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मोहाली/ ईपीएफओ, चंडीगढ़ द्वारा सामाजिक सुरक्षा संहिता नियम, 2020 पर संगोष्ठी का किया गया आयोजन

चंडीगढ़/मोहाली, 5 फरवरी 2026 : वीरवार को कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ), चंडीगढ़ द्वारा श्रम विभाग, पंजाब सरकार के सहयोग से पंजाब राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के लिए कर्मचारी नामांकन अभियान (ईईसी -2025), प्रधानमंत्री–विकसित भारत रोजगार योजना (पीएम-वीबीआरवाई) एवं सामाजिक सुरक्षा संहिता (सीओएसएस) नियम, 2020 पर एक संगोष्ठी का आयोजन श्रम भवन, मोहाली में किया गया। संगोष्ठी में पंजाब सरकार के विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

भारत सरकार के श्रम सचिव द्वारा जारी निर्देशों के अनुपालन में, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के कर्मचारी नामांकन अभियान (ईईसी -2025) के व्यापक प्रसार हेतु राज्य सरकारों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि उनके विभागों द्वारा नियोजित ठेकेदारों एवं संविदा कर्मियों को इस अभियान की समुचित जानकारी दी जाए। इस पहल का उद्देश्य पात्र आउटसोर्स एवं संविदा कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाना है।

ईपीएफओ की ओर से इस कार्यक्रम में रितेश सैनी, क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त-I, जोनल कार्यालय, चंडीगढ़ तथा दीपक पाल, क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त-II, क्षेत्रीय कार्यालय, चंडीगढ़ सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। श्रम विभाग, पंजाब सरकार की तरफ से बलजीत सिंह, उप श्रम आयुक्त, अन्य विभागीय अधिकारियों के साथ उपस्थित रहे। संगोष्ठी में पंजाब सरकार के विभिन्न विभागों का प्रतिनिधित्व करते हुए कुल 62 अधिकारियों ने भाग लिया।

संगोष्ठी के दौरान दीपक पाल, क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त-II ने कर्मचारी नामांकन अभियान (ईईसी -2025) पर विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि यह अभियान पहले से अपंजीकृत पात्र कर्मचारियों, विशेषकर आउटसोर्स एवं संविदा कर्मियों को, सुविधा-आधारित एवं स्वैच्छिक अनुपालन दृष्टिकोण के माध्यम से कर्मचारी भविष्य निधि के अंतर्गत लाने के उद्देश्य से प्रारंभ किया गया है। अभियान के अंतर्गत क्षतिपूर्ति में छूट एवं नामांकन प्रक्रिया के सरलीकरण जैसे लाभों की भी जानकारी दी गई।

प्रतिभागियों को प्रधानमंत्री–विकसित भारत रोजगार योजना (पीएम-वीबीआरवाई) की प्रमुख विशेषताओं से भी अवगत कराया गया। इसके अतिरिक्त, सामाजिक सुरक्षा संहिता (सीओएसएस) नियम, 2020 के प्रमुख प्रावधानों की जानकारी दी गई, जिसमें नियोक्ताओं की वैधानिक जिम्मेदारियों तथा ठेकेदारों के माध्यम से नियोजित पात्र कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा लाभ सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया।

संगोष्ठी का समापन एक संवादात्मक सत्र के साथ हुआ, जिसमें प्रतिभागियों ने संविदा कर्मियों के कवरेज, अनुपालन आवश्यकताओं तथा सामाजिक सुरक्षा प्रावधानों के प्रभावी क्रियान्वयन से संबंधित व्यावहारिक एवं प्रकरण-आधारित प्रश्नों पर चर्चा की। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ किया गया।

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