अररिया/ आँचलिक साहित्यकार फणीश्वरनाथ ‘रेणु’ के जन्म दिवस पर भव्य कार्यक्रम का हुआ आयोजन – News4 All

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अररिया/ आँचलिक साहित्यकार फणीश्वरनाथ ‘रेणु’ के जन्म दिवस पर भव्य कार्यक्रम का हुआ आयोजन

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जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित हुआ कार्यक्रम

सांसद प्रदीप कुमार विशेष अतिथि के रूप में हुए शामिल


अररिया : आंचलिक साहित्यकार फणीश्वरनाथ रेणु के जन्मदिवस (रेणु महोत्सव 2022) के अवसर पर शुक्रवार को टाऊन हॉल अररिया के प्रांगण में रेणु जी के कृतित्व एवं व्यक्तित्व पर साहित्यक परिचर्चा का आयोजन किया गया। साहित्यक परिचर्चा का उद्घाटन माननीय सांसद श्री प्रदीप कुमार सिंह, जिला पदाधिकारी श्री प्रशांत कुमार सीएच, अपर समाहर्ता श्री अनिल कुमार ठाकुर, रेणुजी के पुत्र श्री दक्षिणेश्वर राय पप्पू, एवं विद्वान साहित्यकारों द्वारा संयुक्त रुप से दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया गया। जिला आईकॉन श्री अमर आनंद प्रिया राज द्वारा स्वागत गान की प्रस्तुति किया गया। जिलाधिकारी द्वारा रेणुकुज अररिया में प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया ।

इसके बाद कार्यक्रम स्थल नगर भवन में सर्वप्रथम परिचर्चा को संबोधित करते जिला पदाधिकारी ने कहा कि अंचल विशेष के लोक जीवन एवं लोक संस्कृति का सन्दर्भ लेते हुए वास्तव भारतीय समाज एवं राष्ट्र की संस्मयीक समस्याओं का चित्रण किया है। इस रूप में मैला आँचल परती परीकथा नामक उपन्यास एवं कई कथा संग्रह को वैशविक ख्याति प्राप्त हुई है। रेणुजी के रचनाओं में स्वतंत्रता के बाद भारतीय गाँवों में घटित हो रही परिवर्तनों को सामने रखा है। भारतीय ग्रामीण जीवन एवं ग्रामीण चेतना का सुंदर वर्णन किया है। उनकी रचनाओं में ग्राम् जीवन की छोटी बड़ी-घटना, आचार-विचार, रीति-रिवीज, पर्व-त्योहार, अंधविश्वास तथा राजनीतिक जीवन के गद्यांश एवं चित्रण मिलते हैं। रेणु जी को मात्र एक साहित्यकार मान लेना उनके जीवन के कुछ उपलब्धियों को नजरअंदाज करना होगा। वे एक महान उपन्यासकार, साहित्यकार, कथाकार ही नहीं एक महान क्रांतिकारी एवं स्वतंत्र सेनानी भी थे।

माननीय सांसद श्री प्रदीप कुमार सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि रेणु जी की धरती है अररिया।जिले का नाम देश एवं विदेशों में रेणु जी के नाम से ही जाना जाता है।यह महान साहित्यकार थे। माननीय मुख्यमंत्री बिहार सरकार द्वारा 2005 में अररिया जिले को साहित्यकारों की धरती कहा था ।अररिया जिले में प्रतिभावों की कमी नहीं है । यहां प्रत्येक वर्ष प्रतिभावी छात्रों द्वारा देश के आईएएस आईपीएस की परीक्षाओं में चयनित होते हैं। 1990 में जिला अररिया का निर्माण हुआ है। अररिया विकास की ओर तीव्र गति से बढ़ रहा है। अररिया रेणु जी का धरोहर है। स्वतंत्रता की लड़ाई में इनका महत्वपूर्ण योगदान है ।हमारे लिए यह प्रेरणा के स्रोत हैं।

अन्य विद्वान साहित्यकार एवं कवियों द्वारा अपने अपने वक्तव्य से फणीश्वर नाथ रेणु जी कृतित्व एवं व्यक्तित्व पर गहराई से प्रकाश डाला गया। मौके पर पुलिस अधीक्षक श्री अशोक कुमार सिंह, अनुमंडल पदाधिकारी श्री शैलेश चंद्र दिवाकर, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी श्री पुष्कर कुमार ,जिला शिक्षा पदाधिकारी , श्री दिलीप कुमार वरीय उप समाहर्ता सह प्रभारी पदाधिकारी सामान्य प्रशाखा एवं संबंधित पदाधिकारीगण तथा गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

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