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सहरसा/ जिलाधिकारी के निर्देश पर स्वास्थ्य पदाधिकारियों ने क्षेत्र जाकर की जाँच

जिलाधिकारी ने महत्वपूर्ण कार्यक्रमों को त्वरित एवं प्रभावी ढंग से लागू करने के दिए निर्देश

सतत् अनुश्रवण एवं पर्यवेक्षण करने के भी दिये निदेश

सहरसा : सरकार, स्वास्थ्य विभाग के महत्वपूर्ण कार्यक्रमों को त्वरित एवं प्रभावी ढंग से लागू करने तथा इसके सतत् अनुश्रवण एवं पर्यवेक्षण करने हेतु कटिबद्ध है। इसके लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में बीते सोमवार को आहूत स्वास्थ्य विभाग की समीक्षात्मक बैठक के बाद पत्र जारी करते हुए स्वास्थ्य विभाग के सभी पदाधिकारियों को सप्ताह में कम से कम एक दिन क्षेत्र में स्वयं जाकर अनिवार्य रूप से जाँच करने के निदेश जारी किये गये हैं। उक्त आदेश के आलोक में जिला स्वास्थ्य समिति द्वारा स्वास्थ्य विभाग के 12 पदाधिकारियों को क्षेत्र आवंटित करते हुए स्वास्थ्य कार्यक्रमों को त्वरित एवं प्रभावी ढंग से लागू करने तथा सतत् अनुश्रवण एवं पर्यवेक्षण करने को कहा गया है ।

सिविल सर्जन डा. किशोर कुमार मधुप ने बताया जिलाधिकारी के उक्त निदेश के अनुपालन के क्रम में स्वास्थ्य कार्यक्रमों को त्वरित एवं प्रभावी ढंग से लागू करने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारियों को उनका क्षेत्र आवंटित करते पत्र जारी किया गया है। स्वास्थ्य विभाग के महत्वपूर्ण कार्यक्रम त्वरित एवं प्रभावी ढंग से लागू हों, यह हम स्वास्थ्य पदाधिकारियों की पहली जिम्मेवारी बनती है। स्वयं मैं भी आज कहरा प्रखंड जाकर स्वास्थ्य कार्यक्रमों को त्वरित एवं प्रभावी ढंग से लागू करना सुनिश्चित करना चाहूँगा। उन्होंने बताया सरकार द्वारा इस संदर्भ में एक चेक लिस्ट भी जारी किया गया है। जिसमें कुल 35 विन्दुओं पर जांच करने के निदेश जारी किये गये हैं। साथ ही नियमित टीकाकरण एवं आरोग्य दिवस सत्र की मॉनिटरिंग करने के निदेश जारी किये गये हैं। यह कार्यक्रम सप्ताह के प्रत्येक बुधवार को करने के निदेश जारी किये गये हैं। इसमें जिले के एक प्रखंड एवं एक भीएचएसएनडी साइट का पर्यवेक्षण करना सुनिश्चित किया गया है।

सिविल सर्जन डा. किशोर कुमार मधुप ने बताया ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता और पोषण दिवस (भीएचएसएनडी) की संकल्पना देश भर में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत की गई। यह सरकार द्वारा शुरू उन प्रमुख कार्यक्रमों में से एक है जिसके माध्यम से समुदाय को निवारक और विकास सेवाएं प्रदान करने का एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करना है। भीएचएसएनडी के चार घटक हैं- स्वास्थ्य, पोषण, विकास एवं स्वच्छता। स्वास्थ्य सेवाओं के तहत इसमें प्रजनन, मातृ, नवजात, बच्चे और किशोर स्वास्थ्य, संचारी रोग और गैर संचारी रोग के लिए बुनियादी स्वास्थ्य और परामर्श सेवाएं शामिल हैं। पोषण के तहत इसमें विकास की निगरानी, स्तनपान और पूरक आहार, मातृ पोषण, सूक्ष्म पोषक तत्व आदि से संबंधित सेवाएं और परामर्श शामिल हैं। विकास के तहत इसमें बच्चों के प्रारंभिक बचपन के विकास के लिए उम्र के अनुकूल खेल और संचार शामिल हैं। स्वच्छता के तहत इसको बढ़ावा देने, हाथ धोने, सुरक्षित पेयजल और शौचालयों के उपयोग को बढ़ावा देना है। प्रत्येक गांव में माह में एक बार आंगनबाडी/चिह्नित केन्द्रों पर भीएचएसएनडी का आयोजन किया जाता है। क्षेत्र की एएनएम मान्यता प्राप्त सामाजिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता (आशा) और आंगनबाड़ी (एडब्ल्यूडब्ल्यू) कार्यकर्ताओं द्वारा तैयार की गई लाभार्थी सूची के आधार पर अपने पोषक क्षेत्र के लिए मासिक वीएचएसएनडी योजना तैयार करती हैं । भीएचएसएनडी की तिथि और समय आंगनबाड़ी केंद्रों (एडब्ल्यूसी) और उप केंद्रों (एससी) में सेवा प्रदाता और आईईसी सामग्री के नाम के साथ प्रदर्शित की जाती है। आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एमसीपी कार्ड के साथ भीएचएसएनडी सत्र स्थल पर उपस्थित होने से एक दिन पहले लाभार्थियों को सूचित करती हैं। योजना के अनुसार सत्र के दौरान भीएचएसएनडी में सभी आवश्यक गतिविधियों और सेवा वितरण करने के लिए दवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं । सत्र कम से कम एक घंटा समूह परामर्श सत्र के लिए समर्पित होता है।