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चंडीगढ़/ सेक्टर 7 में नए अवतार में मोती महल डीलक्स रेस्टोरेंट का हुआ शुभारंभ

इसमें मोती महल की अमीर विरासत को दिखाने वाली एक शानदार गैलरी भी

मोती महल के संस्थापक कुंदन लाल गुजराल को भारतीय व्यंजनों की प्रसिद्ध तिकड़ी- तंदूरी चिकन, बटर चिकन और दाल मखनी का आविष्कार करने का श्रेय दिया जाता है

चंडीगढ़ : चंडीगढ़ अब नेशनल कलनरी मैप पर तेजी से उभर रहा है। जाने माने और पूरे भारत में लोकप्रिय मोती महल रेस्टोरेंट ग्रुप ने शनिवार को सेक्टर 7 में अपना पहला मोती महल डीलक्स रेस्टोरेंट -नए फॉर्मेट में खोला है। इस नए आउटलेट को खोलने के लिए खास तौर पर सिटी ब्यूटीफुल को चुना है। यह अलग और खास रेस्टोरेंट प्रतिष्ठित रेस्टोरेंट ब्रांड-मोती महल की कलनरी एक्सीलेंस की एक सदी का जश्न मनाता है। इसके साथ ही ये मोती महल के समृद्ध और ऐतिहासिक इतिहास को खूबसूरती को भी दर्शाता है।

रेस्टोरेंट के लॉन्च की घोषणा करने के लिए एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान वेंचर के चंडीगढ़ पार्टनर अमन ग्रोवर के साथ मीडियाकर्मियों से बातचीत करते हुए, मोती महल ग्रुप के चेयरमैन मोनिष गुजराल ने कहा कि ‘‘हम बीते कुछ सालों से चंडीगढ़ में हैं। मोती महल रेस्टोरेंट केएलजी होटल, सेक्टर 43 में स्थित है, लेकिन अब हमारे पास सेक्टर 7 में बार के साथ हमारा पहला मोती महल डीलक्स रेस्टोरेंट भी है । जिसमें मोती महल के कलनरी इतिहास को प्रदर्शित किया गया है, इस कैटेगरी में ये रेस्टोरेंट, भारत में अपनी तरह का पहला रेस्टोरेंट है।”

यह उल्लेखनीय है कि मोनिश मोती महल के संस्थापक कुंदन लाल गुजराल के पोते हैं, जो अलग अलग व्यंजन तैयार करने में पारंगत थे और जिन्हें भारतीय व्यंजनों की प्रतिष्ठित त्रिमूर्ति-तंदूरी चिकन, बटर चिकन और दाल मखनी का आविष्कार करने का श्रेय दिया जाता है। बुर्रा कबाब, चिकन पकोड़ा, पनीर टिक्का, शाही पनीर जैसे मोती महल के अन्य विशिष्ट व्यंजनों के साथ ये स्वादिष्ट व्यंजन अब प्रसिद्ध मोती महल तंदूरी ट्रेल रेस्टोरेंट का दिल और आत्मा हैं, जिन्हें मोनिश द्वारा सावधानीपूर्वक तैयार किया गया है। मोनिष, खुद भी एक प्रसिद्ध शेफ हैं।

इस फाइन डाइनर की दीवारों पर रेस्टोरेंट चेन के संस्थापक के अतीत की तस्वीरें भी प्रदर्शित है। ये सभी तस्वीरें मेन रेस्टोरेंट हॉल की तरफ जाने वाले रास्ते में सजाए गए हैं। तस्वीरों के अलावा, उस समय इस्तेमाल की जाने वाली खाना पकाने का सामान आदि भी गैलरी में बीते युग के पुराने तंदूरों के मॉडल के साथ प्रमुख स्थान रखती हैं। यह चेन के पैटर्नस को मोती महल की कलनरी विरासत का एक गहन अनुभव प्रदान करता है।

मोनिश ने बताया कि ‘‘मोती महल की समृद्ध विरासत को उसकी यात्रा में शामिल करते हुए एक सुंदर माहौल और एक ऐतिहासिक सेटिंग के रूप में प्रदर्शित किया गया है।’’

मुगल काल के शाही आकर्षण से प्रेरित सजावट, समय के माध्यम से इस शानदार सफर के लिए प्लेटफॉर्म तैयार करती है, एक ऐसा माहौल बनाती है जो अतीत की भव्यता को दर्शाती है। मेन रेस्टोरेंट में समाचार क्लिपिंग को भी प्रदर्शित किया गया है, जिनमें देश-दुनिया की जानी मानी और प्रमुख राजनीतिक हस्तियों को दिल्ली के दरियागंज में स्थित समूह के प्रतिष्ठित रेस्टोरेंट में आते हुए दिखाया गया है।

मोती महल डीलक्स, चंडीगढ़ के पार्टनर अमन ग्रोवर ने कहा कि ‘‘फूड लवर्स को ट्रेडमार्क मोती महल चिकन तंदूरी, बटर चिकन और दाल मखनी का स्वाद लेने का मौका मिलेगा। इसके अलावा, कुछ और नए स्वाद और आनंद भी मिलेंगे जिनमें तंदूरी टेंडर कबाब, बटर पनीर, चिकन पकोड़ा भी शामिल हैं।’’

अमन ने कहा कि ‘‘बार में ऐतिहासिक प्रभावों से प्रेरित तैयार किए गए कॉकटेल की सिलेक्शन भी मौजूद है, जो ग्राहकों को बीते दौर के स्वादों का आनंद लेने मौका देंगी।’’

मोती महल डीलक्स न केवल अलग अलग फूड प्रदान करता है बल्कि उस कलनरी विरासत की खोज भी करता है जिसने पीढ़ियों से मोती महल को बाकी सबसे अलग स्थापित किया है। मोती महल के भारत और विश्व स्तर पर 150 से अधिक आउटलेट हैं। चंडीगढ़ के अलावा यह रेस्टोरेंट बठिंडा, नवांशहर, पटियाला, लुधियाना, नाभा जैसे शहरों में भी मौजूद है।

यह उल्लेखनीय है कि यह वर्ष एक महत्वपूर्ण अवसर है क्योंकि भारत का प्रसिद्ध रेस्टोरेंट और तंदूरी व्यंजन में अग्रणी मोती महल, 1920 के बाद से अपनी असाधारण यात्रा का पता लगाते हुए, गर्व से अपनी शताब्दी मना रहा है। दूरदर्शी कुंदन लाल गुजराल द्वारा स्थापित, मोती महल न केवल भारत में एक प्रमुख कलनरी संस्थान है, बल्कि इसने वैश्विक स्तर पर भी अपनी पहचान को स्थापित किया है।