चंडीगढ़ : पोस्टग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (PGIMER), चंडीगढ़ के न्यूक्लियर मेडिसिन विभाग के डॉ. अंकित वॉट्स को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ी उपलब्धि मिली है। उन्हें पिछले दिनों अमेरिका की सोसाइटी ऑफ न्यूक्लियर मेडिसिन एंड मॉलिक्यूलर इमेजिंग (SNMMI) द्वारा फ्यूचर लीडर्स अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान उन्हें ऑरलैंडो, फ्लोरिडा (USA) में 21 से 24 जनवरी 2026 तक आयोजित एसएनएमएमआई मिड-विंटर मीटिंग और अमेरिकन कॉलेज ऑफ न्यूक्लियर मेडिसिन (ACNM) की वार्षिक बैठक के दौरान प्रदान किया गया।
इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिए पूरी दुनिया से चुने गए 15 युवा वैज्ञानिकों में डॉ. वॉट्स भारत के एकमात्र प्रतिनिधि थे, जिससे यह सम्मान और भी विशेष हो जाता है। यह उपलब्धि पीजीआई तथा भारत दोनों की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठा बढ़ाती है।
एसएनएमएमआई दुनिया की सबसे बड़ी और प्रभावशाली संस्था है, जो न्यूक्लियर मेडिसिन और मॉलिक्यूलर इमेजिंग के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभाती है और इसमें 18,000 से अधिक विशेषज्ञ जुड़े हुए हैं। यह अवॉर्ड उन युवा शोधकर्ताओं को दिया जाता है जो अपने क्षेत्र में उत्कृष्ट शोध, नवाचार और भविष्य के नेतृत्व की क्षमता प्रदर्शित करते हैं।
डॉ. अंकित वॉट्स को यह सम्मान उनके महत्वपूर्ण शोध कार्यों और न्यूक्लियर मेडिसिन में उभरते नेतृत्व के लिए दिया गया है। उन्होंने हाल ही में अमेरिका के प्रसिद्ध जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी, बाल्टीमोर में एक वर्ष का प्रतिष्ठित फेलोशिप कार्यक्रम पूरा किया। इस दौरान उन्होंने ऑस्टियोसार्कोमा (हड्डियों का एक गंभीर कैंसर) के उपचार के लिए टार्गेटेड अल्फा थेरेपी पर अत्याधुनिक शोध किया, जिसे इस क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण प्रगति माना जा रहा है।
डॉ. वॉट्स का यह अंतरराष्ट्रीय सम्मान पीजीआईएमईआर की वैश्विक पहचान को मजबूत करता है और उन्हें भारत के उभरते हुए युवा वैज्ञानिकों में अग्रणी स्थान देता है।















