पंचकूला/ हरियाणा में अधिकांश युवाओं के आत्महत्या की वजह है बेरोजगारी : डॉक्टर सुशील गुप्ता – News4 All

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पंचकूला/ हरियाणा में अधिकांश युवाओं के आत्महत्या की वजह है बेरोजगारी : डॉक्टर सुशील गुप्ता

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बेरोजगारी मामले में हरियाणा देश मैं भी सबसे आगे।

कांग्रेसी नेता ओम प्रकाश गुर्जर भी हुए आप मे शामिल 

 

पंचकूला : शनिवार को  आम आदमी पार्टी के हरियाणा प्रभारी डॉक्टर सुशील गुप्ता ने हरियाणा में बढ़ती बेरोजगारी पर सरकार को आड़े हाथ लिया । उन्होंने कहा कि हरियाणा में बेरोजगारी चरम पर है जिसके चलते प्रदेश के अनेक युवा आत्महत्या करने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में देश में 2017 से लेकर 2022 तक कुल कामगारों की संख्या 46 प्रतिशत से कम होकर 40 प्रतिशत रह गई है। हमने कहा कि देश में अभी भी 90 करोड़ लोग रोजगार के योग्य है, जबकि इनमें से 45 करोड़ से ज्यादा लोगों ने काम की तलाश ही छोड़ दी है। इसके विपरीत दिल्ली की सरकार ज्यादा से ज्यादा अवसर पैदा हो,इसके लिए चीन की तर्ज पर होलसेल फेस्टिवल का आयोजन करने जा रही है। इसके अलावा पूर्वी दिल्ली की एशिया की जानी-मानी मार्केट गांधीनगर को शॉपिंग हब के रूप में विकसित किया जाएगा।

डॉ सुशील गुप्ता यहां पुराने कांग्रेसी नेता ओम प्रकाश गुर्जर को पार्टी में शामिल करवाने के अवसर पर बोल रहे थे। उन्होंने गुर्जर को टोपी पहना कर उनका पार्टी में स्वागत किया। उन्होंने कहा कि गुजर को पार्टी में पूरा मान सम्मान देने की बात कही। उन्होंने बताया कि ओम प्रकाश गुर्जर कांग्रेस में वरिष्ठ पदों पर रहे हैं और वह हरियाणा के गुर्जर कल्याण बोर्ड के चेयरमैन के पद पर भी है। उन्होंने 2014 में समालखा से बीएसपी पार्टी से विधानसभा चुनाव भी लड़ा है।

उन्होंने आगे कहा कि रोजगार के मामले में हरियाणा में 9,50 लाख युवाओं ने संयुक्त पात्रता परीक्षा के लिए आवेदन किया है। केवल 50हजार पदों को भरा जाएगा। इसको भी कोरोना को लेकर टालने की तैयारी चल रही है। इसके बाद भी प्रदेश में 9 लाख युवा बेरोजगार ही रहेंगे। उन्होंने आगे कहा कि वर्तमान में प्रदेश सरकार के अब और पिछले कार्यकाल के दौरान 25 नौकरी भर्ती की परीक्षाएं लीक होने के बाद रद्द हो चुकी है। जबकि हर साल परीक्षाओं की गोपनीयता पर 20 करोड रुपये खर्च किया जाता है। उन्होंने कहा कि पेपर लीक होने से युवाओं की उम्र, पैसा, उनका सपना सब कुछ दाव पर लग जाता है। जिससे वे हताश होकर आत्महत्या करने जैसा कदम उठाने को मजबूर होते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 38,476 शिक्षको के साथ साथ 2हजार गैर शिक्षकों के भी पद खाली पड़े हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सरकारी आईटीआई में पिछले 10 साल से कोई भर्ती नहीं हुई है, जबकि पिछले 3 साल से सेना की ओर से खुली भर्ती का आयोजन नहीं किया गया है। इससे युवा खुद को ओवरेज मानकर डिप्रेशन में जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अभी हाल ही में हाई कोर्ट ने सितंबर 2020 में हुए 4858 क्लर्क भर्ती का परिणाम हरियाणा सरकार को दोबारा तैयार करने का आदेश दिया है, क्योंकि इसमें भी गड़बड़ी हुई थी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 36 आरोही स्कूल हैं जिनमें शिक्षकों के 2232 पद स्वीकृत है। अब सरकार की नीतियों के चलते इन स्कूलों में 308 का स्टाफ काम कर रहा है।ऐसे में ये आरोही स्कूल भी बंद होने की कगार पर पहुंच गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के 63 स्कूलों में एक भी शिक्षक नहीं है।इनमें यमुनानगर के 33 और नूह के 30 स्कूल है।

आप के राज्यसभा सांसद एवं हरियाणा मामलों के प्रभारी डॉ सुशील गुप्ता ने कहा कि 2 मार्च 2021 को हरियाणा के राज्यपाल ने प्राइवेट नौकरियों में 75% आरक्षण देने के बिल को मंजूरी दे दी थी। हाईकोर्ट की रोक के बाद फरवरी 2022 में सुप्रीम कोर्ट ने भी हरियाणा सरकार के पक्ष में फैसला सुनाया था। इसके लिए बनाएं स्पेशल पोर्टल पर अभी तक 52809 उम्मीदवारों ने अपना पंजीकरण करवा लिया है। ताजा आंकड़ों के अनुसार इनमें से भी एक भी उम्मीदवार को नौकरी नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ घोषणा सरकार बन कर रह गई है। उन्होंने कहा कि रोजगार ना मिलने के कारण बेरोजगारी के चलते हैं बहुत से युवा आत्महत्या करने को मजबूर हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के अनुसार हरियाणा में 2019 में 4191 लोगों ने आत्महत्या की। उन्होंने कहा कि इस मामले में देश की औसत दर से 4.1 प्रतिशत ज्यादा है। उन्होंने बताया कि राज्य की दर 14. 5 प्रतिशत है, जबकि देश की औसत दर 10.4 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि इससे ज्यादा शर्मनाक बात एक सरकार के लिए और क्या हो सकती है कि उसका अनुपात देश के अनुपात से 4% ज्यादा हो ज्यादा हो गया है। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट के अनुसार 2019 में देश भर में एक लाख से ज्यादा लोग ऐसा करने को मजबूर हुए। हरियाणा की बात करें तो वर्ष 2019 में 3297 पुरुषों और 894 महिलाओं ने आत्महत्या की।

सुशील गुप्ता ने दिल्ली सरकार रोजगार मॉडल का उदाहरण देते हुए कहा कि पार्टी की दिल्ली सरकार अगले 5 सालों में प्रदेश में 20 लाख नौकरियां पैदा करने के लिए ₹4500करोड खर्च करेगी। उन्होंने कहा कि वर्ष 2022-23 के लिए ₹75,800 करोड का बजट पेश किया गया है जो कि पिछले वर्ष की तुलना में 9, 80 प्रतिशत अधिक है। उन्होंने कहा कि गत वर्ष यह बजट ₹69000 करोड था। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार राज्य के स्कूलों में बिजनेस ब्लास्टर कार्यक्रम चलाती है। लेकिन इस बजट के दौरान इसका दायरा बढ़ाने का ऐलान किया गया है। इसके तहत अब इसे पब्लिक स्कूलों में भी शुरू किया जाएगा। इसके लिए बजट में प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि देश की राजधानी दिल्ली में 33% लोग लोगों के पास रोजगार है। अगले 5 साल के दौरान इस आकड़े को 40% तक ले जाने का इसका लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में 3 लाख दुकाने हैं जो 7 लाख से अधिक लोगों को रोजगार देती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बाजारों को पर्यटन के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां से डेढ़ लाख लोगों को नौकरियां मिलेंगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा के क्षेत्र को वरीयता देते हुए 16278 करोड का बजट खर्च करेगी। उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और बस अडडे की वजह से दिल्ली की राजधानी में पर्यटकों के साथ-साथ अन्य लोगों की आवाजाही रहती है। इसके लिए रात 2 बजे तक फूड ट्रक चलाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह रात 8 बजे से 2 बजे तक अलग-अलग स्थानों पर खड़े होगे। इस अवसर पर पार्टी के उतरी हरियाणा जॉन के सचिव योगेश्वर शर्मा, वरिष्ठ नेता देशबंधु, आरती अरोड़ा, सतीश कुमार, अनिल पगोतरा भी उपस्थित थे।

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