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चंडीगढ़/ मिथिला स्टूडेंट यूनियन द्वारा आयोजित ऐतिहासिक जानकी महोत्सव सफलतापूर्वक संपन्न

बुधवार को घग्घर नदी पावन तट पर माँ जानकी की मूर्ति का किया गया जल प्रवाह

नगर की प्रथम नागरिक (मेयर) ने मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम में की शिरकत

सांस्कृतिक कार्यक्रम में गायिका सोनी चौधरी ने दर्शकों को किया मंत्रमुग्ध

कई राजनैतिक पार्टियों के प्रतिनिधियों ने कार्यक्रम में पहुँचकर लिया माँ जानकी का आशीर्वाद

अनेक समाजसेवकों व संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भी लिया कार्यक्रम में हिस्सा

अनेक अतिथियों को मिथिला संस्कृति की पहचान पाग व पीले दुपट्टे (गमछे) से किया गया सम्मानित

भारत में अनेक जगहों पर किया गया माँ जानकी महोत्सव का आयोजन

 

चंडीगढ़ : मिथिला स्टूडेंट यूनियन की राष्ट्रीय इकाई के आह्वान पर दो दिवसीय जानकी महोत्सव का आयोजन ट्राइसिटी टीम के द्वारा किया गया । यह आयोजन हल्लोमाजरा के दीप कॉम्प्लेक्स स्थित मकान संख्या 1472 के खाली प्लॉट में मंगलवार व बुधवार को किया गया । इस आयोजन को भव्य व ऐतिहासिक बनाने के लिए MSU की ट्राइसिटी टीम को काफी मशक्कत करनी पड़ी । कार्यक्रम को सफल बनाने में स्थानीय लोगों व संघर्ष विकास सभा के अध्यक्ष सह आप नेता राजेश चौधरी का भी काफी योगदान रहा ।

 

कार्यक्रम की शुरूआत मंगलवार की सुबह पूजा अर्चना से हुई । इस पूजा अर्चना में आयोजन समिति के सदस्यों के अलावे स्थानीय लीगों ने भी बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया । इस विशेष जानकी पूजा में ट्राइसिटी टीम की ओर से सुरजीत झा ने यजमान की भूमिका निभाई । पूजा समाप्ति के बाद सबके सुख, शांति व समृद्धि के लिए हवन भी किया गया । तत्पश्चात प्रसाद वितरण किया गया ।

 

शाम को 6 बजे के आसपास मंच संचालक सह गायक मंजीत झा (पूर्व अध्यक्ष MSU ट्राइसिटी) ने सांस्कृतिक कार्यक्रम की शुरूआत की । इसके अंतर्गत उन्होंने सर्वप्रथम “जै जै भैरवी असुर भयावनी” गाकर माता की आराधना करते हुए उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया । इसके बाद तो भजनों का सिलसिला लगातार चलता ही रहा । दिल्ली से आई गायिक सोनी चौधरी ने तो अपनी गायकी से कार्यक्रम में चार चाँद लगा दिए ।

 

इसी बीच आमंत्रित अतिथियों के आने का सिलसिला भी लगातार चलता रहा । आमंत्रित अतिथियों को मिथिला संस्कृति की पहचान पाग व पीले दुपट्टे से से लगातार अंतराल पर सम्मानित भी किया जा रहा था । सभी सम्मानित लोग इस ऐतिहासिक पूजा, सांस्कृतिक कार्यक्रम व मैथिल सम्मान को पाकर काफी खुश होने के साथ साथ अचंभित भी दिख रहे थे ।

 

इस दौरान मुख्य अतिथि के रूप में चंडीगढ़ की मेयर सरबजीत कौर का भी आगमन हुआ । उनके साथ पूर्व डिप्टी मेयर जगतार सिंह जग्गा, श्रीमती रिंकू सिन्हा, श्रीमती रूबी गुप्ता आदि लोग भी कार्यक्रम की शोभा बढ़ाने व माँ जानकी का आशीर्वाद लेने पहुँचे । सम्मान व आतिथ्य से मेयर सरबजीत कौर ने प्रभावित होते हुए कहा कि वे इस महोत्सव में शामिल होकर बहुत खुश हैं । साथ ही उन्होंने आतिथ्य सत्कार और सम्मान के लिए आयोजकों का आभार भी प्रकट किया ।

कार्यक्रम के दौरान ही अन्य भी कई समाजसेवियों, नेताओं, कई संस्थाओं के प्रतिनिधियों का आना भी लगातार जारी रहा । इनमे मुख्य रूप से समाजसेवी सह व्यवसायी सुनील गुप्ता, संजय चौबे, अजय झा, कृपानंद ठाकुर, आप नेता राजेश चौधरी, भाजपा नेता गणेश झा, कामगार पार्टी के बैद्यनाथ मिश्रा, चंडीगढ़ कायस्थ सभा, मैथिल संघ, मिथिलांचल विकास सभा, संघर्ष विकास सभा, बिहार परिषद आदि संस्थाओं के प्रतिनिधिगण आदि प्रमुख रहे । सभी लोगों को आयोजकों की ओर से सम्मानित भी किया गया ।

 

कार्यक्रम के दौरान ही 8 बजे के आसपास प्रसाद के रूप में लंगर की भी शुरुआत की गई । लगभग 500 लोगों ने लंगर के रूप में माता जानकी का प्रसाद ग्रहण किया । लंगर बाँटने में आयोजन समति के सदस्यों के साथ साथ कुछ अतिथियों ने भी काफी सहयोग किया ।

बुधवार को सुबह 9 बजे विधिवत पूजा अर्चना के बाद माता जानकी को विसर्जित कर दिया गया । आयोजन समिति के सदस्यों के साथ साथ अन्य स्थानीय लोगों ने भी मूर्ति विसर्जन में साथ दिया । पंचकूला में पहाड़ी के समीप पवित्र घग्घर नदी के पावन घाट पर माता जानकी की मूर्ति का जल प्रवाह किया गया ।

कार्यक्रम के ऐतिहासिक व सफल समापन के बाद MSU ट्राइसिटी टीम के अध्यक्ष कृष्णदेव “विद्यार्थी” ने बताया कि वे इस ऐतिहासिक आयोजन से काफी संतुष्ट हैं । यह सफल आयोजन उनकी पूरी टीम (आयोजन समिति) एवं अन्य स्थानीय लोगों की कड़ी मेहनत का नतीजा है । आगे वे कहते हैं कि मैथिल होने के कारण माता सीता का गुणगान करना उनकी प्राथमिकता है ।

राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य सह आयोजन समिति सदस्य पंकज झा ने कहा कि माता सीता को जानते तो सब हैं पर उन्हे जो पहचान मिलनी चाहिए वह अब तक नही मिला था । मिथिला स्टूडेंट यूनियन ने माता जानकी की गाथा को घर घर पहुँचाने का प्रण लिया है । इसी उद्देश्य से इस वर्ष यूनियन द्वारा दर्जनों जगहों पर जानकी महोत्सव का आयोजन किया गया है । वे आगे कहते हैं कि अगले वर्ष से यूनियन के सदस्यों व अन्य मैथिलों के द्वारा सैकड़ों स्थानों पर यह आयोजन किया जाएगा ।

आयोजन समिति के सदस्य सह पूर्व अध्यक्ष मंजीत झा ने बताया कि सभी मैथिलों द्वारा अगले वर्ष से इस तरह का आयोजन अवश्य किया जाना चाहिए । चंडीगढ़ में आयोजित इस सफल आयोजन के लिए उन्होंने सभी लोगों का आभार प्रकट किया ।

वही पूर्व अध्यक्ष अभिषेक मिश्रा ने कहा कि माता सीता का प्रकाट्य दिवस होने के कारण इस दिन को जानकी नवमी के रूप में जाना जाता है । माता जानकी की जन्मस्थली (मिथिला) के होने के कारण हम लोगों को जानकी नवमी मनाते हुए माता जानकी का गुणगान अवश्य करना चाहिए ।

आयोजन समिति के ही माधव दास, सुनील कुमार, नीतीश कुशवाहा व रतन झा ने एक स्वर में कहा कि जिस तरह से कई क्षेत्रों के लोग अपनी सभ्यता, संस्कृति के हिसाब से कई पर्व मनाते हैं उसी तरह हम मैथिलों को भी माता जानकी को आदर्श मानते हुए हर्षोल्लास के साथ जानकी नवमी मनाना चाहिए । माता सीता का पूजन एवं उनका गुणगान हर घर मे हो ऐसा हम सबको प्रयास करना चाहिए ।