चंडीगढ़ : कभी-कभी समाज को आगे बढ़ाने के लिए ऊँचे पद, राजनीतिक ताक़त या बड़े मंच की नहीं, बल्कि सही सोच, गहरा अनुभव और जनहित के प्रति अटूट संकल्प की ज़रूरत होती है। ऐसे ही व्यक्तित्व हैं सुरिंदर वर्मा, जिनका जीवन यह साबित करता है कि उम्र भले ही वरिष्ठ नागरिक की हो, लेकिन कर्म, सोच और ऊर्जा हमेशा युवा रह सकती है।
सेवा और अनुशासन से शुरू हुआ जीवन सफर
06 अक्टूबर 1948 को जन्मे सुरिंदर वर्मा ने अपने जीवन की नींव अनुशासन, ईमानदारी और जनसेवा के मूल्यों पर रखी। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने भारतीय खाद्य निगम (FCI) जैसी प्रतिष्ठित संस्था में फाइनेंस एंड अकाउंट्स विभाग में कार्यभार संभाला। वर्षों की मेहनत, निष्ठा और दक्षता के बल पर वे मैनेजर (Finance & Accounts) के पद तक पहुँचे और अक्टूबर 2008 में सम्मानपूर्वक सेवानिवृत्त हुए, लेकिन उनके लिए सेवानिवृत्ति विश्राम नहीं, बल्कि समाज के लिए और अधिक सक्रिय होने का अवसर थी।
नागरिक और उपभोक्ता जागरूकता के अग्रदूत
वर्ष 1994 में, यानी सेवा काल के दौरान ही, सुरिंदर वर्मा ने CAG (Citizen Awareness Group – सिटीज़न अवेयरनेस ग्रुप) की स्थापना की। उनका मानना था कि जब तक आम नागरिक अपने अधिकारों और जिम्मेदारियों को नहीं समझेगा, तब तक सशक्त लोकतंत्र की कल्पना अधूरी रहेगी। यही सोच उन्हें उपभोक्ता अधिकारों, निवेशक सुरक्षा और नागरिक जागरूकता के क्षेत्र में ले आई। उनकी सक्रियता को देखते हुए टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) ने उन्हें Consumer Advocacy Group के रूप में नामित किया। वहीं भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) ने उन्हें Investor Association के रूप में मान्यता दी।
राष्ट्रीय संस्थाओं से मजबूत सहभागिता
सुरिंदर वर्मा का योगदान केवल एक संगठन तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने PHDCCI, CII, FICCI, ASSOCHAM जैसे प्रमुख उद्योग संगठनों के साथ-साथ IRDA, FSSAI और CCI जैसे नियामक संस्थानों के साथ भी सक्रिय सहभागिता निभाई। इन मंचों के माध्यम से उन्होंने उपभोक्ताओं और निवेशकों की समस्याओं को नीतिगत स्तर तक पहुँचाने का कार्य किया। उनकी सेवाओं के लिए उन्हें पंजाब और हरियाणा सरकारों के डिप्टी कमिश्नर, गृह सचिव, राज्यपाल के सलाहकार तथा विभिन्न मंत्रियों द्वारा कई बार सम्मानित किया गया।
मीडिया के माध्यम से जनहित की आवाज़
सुरिंदर वर्मा मानते हैं कि जागरूकता का सबसे प्रभावी माध्यम मीडिया है। इसी सोच के साथ उन्होंने मीडिया जगत में भी सक्रिय भूमिका निभाई। वे मिरर 365 एवं चंडीगढ़ टुडे के संस्थापक अध्यक्ष हैं । साथ ही वे National Media Confederation, गुवाहाटी के Deputy President, Indian Federation of Small and Medium Newspapers, बेंगलुरु के Vice President, All India Reporters Association, दिल्ली के Patron, National Media Foundation, पंजाब एवं चंडीगढ़ के State President के रूप में भी अपनी सेवाएँ दे चुके हैं। मीडिया के ज़रिए वे लगातार उपभोक्ता अधिकारों, वित्तीय साक्षरता और जनसमस्याओं पर प्रेस नोट्स, लेख और विश्लेषण प्रकाशित करते रहते हैं, ताकि आम आदमी की आवाज़ दब न जाए।
सामाजिक संगठनों में महत्वपूर्ण भूमिका
सामाजिक क्षेत्र में भी उनकी भागीदारी बहुआयामी रही है। वे
राष्ट्रीय युवक परिषद (Rashtriya Yuvak Parishad) के पंजाब एवं चंडीगढ़ राज्य अध्यक्ष, Consumer Coordination Council, दिल्ली के सदस्य, TRAI और SEBI के सदस्य, लुधियाना स्टॉक एक्सचेंज व दिल्ली स्टॉक एक्सचेंज के पूर्व ट्रस्टी तथा वर्तमान में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज और SEBI, मुंबई के ट्रस्टी के रूप में अपनी जिम्मेदारियाँ निभा चुके हैं और निभा रहे हैं।
जनसरोकारों से सीधा जुड़ाव
सुरिंदर वर्मा ने देशभर में निवेशक जागरूकता कार्यक्रमों में भाग लेकर लोगों को उनके अधिकारों और दायित्वों के प्रति सजग किया। निवेश से जुड़े विवादों के समाधान में भी उन्होंने मार्गदर्शन दिया। इसके साथ ही उपभोक्ता जागरूकता अभियानों के ज़रिए मोबाइल, टेलीकॉम और अन्य सेवाओं से जुड़े आम लोगों की समस्याओं को सुलझाने में सक्रिय भूमिका निभाई।
युवाओं के लिए प्रेरणास्त्रोत
आज जब सुरिंदर वर्मा उम्र के हिसाब से वरिष्ठ नागरिक हैं, तब भी उनकी सक्रियता, स्पष्ट सोच और सामाजिक प्रतिबद्धता युवाओं के लिए प्रेरणा है। वे यह सिखाते हैं कि सेवा का कोई रिटायरमेंट नहीं होता, और अनुभव जब जनहित से जुड़ जाए, तो वह बदलाव की ताक़त बन जाता है।
सुरिंदर वर्मा केवल एक नाम नहीं, बल्कि :
👉 जागरूक नागरिक का प्रतीक,
👉 उपभोक्ता अधिकारों की आवाज़,
👉 और समाज के प्रति आजीवन समर्पण की मिसाल हैं।
वास्तव में वे उम्र से वरिष्ठ नागरिक, लेकिन कर्म और चेतना से सदैव युवा हैं ।
















