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सहरसा/ 10 अक्टूबर को मनाया जाएगा विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस

इस वर्ष की थीम : सभी के लिए मानसिक स्वास्थ्य और कल्याण को वैश्विक प्राथमिकता बनाएं

जिले से एक डाक्टर को मानसिक रोगियों की काउंसिलिंग इलाज से संबंधित प्रशिक्षण के लिए भेजा गया था बैंगलोर

साथ में दो स्टाफ नर्स ने भी ट्रेनिंग ली

सहरसा : विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस 10 अक्टूबर को मनाया जाएगा। अपर मुख्य चिकित्सा डॉ. रविन्द्र मोहन ने बताया कि भारत की कुल जनसंख्या के 10 से 12 प्रतिशत लोग मानसिक रोगों से पीड़ित हैं। मानसिक स्वास्थ्य शिक्षा के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए हर साल 10 अक्टूबर को विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस मनाया जाता है। विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के लिए हर साल एक थीम रखी जाती है ।

अपर मुख्य चिकित्सा डॉ. रविन्द्र मोहन ने बताया कि इस वर्ष की थीम सभी के लिए मानसिक स्वास्थ्य और कल्याण को वैश्विक प्राथमिकता बनाएं है। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु जिले से डॉ अखिलेश प्रसाद को मानसिक रोगियों की काउंसिलिंग इलाज से संबंधित प्रशिक्षण के लिए बैंगलोर भेजा गया था । साथ में दो स्टाफ नर्स को भी प्रशिक्षण के लिए भेजा गया था। जहां से सभी प्रशिक्षण प्राप्त कर आ चुके हैं। उनके अनुसार मानसिक स्वास्थ क्लीनिक सप्ताह में दो दिन बुधवार व गुरुवार ।

अपर मुख्य चिकित्सा डॉ. रविन्द्र मोहन ने बताया कि जिंदगी में शरीर में थकान होना एक आम बात है। कई बार थकान के कारण हम किसी शारीरिक बीमारी का शिकार भी हो जाते हैं। शारीरिक बीमारी सभी को दिखाई देती है या कम से कम पीड़ित को पता है कि वे बीमार हैं और उन्हें इलाज की जरूरत है। लेकिन कभी-कभी व्यक्ति को मानसिक बीमारी के बारे में पता भी नहीं होता है, जो खुद इस बीमारी से जूझ रहा है। ऐसे में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बेहद जरूरी है। मानसिक बीमारी के कारण लोगों के हितों और परिवारों के बीच बड़ी समस्याएँ उभरने लगती हैं। न जाने कितने लोग इस समस्या की वजह से आत्महत्या कर लेते हैं और हादसे के बाद उनकी मौत का कारण हम जानते हैं। अगर कोई आपसे अपनी परेशानी साझा करता है तो आपको उसकी बातों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और उसे ध्यान से समझना चाहिए। ऐसा करने से आप दुर्घटना से बच सकते हैं तथा मानसिक स्वास्थ्य को ऐसे समझिए किसी भी व्यक्ति के मानसिक स्वास्थ्य का संबंध उसकी भावनात्मक, मनोवैज्ञानिक और सामाजिक स्थिति से जुड़ा होता है। मानसिक स्वास्थ्य से व्यक्ति के सोचने, समझने, महसूस करने और कार्य करने की क्षमता प्रभावित होती है। इसका असर व्यक्ति के तनाव को संभालने और जीवन से जुड़े जरूरी विकल्प के चयन पर भी पड़ सकता है। मानसिक स्वास्थ्य जीवन के प्रत्येक चरण अर्थात बचपन, किशोरावस्था, वयस्कता और बुढ़ापे में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

मानसिक स्वास्थ्य बिगड़ने के लक्षण :

खाने या सोने की आदतों में बदलाव

पसंदीदा लोगों और गतिविधियों से दूरी बनाना

ऊर्जाहीन या लो एनर्जी का एहसास होना

सुन्न महसूस करना जैसे कि कुछ भी मायने नहीं रखता है

असहाय या निराश महसूस करना

धूम्रपान, शराब पीना और ड्रग्स का अधिक उपयोग करना

भ्रमित होना, चीजों को भूलना और गुस्सा आना

परेशान, चिंतित या डरा हुआ महसूस करना।