सहरसा/ कालाजार नियंत्रण के लिए सिंथेटिक पायराथायराइड पाउडर छिड़काव हुआ प्रारंभ – News4 All

News4 All

Latest Online Breaking News

सहरसा/ कालाजार नियंत्रण के लिए सिंथेटिक पायराथायराइड पाउडर छिड़काव हुआ प्रारंभ

😊 Please Share This News 😊

कार्यक्रम के सफल कार्यान्वयन को ले भीबीडीसीओ ने दिये निर्देश

केयर इंडिया का लिया जा रहा है सहयोग

सहरसा : जिले में कालाजार नियंत्रण के लिये सिंथेटिक पायराथायराइड पाउडर का द्वितीय चक्र का छिड़काव कल से प्रारंभ किया जा चुका है । इसे लेकर जिला के विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों में एक दिवसीय एसएफडब्ल्यू एवं एफडब्ल्यू को प्रशिक्षित भी किया गया है। जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ रविन्द्र कुमार के द्वारा सफल कार्यान्वयन को लेकर सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को आदेश जारी किये गये हैं। इसमें कहा गया है कि 7.5 लीटर पानी में 125 ग्राम सिंथेटिक पायराथायराइड पाउडर का घोल तैयार कर निर्धारित मापदंड के अनुसार सभी घरों के सभी कमरों की दीवार पर छह फीट की ऊंचाई तक (छत को छोड़कर) छिड़काव करना है। प्रत्येक दिन 2.76 किलोग्राम एसपी पाउडर से 60 घरों में छिड़काव करने का निर्देश दिया गया है। इसके प्रचार- प्रसार के लिये आशा, स्थानीय शिक्षक को लगाया जा रहा है। साथ ही पंचायती राज के जनप्रतिनिधियों की भागीदारी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। जिले में इस बार कालाजार के विरुद्ध यह छिड़काव आरंभ किया गया है और जो 60 दिनों तक चलेगा।

जिला वेक्टर जनित रोग पदाधिकारी डा. रविन्द्र कुमार ने बताया कालाजार मादा बालू मक्खी के काटने के कारण होता है, जो कि लीशमैनिया परजीवी का वेक्टर है। इस प्रारंभिक संक्रमण के बाद के महीनों में यह बीमारी और अधिक गंभीर रूप ले सकती है, जिसे आंत में लिशमानियासिस या कालाजार कहा जाता है। जिले में 2019 से लेकर अब तक मात्र 16 मरीज शेष हैं। बावजूद इसको लेकर सतर्कता जरूरी है। उन्होंने बताया इस कार्यक्रम के सफल संचालन में केयर इंडिया से भी अपेक्षित सहयोग लिया जा रहा है।

जिला वेक्टर जनित रोग सलाहकार राजेश कुमार ने बताया कालाजार से पीड़ित रोगी को मुख्यमंत्री कालाजार राहत योजना के तहत श्रम क्षतिपूर्ति के रूप में पैसे भी दिए जाते हैं। बीमार व्यक्ति को 6600 रुपये राज्य सरकार की ओर से और 500 रुपए केंद्र सरकार की ओर से दिए जाते हैं। यह राशि वीएल (ब्लड रिलेटेड) कालाजार में रोगी को प्रदान की जाती है। वहीं चमड़ी से जुड़े कालाजार (पीकेडीएल) में 4000 रुपये की राशि केंद्र सरकार की ओर से दी जाती है।

द्वितीय चक्र के छिड़काव संबंधी लक्ष्यों की जानकारी साझा करते हुए केयर इंडिया की डीपीओ नसरीन बानो ने बताया कि जिला अंतर्गत सभी प्रखंडों में कालाजार प्रभावित गांवों में कार्य योजना के अनुसार सिथेटिक पायराथायराइड का छिड़काव किया जाएगा। इसके छिड़काव की कुल लक्षित आबादी 8 लाख 12 हजार 516 है। वहीं घरों की संख्या 1 लाख 65 हजार 879 एवं यह जिले के 83 पंचायतों के 108 गांवों में आता है। उन्होंने कहा कि लोग सोने का कमरा, रसोई, बैठक, पूजा घर, गोशाला इत्यादि के पूरे दीवार 6 फीट तक छत को छोड़कर इसका छिड़काव अवश्य करवायें।

व्हाट्सप्प आइकान को दबा कर इस खबर को शेयर जरूर करें 

स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे

Donate Now

[responsive-slider id=1466]
error: Content is protected !!