सुपौल : जिला मुख्यालय में शिक्षा विभाग के कर्मचारियों के शोषण को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, विभाग के कई कर्मचारियों को न केवल नियमित कार्यदिवसों में बल्कि रविवार एवं अन्य अवकाशों के दिन भी कार्यालय में उपस्थित रहना पड़ता है।
बताया जा रहा है कि कई मामलों में कर्मचारी सुबह से लेकर देर शाम, यहां तक कि रात 8 बजे तक काम करने को मजबूर होते हैं। इस दौरान उन्हें अतिरिक्त कार्य के लिए न ही ओवरटाइम मिलता है और न ही कोई अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।
सूत्रों का कहना है कि विभाग के कुछ वरीय अधिकारी भी इन दिनों कार्यालय में मौजूद रहते हैं, जिससे कर्मचारियों पर उपस्थिति बनाए रखने का अप्रत्यक्ष दबाव बना रहता है। कर्मचारियों के बीच इस स्थिति को लेकर असंतोष बढ़ता जा रहा है, हालांकि खुलकर कोई सामने आने से बच रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सरकारी विभागों में कार्यरत कर्मचारियों के साथ इस तरह की परिस्थितियां बनती हैं, तो निजी क्षेत्र के कर्मचारियों की स्थिति का सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है। यह मुद्दा श्रम अधिकारों और कार्य-जीवन संतुलन के लिहाज से गंभीर चिंता का विषय बनता जा रहा है।
हालांकि, इस संबंध में विभागीय अधिकारियों की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यदि आरोपों में सच्चाई पाई जाती है, तो यह प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर सकता है।
















