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चंडीगढ़/ परमात्मा भीतर और बाहर व्यापक है : आचार्य विष्णु मित्र वेदार्थी

✍️ मनोज शर्मा, चंडीगढ़


चंडीगढ़ : श्रावणी पर्व के उपलक्ष्य में आर्य समाज सेक्टर 7 बी चंडीगढ़ में अध्यात्मिक व्याख्यान एवं भजनों का आयोजन किया जा रहा है । प्रवचन के दौरान आचार्य विष्णु मित्र वेदार्थी ने कहा कि ज्ञान और विज्ञान देने वाला परमात्मा ही है। यह निमित्त ज्ञान है। जिसमें कोई परिवर्तन नहीं किया जा सकता वही सिद्धांत है। स्वाभाविक ज्ञान न घटता और न ही बढ़ता है। यह परमात्मा की व्यवस्था से ही सुलभ होता है। जो ज्ञान घटता और बढ़ता है वह निमित्त ज्ञान है। वेद का ज्ञान निमित्त है। परमात्मा अपने ढांचे को बार-बार परिवर्तित नहीं करता है। उन्होंने कहा कि ईश्वर की बनाई हुई व्यवस्था में कोई कमी नहीं है। ईश्वर ने अग्नि, वायु, आदित्य और अंगिरा ऋषियों को वेद का ज्ञान दिया। ज्ञान उन्हें इसलिए मिला क्योंकि वे मन से पवित्र थे।


ज्ञान दो प्रकार से दिया जाता है। अपने से भिन्न व्यक्ति को विद्या, वाणी और लेखनी के द्वारा ज्ञान दिया जाता है। दूसरा ज्ञान विद्या, वाणी और लेखनी से परे है। परमात्मा आत्मा का अंतर्यामी है। आत्मा व्यापी है और परमात्मा भीतर और बाहर व्यापक है इसलिए परमात्मा को वाणी और देखने की जरूरत नहीं है। इससे पूर्व केबीडीएवी पब्लिक स्कूल सेक्टर 7 के शिक्षक राजेश वर्मा ने महर्षि दयानंद सरस्वती जी पर आधारित मनमोहक भजन प्रस्तुत किए।


कार्यक्रम रविवार तक चलेंगे। शनिवार तक प्रतिदिन यज्ञ प्रातः 7 से 8 तक आचार्य विष्णु मित्र वेदार्थी द्वारा संपन्न करवाया जाता है इस यज्ञ के संयोजक डॉ जगदीश शास्त्री हैं। सांयकालीन कार्यक्रम 5 से 6:30 तक भजन एवं 6:30 से 7:15 बजे तक आचार्य विष्णु मित्र वेदार्थी द्वारा व्याख्यान किया जाता है।रविवार को कार्यक्रम 10 बजे से प्रारंभ होगा जो दोपहर को बजे ऋषि लंगर के साथ संपन्न होगा। कार्यक्रम के दौरान चंडीगढ़, पंचकूला और मोहाली से काफी संख्या में आर्यजन उपस्थित थेेेे।

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