्चा की गयी। साथ ही बाल श्रम उन्मूलन तथा किशोर श्रम निषेध को लेकर की जाने वाली कार्रवाई पर भी चर्चा की गयी।

इसके पूर्व 01 जून से 11 जून तक बाल श्रम उन्मूलन हेतु जागरूकता लाने के लिए बनाये गये प्रचार रथ को जिलाधिकारी एवं माननीय जिप अध्यक्ष रेणु देवी के कर-कमलों से हरी झण्डी दिखाकर क्षेत्र में रवाना किया गया।

बैठक में श्रम अधीक्षक द्वारा बताया गया कि सी.एल.टी.एस. के अन्तर्गत कुल – 164 बाल श्रमिकों के नाम दर्ज है। इनमें से 13 जिला के बाहर के है तथा 10 ऐसे बाल श्रमिक है, जो 01 बार से अधिक प्रविष्टि वाले है। कुल – 141 बाल श्रमिकों में 137 का भौतिक सत्यापन किया जा चुका है तथा 71 को मुख्यमंत्री सहायता निधि के लाभ हेतु अयोग्य पाया गया है तथा 58 को योग्य पाया गया है, 10 बाल श्रमिकों को लाभ दिलाने हेतु कार्रवाई की जा रही है।

बैठक में बताया गया कि अनाथ बच्चों को परवरिश योजना का लाभ दिया जा रहा है। जिसके अन्तर्गत 01 हजार रूपये प्रतिमाह सहायता राशि 18 वर्ष के उम्र तक दिया जाएगा। कोविड के दौरान अनाथ हुए बच्चों को बाल सहायता योजना के तहत 1500 रूपये प्रतिमाह सहायता राशि उपलब्ध करायी जा रही है। बाल श्रमिकों के पुर्नवास हेतु बाल कल्याण समिति एवं समाज कल्याण विभाग द्वारा कार्य किये जा रहे है।

इस अवसर पर जिलाधिकारी ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि किसी भी सभ्य समाज के लिए बाल श्रम अभिशाप है। इसलिए अभियान चलाकर विभागीय निर्देश के आलोक में बाल श्रम उन्मूलन हेतु लगातार कार्रवाई की जाए तथा स्थानीय जनप्रतिनिधियों से समन्वय स्थापित कर बाल श्रमिकों को चिन्ह्ति किया जाए तथा उनका पुर्नवास करवाया जाए । उन्होंने कहा कि जिस परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं होती है, बाल श्रम वहीं होता है, वैसे परिवारों को चिन्ह्ति कर, उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभ दिलवाया जाए। बच्चों को शिक्षा से जोड़ा जाए तथा जहाँ बाल श्रमिक मिलते है, जैसे – बस स्टैण्ड, रेलवे स्टेशन वहाँ पर छापेमारी की जाए। कुछ लोग बाल श्रमिकों को लेकर बाहर जाते है, उन्हें चिन्ह्ति किया जाए, बाल श्रमिकों को विमुक्त कराकर उन्हें पुर्नवासित किया जाए। साथ ही बाल श्रमिक के परिपक्व होने तक लागातार उसकी निगरानी की जाए। उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर पर समिति का गठन हो तथा इसपर चर्चा और बैठकें की जाए।

इस अवसर पर माननीय महापौर मुन्नी देवी, माननीय जिप अध्यक्ष रेणु देवी, अनुमण्डल पदाधिकारी सदर स्पर्श गुप्ता, अनुमण्डल पदाधिकारी बेनीपुर शम्भू नाथ झा, अनुमण्डल पदाधिकारी, बिरौल संजीव कुमार कापर, उप निदेशक जन सम्पर्क नागेन्द्र कुमार गुप्ता, जिला कल्याण पदाधिकारी मदन प्रसाद, श्रम अधीक्षक, बाल संरक्षण पदाधिकारी पंकज सिन्हा, चाइल्ड लाइन के जिला प्रतिनिधि, जिला मानव तस्करी विरोधी यूनिट के प्रतिनिधि एवं अन्य संबंधित पदाधिकारीगण उपस्थित थे।