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सहरसा/ सड़क दुर्घटनाओं की जानकारी के लिए विकसित IRAD परियोजना को लेकर पुलिसकर्मियों को दिया गया प्रशिक्षण

जिले के सहरसा सदर थाने से की गई प्रशिक्षण की शुरुआत

16 मार्च तक क्रमवार जिले के सभी सम्बंधित पुलिसकर्मियों को किया जाएगा प्रशिक्षित

प्रशिक्षक की भूमिका में नज़र आए DRM (डिस्ट्रिक्ट रोल आउट मैनेजर) सुमनजीत कुमार व NIC की ओर से राकेश रौशन

सहरसा : सड़क दुर्घटनाओं की सम्पूर्ण जानकारी को लेकर सरकार ने IRAD नामक परियोजना की शुरुआत की है । इसके अंतर्गत देश के किसी भी क्षेत्र में घटित दुर्घटनाओं की जानकारी एक क्लिक में प्राप्त की जा सकती है । सड़क दुर्घटनाओं से संबंधित सभी सूचनाओं को IRAD के अंतर्गत प्रविष्ठि एवं अन्य विषयों को सभी जिलों के पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है ।

जिले में गुरुवार से इस प्रशिक्षण की शुरुआत सहरसा सदर थाने से की गई । DRM सुमनजीत कुमार व NIC प्रतिनिधि के रूप में राकेश रौशन ने संबंधित पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण दिया । इस प्रशिक्षण में पाँच थाने सहरसा सदर, महिला थाना सहरसा सदर, बैजनाथपुर पुलिस शिविर, एससी एसटी थाना व सोनवर्षा कचहरी ओपी के थाना प्रभारी, SI/ASI , कॉन्स्टेबल एवं CCTNS डाटा इंट्री ऑपरेटर प्रशिक्षार्थी के रूप में सहरसा सदर थाने में उपस्थित रहे । मुख्य रूप से सहरसा सदर थाना प्रभारी सुधाकर कुमार, SI अविनाश कुमार व पुष्पम भारती, एससी एसटी थाना प्रभारी ललन पासवान, SI सविता कुमारी, आमोद कुमार, महिला थाना मैनेजर कुमारी पिंकी, सोनवर्षा कचहरी ओपी के ASI मायाशंकर चौधरी, कॉन्स्टेबल अमलेश कुमार सिंह, CCTNS डाटा इंट्री ऑपरेटर प्रदीप कुमार, राजू कुमार सिंह आदि ने प्रशिक्षण प्राप्त किया ।

प्रशिक्षण की अहम बातें

मूल रूप से सड़क दुर्घटनाओं की जानकारी से संबंधित सभी सूचनाओं को डेटा बेस पर कैसे अपलोड/प्रविष्ट किया जाए ?

कौन कौन सी जानकारी अपलोड की जाए ?

इस परियोजना में पुलिस की क्या भूमिका होगी ?

इससे आम जनता को क्या फायदा मिलेगा ?

भविष्य में दुर्घटनाओं को कैसे कम किया जा सकेगा ?

 

पुलिस अधीक्षक ने 16 मार्च तक जिले के सभी संबंधित पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षित करने के निर्देश दिए हैं । DRM सुमनजीत कुमार ने निर्देश के आलोक में कल से ही प्रशिक्षण की शुरुआत कर दी है । आगे क्रमशः बिहरा थाना, सौरबाजार थाना, सिमरी बख्तियारपुर थाना, सलखुआ थाना व महिषी थाना में प्रशिक्षण दिया जाना है ।

क्या है IRAD ?

IRAD का पूरा नाम ‘एकीकृत सड़क दुर्घटना डेटाबेस परियोजना’ (Integrated Road Accident Database Project- IRAD) है । इसका मुख्य उद्देश्य सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देना है । इस ऐप को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान – मद्रास (IIT-M) द्वारा विकसित किया गया है तथा इसे राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (National Informatics Centre) द्वारा कार्यान्वित किया जा रहा है । IRAD मोबाइल एप्लिकेशन या वेबसाइट के द्वारा पुलिस कर्मी फ़ोटो और वीडियो के साथ किसी सड़क दुर्घटना का विवरण दर्ज करने में सक्षम होंगे, जिससे बाद में उस दुर्घटना की एक यूनिक आईडी निर्मित की जाएगी । इसके बाद, लोक निर्माण विभाग या स्थानीय निकाय के एक इंजीनियर को उसके मोबाइल डिवाइस पर अलर्ट प्राप्त होगा।इसके पश्चात वह दुर्घटना स्थल पर जाकर उसकी जांच करेगा, तथा सड़क की डिज़ाइन आदि आवश्यक विवरण दर्ज करेगा।इस प्रकार एकत्र किए गए डेटा का IIT- M में एक टीम द्वारा विश्लेषण किया जाएगा, जो सड़क डिजाइन में सुधारात्मक उपाय किए जाने के लिए आवश्यक सुझाव देगा । सड़क उपयोगकर्ता एक अलग मोबाइल एप्लिकेशन पर सड़क दुर्घटनाओं संबंधी डेटा अपलोड करने में भी सक्षम होंगे।

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