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चंडीगढ़/ परीक्षा पेपर लीक होने से रोकती है ब्लॉकचेन तकनीक

परीक्षाओं की अखंडता को सुनिश्चित करने के लिए एंटियर सॉल्यूशंस के “एडुब्लॉक प्रो” ने जगाई उम्मीद की किरण 

चंडीगढ : देश में जहां परीक्षा के पेपर लीक होना एक पुरानी बीमारी बन गई है और जो निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा और योग्यता के आधार को खतरे में डाल रही है, वहीं पर एक अप्रत्याशित क्षेत्र से उम्मीद की किरण उभरी है। यह उम्मीद की किरण है ब्लॉकचेन तकनीक।

आज जब भारत परीक्षाओं में हो रही गड़बड़ी की बार-बार होने वाली समस्या से जूझ रहा है, जिससे लाखों उम्मीदवार प्रभावित हो रहे हैं और लोगों का परीक्षाओं पर भरोसा खत्म हो रहा है ऐसे में , मोहाली स्थित ब्लॉकचेन फर्म एंटियर सॉल्यूशंस एक अभिनव समाधान के साथ आगे आई है जो देश की शिक्षा प्रणाली में इस घाव को भरने का वादा करती है। पिछले पांच वर्षों में 15 राज्यों में परीक्षा लीक के 41 मामले सामने आए हैं। इन घटनाओं ने लगभग 1.4 करोड़ नौकरी के आवेदकों को प्रभावित किया है, जिससे नियुक्तियों में देरी हुई है और सिस्टम में लोगों का भरोसा कम हुआ है।

हाल ही में, इस प्लेटफॉर्म को पंजाब राज्य एड्स नियंत्रण सोसायटी (PSACS) के लिए हुए भर्ती परीक्षा में इस्तेमाल किया गया। एंटियर सॉल्यूशंस के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ)  विक्रम आर सिंह बताते हैं, कि “हमारा कर्तव्य ऐसी प्रणालियां तैयार करना है जो मशीन-चालित प्रक्रियाओं की ओर बढ़ें तथा भावनात्मक और मानवीय फैक्टर्स के दखल को बिल्कुल हटा दें।” उन्होंने कहा कि “ब्लॉकचेन के माध्यम से, हमारा लक्ष्य ई-गवर्नेंस प्रणालियों के लिए एक ऐसी वास्तविक प्रोटोकॉल बनाना है जो निष्पक्ष हो और सामाजिक कल्याण में योगदान दे। इस क्षेत्र में अग्रणी के रूप में, हमारा लक्ष्य भारत को दुनिया की वेब 3 राजधानी बनाना है, जो शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों के लिए एडुब्लॉक प्रो जैसे निष्पक्ष और पारदर्शी समाधान प्रदान करता है।”

इसकी शुरुआत छात्रों के एन्क्रिप्टेड पंजीकरण और सुरक्षित तरीके से प्रश्नों को अपलोड करने से होती है। फिर परीक्षा बोर्ड प्रश्नों को लॉक करने और मान्य करने के लिए पब्लिक और प्राइवेट की इनफ्रस्ट्राक्चर्स का उपयोग करता है। परीक्षा के दिन, निरीक्षक सुरक्षित वितरण के लिए पेपर को डिक्रिप्ट और अनलॉक करते हैं। लेकिन एडुब्लॉक प्रो का प्रभाव सिर्फ़ लीक को रोकने से कहीं आगे तक फैला हुआ है।  यह यूनेस्को के सतत विकास लक्ष्य 9 के अनुरूप है, जो समावेशी औद्योगिकीकरण और लचीले बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देता है। निष्पक्ष और पारदर्शी मूल्यांकन प्रक्रियाओं को सुनिश्चित करके, यह प्लेटफ़ॉर्म शिक्षा क्षेत्र में न्यायसंगत शासन में योगदान देता है।

पंजाब एड्स कंट्रोल सोसायटी के लिए हुए भर्ती अभियान में एडुब्लॉक प्रो का सफल क्रियान्वयन एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। सैकड़ों उम्मीदवारों ने परीक्षा में भाग लिया, जिससे सिस्टम की निष्ठा , सटीकता और दक्षता की पुष्टि हुई।  भारत नीट यूजी पेपर लीक सहित कई हाई-प्रोफाइल परीक्षा लीक की समस्या से ग्रसित है, ऐसे में एडुब्लॉक प्रो जैसे समाधान उम्मीद की किरण हैं। वे न केवल परीक्षा को सुरक्षित करने का वादा करते हैं, बल्कि शिक्षा प्रणाली में विश्वास बहाल करने और सभी छात्रों के लिए समान अवसर सुनिश्चित करने का वादा करते हैं।

700 से ज़्यादा पेशेवरों की अपनी टीम और 1000 से ज़्यादा प्रोजेक्ट डिलीवर करने के ट्रैक रिकॉर्ड के साथ, एंटियर इस तकनीकी क्रांति में सबसे आगे है। भारत की सबसे बड़ी ब्लॉकचेन डेवलपमेंट कंपनी के तौर पर, यह ऐसे भविष्य का मार्ग प्रशस्त कर रही है जहाँ तकनीक शिक्षा और निष्पक्ष भर्ती को सुनिश्चित करती है। एडुब्लॉक प्रो दर्शाता है कि वास्तविक दुनिया की समस्याओं के समाधान के लिए ब्लॉकचेन का किस प्रकार उपयोग किया जा सकता है, जिससे भारत और अन्य देशों में भी शैक्षिक मूल्यांकन के परिदृश्य में बदलाव आ सकता है।

प्रश्न-पत्र लीक के विरुद्ध लड़ाई में, ब्लॉकचेन एक गेम-चेंजर के रूप में सामने आया है, जो सुरक्षित और पारदर्शी सूचना प्रबंधन में क्रांतिकारी बदलाव ला रहा है।