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चुनावी चर्चा एवं कोरोना टीकाकरण पर केंद्रित रविवासरीय बतकही

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✍️ नागेन्द्र बहादुर सिंह चौहान

 

कासिम चचा ने प्रपंच का आगाज करते हुए कहा- इस निगोड़ी राजनीति ने हम मुसलमानों को आम शहरी के बजाय दोयम दर्जे का नागरिक बना डाला है। कांग्रेस ने मुस्लिम समाज को शुरुआत में ही वोट बैंक बना दिया था। तब से भारत का मुसलमान समाज की मुख्यधारा से जुड़ नहीं पा रहा है। चाहे सत्ता पक्ष की पार्टियां हों या विपक्षी दल हों या फिर मुसलमानों के स्वयंभू नेतागण हों। सबके सब मुसलमानों को सर्व समाज से अलग-थलग रखना चाहते हैं। इसी में उन सबकी नेतागिरी चमकती है। मुसलमानों को अलग-अलग मुद्दों पर बरगलाया जाता है। मुस्लिम समाज की बेहतरी के बारे में कोई नहीं सोचता है। इस समय पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव चल रहा है। यह एक तरह से लोकसभा चुनाव का सेमी फाइनल मैच है। इसलिए हिजाब को मुद्दा बनाकर मुसलमानों को गोलबंद किया जा रहा है।
चतुरी चाचा आज अपने चबूतरे पर आते ही मुझको हांक लगाई। मैं अच्छे पड़ोसी की तरह झटपट प्रपंच चबूतरे पर पहुंच गया। वह पुरई से चबूतरे के आसपास कुछ मौसमी फूलों के पौधे लगवा रहे थे। चाचा मुझको उन पौधों की विशेषता बता रहे थे। तभी ककुवा, कासिम चचा, मुंशीजी व बड़के दद्दा भी चबूतरे पर पधार गए। आज कई दिनों बाद सुबह चटख धूप खिली थी। मौसम बहुत खुशगवार था। गाँव के बच्चे मैदान में क्रिकेट खेल रहे थे। चतुरी चाचा ने कासिम चचा से कहा- कासिम मास्टर, आजु तुम बतकही शुरू करव। कासिम चचा इतना सुनते ही शुरू हो गए। ऐसा लगा जैसे वह बड़े दिनों से इसका इंतजार कर रहे थे। कासिम चचा देश के मुसलमानों को वोट बैंक बनाये जाने पर दुःखी थे। उन्होंने कहा- सत्ता पक्ष और विपक्ष हिन्दू-मुस्लिम को बांटकर अपना-अपना उल्लू सीधा करना चाहते हैं। इस बात को मुसलमानों को समझना होगा। मुस्लिम समाज को अपनी बेहतरी के लिए मतदान करना चाहिए। किसी के बहकावे में आकर मतदान करना बेवकूफी है। आखिर मुस्लिम बच्चे कबतक सिलाई, कढ़ाई, बुनाई ही करते रहेंगे? क्या मुस्लिम बच्चे सिर्फ गाड़ी बनाएंगे, पंक्चर ही जोड़ते रहेंगे? हमारे बच्चे अशिक्षा और गरीबी के कारण अपराध में लिप्त होते रहेंगे? इस पर मुस्लिम समाज को विचार करना होगा।
मुंशीजी ने कासिम चचा की चिंता की जायज बताते हुए कहा- कासिम भाई, तुमने आज खरी बात कही है। अगर मुस्लिम समाज खुद जागरूक हो जाए। वह खुद तय कर ले कि हम सब किसी राजनीतिक दल का वोट बैंक नहीं बनेंगे। हम लोग किसी नेता अथवा पार्टी की जागीर नहीं बनेंगे। ग्रामसभा से लेकर लोकसभा तक अपनी कौम की बेहतरी के लिए वोट डालेंगे। जिस दिन मुसलमान ऐसा कर ले गया, उसी दिन से मुस्लिम समाज देश की मुख्यधारा से जुड़ जाएगा। उसकी मूलभूत समस्याओं के निराकरण का मार्ग प्रशस्त हो जाएगा। एक जमाने से नेता देश के मुसलमानों को ठगते आ रहे हैं। चतुर राजनीतिज्ञ मुसलमानों को बरगला कर आये दिन धरना-प्रदर्शन, चक्का जाम, तालाबंदी, हड़ताल और आगजनी करवाते हैं। कुछ राजनीतिक दल सत्ता की खातिर नफरत की राजनीति करते हैं। मुसलमानों में हिंदुओं के प्रति और हिंदुओं में मुसलमानों के प्रति घृणा पैदा करते हैं। मुस्लिम युवाओं का अपराधी और आतंकवादी बनना न देश हित में है और न ही मुस्लिम समाज के हित में है। मुस्लिम बच्चों को अच्छी आधुनिक शिक्षा मिलनी चाहिए। तभी देश और मुस्लिम समाज का कल्याण होगा।
इसी बीच चंदू बिटिया प्रपंचियों के लिए जलपान लेकर आ गई। हम लोगों ने हरे मटर की चटपटी घुघरी ख़ाकर डकार ली। फिर कुल्हड़ वाली स्पेशल चाय के साथ प्रपंच आगे बढ़ा। बड़ी देर से शांत बैठे ककुवा ने कहा- हमका युहु नाय समझ आवत हय कि स्कूलन म हिजाब अउ बुरका पहिनके आवय का जरूरत। आखिर कौनि बाति की जिद हय। अरे! स्कूल-कालिज म हुवाँ केरी ड्रेस पहिनके आव। सब जने नीके पढ़व अउ अनुशासन मा रहव। दुर्भाग्य की बाति या हय कि हिजाब अउ बुरका पय राजनीति होय रही। मामिला करनाटक ते निकरि कय पूरे देस म पहुंचि गवा। बिना मतलब केरे मुद्दे प राजनीति होय रही हय। इ झंझट म लरिका-बिटियन कय पढ़ाई चौपट होय रही। जिनका पढ़य क चाही। उई सब ‘अल्लाह हू अकबर’ अउ ‘जय श्रीराम’ का नारा लगाय रहे। जगह-जगह धरना-परदर्शन होय रहा। नेतन क नेतागिरी चमक रही। ई मामले का चुनाव म भुना रहे।
चतुरी चाचा ने विषय परिवर्तन करते हुए कहा- काल्हि दुसरे चरन क्यार मतदान होई। पश्चिमी यूपी क नौ जिलन केरी 55 सिटन पय वाट परिहैं। कुल 586 उम्मीदवारन केरी किस्मत दांव प रही। यहिके पहिले 10 फरवरी का पहिला चरन होय गवा। इमा 11 जिलन की 58 सिटन पय वोटिंग भई रहय। नौ मन्त्रिन सहित 623 उम्मीदवारन केरी किस्मत इवीएम मशीन म कैद होय चुकी। सत्रह वाले चुनाव म हिंया भाजपा 53 सीटय जीती रहय। चिंता केरी बाति या हय कि अबसिला वाट कम परि रहे। लोगन का चाही कि अपन वाट जरूर डारएँ। हर मतदाता का मतदान जरूर करय क चही। जौ कौनव उम्मीदवार न समझ आवै तौ नोटा वाला बटन दबाय देव। हम तौ कहित हय कि भारत म मतदान का कानूनन अनिवार्य बनावा जाय। बताव, लोकसभा अउ विधानसभा चुनाव म आधी जनता वोटय नाय डारत। या कौनिव बाति भई। आजु केरे दौर म ‘कोऊ नृप होय हमैं का हानि’ युहु विचार बेमानी हय। हम सभेका अपन सरकार चुनय चही।
मैंने कोरोना अपडेट देते हुए बताया कि विश्व में अबतक 40 करोड़ 89 लाख से अधिक लोग कोरोना की गिरफ्त में आ चुके हैं। इनमें 58 लाख 20 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। इसी तरह भारत में चार करोड़ 26 लाख से ज्यादा लोग कोरोना से पीड़ित हो चुके हैं। देश में अबतक पांच लाख आठ हजार से अधिक लोग बेमौत मारे जा चुके हैं। हालांकि, अब महाराष्ट्र, केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, गुजरात व दिल्ली की स्थिति सुधरने लगी है। उत्तर प्रदेश में इस बार कोरोना हावी ही नहीं हो पाया। योगी सरकार ने 14 फरवरी से प्रदेश के सभी स्कूल/कॉलेज खोलने का निर्णय ले लिया है।
भारत में अबतक कोरोना टीके की 172 करोड़ से अधिक डोज लग चुकी हैं। देश के 74 करोड़ लोगों को कोरोना टीके की दोनों डोज दी जा चुकी है। देश के ज़्यादातर बच्चों (15 से 18 वर्ष) को कोरोना टीके की पहली खुराक मिल गयी है। वहीं, कोरोना योद्धाओं और बुजुर्गों को बूस्टर डोज दी जा रही है। अगले महीने से 12 से 15 वर्ष आयु वाले बच्चों को भी वैक्सीन दी जाएगी। बहरहाल, हम सबको दो गज की दूरी और मास्क जरूरी का नियम मानना होगा। तभी हम सब इस वैश्विक महामारी से सुरक्षित रहेंगे।
अंत में चतुरी चाचा ने सभी को सात दिवसीय विदेशी वैलेंटाइन मनाने के बजाय महीने भर का अपना खूबसूरत बसन्त मनाने की नसीहत दी। इसी के साथ आज का प्रपंच समाप्त हो गया। मैं अगले रविवार को चतुरी चाचा के प्रपंच चबूतरे पर होने वाली बेबाक बतकही के साथ फिर हाजिर रहूँगा। तबतक के लिए पँचव राम-राम!

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