58 अधिकारियों/कर्मचारियों को राजभाषा उत्कृष्टता पुरस्कार प्रदान किए
चंडीगढ़, 3 फरवरी, 2026 : चंडीगढ़ नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (कार्यालय-1) ने मंगलवार को रक्षा भू-सूचना विज्ञान अनुसंधान प्रतिष्ठान, हिम परिसर, सैक्टर 37 में वर्ष 2025-26 की द्वितीय छमाही बैठक का आयोजन किया। बैठक की अध्यक्षता समिति अध्यक्ष अशोक कुमार सरोहा, प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त, उत्तर-पश्चिम क्षेत्र, चंडीगढ़ ने की।
बैठक में केंद्रीय सरकारी कार्यालयों में हिंदी के प्रयोग की समीक्षा की गई और वर्ष 2025-26 के लक्ष्यों पर विचार-विमर्श किया गया। समिति की वार्षिक पत्रिका ‘शिवालिका चंडीगढ़’ के 26 वें अंक का विमोचन भी किया गया।
पुरस्कार वितरण समारोह में अध्यक्ष महोदय ने कहा कि हिंदी के प्रयोग से ही देश की मौलिक सोच और रचनात्मक अभिव्यक्ति संभव है। हिंदी आज सूचना प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और मेडिकल के क्षेत्र में काफी लोकप्रिय हो रही है। उन्होंने आगे कहा कि हमें हिंदी को और अधिक बढ़ावा देने के लिए मिलकर काम करना होगा। हिंदी के प्रयोग से हम न केवल अपनी संस्कृति को बढ़ावा दे सकते हैं, बल्कि देश की एकता और अखंडता को भी मजबूत कर सकते हैं। हमें हिंदी को रोजमर्रा की जिंदगी में अधिक से अधिक प्रयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि नरकास समिति के प्रयासों से चंडीगढ़ के कार्यालयों में हिंदी के प्रयोग में निरंतर वृद्धि हुई है।
विशिष्ट अतिथि डॉ. माधव कौशिक, अध्यक्ष, केंद्रीय साहित्य अकादमी, नई दिल्ली ने हिंदी साहित्य और संस्कृति पर अपने विचार साझा किए। नराकास सदस्य सचिव नीना मल्होत्रा ने बैठक में चंडीगढ़ स्थित केंद्रीय सरकारी कार्यालयों में हिंदी के प्रयोग की समीक्षा प्रस्तुत की।
समिति ने वर्ष 2024-25 में आयोजित प्रतियोगिताओं के 58 अधिकारियों/कर्मचारियों को पुरस्कार प्रदान किए। इसके अलावा, चंडीगढ़ के केन्द्रीय सरकारी कार्यालयों द्वारा प्रकाशित सर्वश्रेष्ठ हिंदी पत्रिकाओं और सरकारी कार्यालयों में कार्यरत हिंदी के लेखकों को भी सम्मानित किया गया। 40 कार्यालयाध्यक्षों/प्रमुखों को भी हिंदी के प्रयोग में उत्कृष्टता के लिए पुरस्कार प्रदान किए गए।















