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चंडीगढ़/ मैथिली ठाकुर, कलाग्राम के क्राफ्ट मेले में आज बिखेरेंगी अपनी गायिकी का जादू

चंडीगढ़ : कलाग्राम में आयोजित क्राफ्ट मेले के म्यूजिकल नाइट में आज सुप्रसिद्ध गायिका मैथिली ठाकुर द्वारा मनमोहक प्रस्तुति दी जाएगी। ज्ञात हो कि मैथिली ठाकुर अपनी विविधतापूर्ण गायकी में विशेष स्थान रखती हैं जिनकी माधुर्यपूर्ण आवाज़ सबको आनंदित कर देती हैं।

कलाग्राम में लगा यह मेला कला, संस्कृति और बाजार का संगम है। यह शिल्पकारों को गुणवत्तापूर्ण बाजार उपलब्ध कराने का बेहतर स्थान है। इसके जरिए देश की सांस्कृतिक विरासत से लोगों को परिचित कराया जाता है। मेला देख दर्शक बोल रहे ‘ये नहीं देखा तो क्या देखा’ । शिल्प मेला इस बार नए रूप-रंग के साथ सजा है। मंगलवार को कार्यक्रम की शुरुआत राजस्थान के कलाकारों की ओर से लोक गायन मुरली राजस्थानी की प्रस्तुति दी गई। दिन के अन्य मुख्य आकर्षण एक विशेष प्रश्नोत्तरी सत्र रहेे, जिसमें 200 से अधिक छात्रों ने भाग लिया। क्विज़ प्रतिदिन स्कूली बच्चों और अन्य लोगों के लिए आयोजित किया जाता है, इसके अलावा सुलेख, पेपरमेशी, क्ले मॉडलिंग और पेपर कटिंग में एक कार्यशाला-कम-डेमो भी आयोजित किया जाता है।

मेले में अब तक ओडिशा कलाकारों द्वारा मलखंब, पंजाब कलाकारों द्वारा लुड्डी, उत्तराखंड कलाकारों द्वारा पांडव नृत्य, हरियाणवी कलाकारों द्वारा धमाल की प्रस्तुति देखकर लोग आनंद विभोर हो गए। वहीं पंजाब का फोक थिएटर नक्काल, झूमर और धाड़ी गायन हुआ। इस दौरान राजस्थान का कालबेलिया, गुजरात का राठवा, राजस्थान की भपंग, मध्य प्रदेश का गुदुम बाजा की प्रस्तुति के जरिए कलाकारों ने अपनी लोक संस्कृति का परिचय दिया। इसके साथ पंजाब के कलाकारों की ओर से बाजीगर, नचर की प्रस्तुति के बाद और हरियाणा के आर्टिस्टों द्वारा बीन-जोगी और नगाड़ा की प्रस्तुति दी गई। मंच पर एक के बाद एक कलाकारों की अद्भुत प्रतिभा ने दिनभर दर्शकों को मेले से अब तक बांधे रखा। वहीं उत्तर प्रदेश, गोवा, लद्दाख, जम्मू- कश्मीर, हिमाचल, हरियाणा और मुंबई से आए कारीगरों के स्टॉल पर भी दस्तकारी और शिल्पकारी का अजब परिचय दे रहे हैं।

आज मैथिली ठाकुर की सांध्य प्रस्तुति से पूर्व सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरुआत सुबह 11 बजे पंजाब के कलाकारों की ओर से लुड्डी की प्रस्तुति से होगी। इसके बाद उत्तराखंड के कलाकारों द्वारा छपेली, जम्मू-कश्मीर के कलाकारों द्वारा बचा नगमा, छत्तीसगढ़ कलाकारों द्वारा कर्मा, मध्य प्रदेश का गुड़म बाजा, हरियाणा का घूमर, राजस्थान से काईबेलिया, ओडिशा का मलखंभ और पंजाब की ओर से पंजाब पुलिस ट्रोप की प्रस्तुति होगी। इसके बाद शाम 4 बजे के सत्र में सुक्खी बराड़ की ओर से पंजाबी लोक संगीत पेश किया जाएगा। वहीं मध्यप्रदेश से राई, दादरा एवं नगर हवेली की टीम द्वारा मच्छी, मिजोरम के कलाकारों द्वारा चिरो, मेघालय द्वारा वांगला, त्रिपुरा की टीम द्वारा होजागिरी, असम के कलाकारों की ओर से बिहू और मणिपुर की ओर से लाई हरोबा एवं थंगेता की प्रस्तुति होगी। इसके अलावा राजस्थान की लोक कला कच्ची घोड़ी, बहरुपिया, कठपुतली पेश की जाएगी। वहीं पंजाब की ओर से बाजीगर और हरियाणा कलाकारों द्वारा बीन जोगी और नगाड़ा की प्रस्तुति दी जाएगी।

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